फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Used to call daughter - if you do not get money, I will kill your father

बेटी को करता था फोन- पैसा न दिलाया तो तेरे पिता को मार दूंगा

Wed, 30 Jun 2021 01:19 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jun 2021 01:19 AM IST
विज्ञापन
Used to call daughter - if you do not get money, I will kill your father
demo photo - फोटो : demo photo

सोमवार रात घर में घुसकर पिता से कहा- बेटियों को आगे करके कर्ज लेते हो फिर लौटाते नहीं

विज्ञापन
बरेली। सूदखोर ने ट्रांसपोर्टर पर दबाव बनाने के लिए हदें पार कर दी थीं। वह अक्सर उनकी बेटी को फोन कर पिता से पैसा दिलाने को कहता था, धमकी भी देता था अगर पैसा न दिलाया तो वह उसके पिता को घर से उठवाकर मरवा देगा। सोमवार रात नशे में धुत होकर वह जब ट्रांसपोर्टर के घर में घुसा, तब भी उसके साथी वकील ने उस पर यह कहकर ताना कसा कि उसका पिता बेटियों को आगे करके कर्ज लेता है और फिर लौटाता नहीं। सूदखोर की धमकियों से पहले से परेशान ट्रांसपोर्टर की बेटी इसी बात पर आहत होकर फंदे पर लटक गई।
पीड़ित ट्रांसपोर्टर के मुताबिक बमनपुरी में रहने वाला सूदखोर पहले से उनका परिचित था और उसके साथ उनके मित्रतापूर्ण संबंध थे। उसका उनके घर में तक आना-जाना था। कारोबार में घाटे और बीमारी से घिरने के बाद उन्होंने उससे अपनी अंगूठी बिकवाने की बात कही थी जिस पर मित्रता का हवाला देते हुए उसने खुद कर्ज लेने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद सूदखोर से उन्होंने एक लाख रुपये कर्ज लिया, उसने इसकी ब्याज दर तीन प्रतिशत बताई थी लेकिन फिर मनमानी शुरू कर दी।
विज्ञापन

अनर्गल ब्याज पर उन्होंने आपत्ति जताई तो सूदखोर उन्हें धमकाने लगा। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी बीकॉम ऑनर्स द्वितीय वर्ष और छोटी 12वीं में पढ़ती है। सबसे छोटा बेटा कक्षा नौ में पढ़ता है। ब्याज पर आपत्ति करने पर सूदखोर उनकी बड़ी बेटी को भी अक्सर फोन करके धमकी देने के साथ पैसा दिलाने के लिए दबाव बनाने लगा। कहता था, राजेंद्रनगर में उसके बहुत गुर्गे रहते हैं, अगर पैसे नहीं दिए तो उसके पिता को घर से उठवाकर हत्या करा देगा। इससे वह काफी परेशान रहती थी। सोमवार रात जब सूदखोर ने घर में घुसकर अपमानित किया तो वह इसे बर्दाश्त नहीं कर सकी और आत्मघाती कदम उठा लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

लॉकडाउन में चौपट हुआ कारोबार फिर बीमारी ने और तोड़ दी कमर

ट्रांसपोर्टर का कहना है कि लॉकडाउन में उनका कारोबार चौपट हो गया और इसी दौरान वह बीमार भी हो गए। उनके ट्रकों की दो किस्तें भी टूट गईं तो परिवार चलाना मुश्किल हो गया। हर महीने दोनों ट्रकों की 45-45 हजार रुपये की किस्त जाती है। लॉकडाउन में कारोबार न होने से वह किस्तें भर नहीं पा रहे थे। इसके साथ पिछले साल अक्तूबर में उन्हें लिवर की भी बीमारी हो गई लेकिन इलाज के लिए पैसे नहीं जुटा पाए। इसी वजह से उन्हें कर्ज लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।

लगातार घटनाएं

  • 20 मार्च : प्रेमनगर के मोहल्ला भूड़ में रहने वाले डिग्री कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अरुण कुमार को सूदखोरों ने बच्चों के सामने अपमानित किया तो उन्होंने जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी।
  • 07 जून: फरीदपुर के मूल निवासी दवा करोबारी अखिलेश गुप्ता ने शाहजहांपुर में सूदखोर से त्रस्त होकर अपनी पत्नी रेशू और बेटे शिवांग व बेटी अर्चिता के साथ खुदकुशी कर ली।
  • 12 जून : सुभाषनगर निवासी कन्फेक्शनरी सेल्समैन संजीव ने सूदखोर और वितरकों के बकाए से त्रस्त होकर खुदकुशी कर ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed