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उर्स पर शहर की भर गई झोली
बरेली
Updated Sat, 20 Dec 2014 10:13 PM IST
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आला हजरत के उर्स ने शहर में व्यापारियाें की झोली भर दी। बाहर से आए जायरीन और शहर के अकीदतमंदाें ने उर्स के बहाने खूब खरीददारी की। होटल तीन दिन तक गुलजार रहे। स्टेशन रोड, रोडवेज और सिविल लाइंस के होटलाें में भी दो दिन तक कमरे बुक रहे। शहर में कुल शरीफ के दिन रिकार्ड तोड़ बिक्री हुई। सिर्फ गरम कपड़ों की खरीददारी 10 करोड़ से ऊपर पहुंच गई।
शनिवार को भी गर्म कपड़ों की दुकान सजीं रहीं। करीब 150 से अधिक दुकानें गर्म कपड़ों की थी। यहां 150 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक के कंबल थे। बिहारीपुर ढाल पर कंबल की दुकान सजाए बमनपुरी के आरिफ ने बताया कि उनके यहां दो दिन 50-50 और कुलशरीफ के दिन 100 कंबल बिके। जितना माल था सब खत्म हो गया। एक कंबल की कीमत 12 सौ रुपये से शुरू थी। इसी तरह मीठा बेच रहे दुकानाें पर भी खूब भीड़ टूटी। हलवा व खोए की बर्फी एक दुकान पर करीब 200 किलो तक बिक गई। मिठाई की दुकान लगाए परवेज ने बताया कि 80 से 150 रुपये प्रति किलो की दर से 240 किलो विशेष मिठाई एक दिन में बेची है।
होटलों में खूब रही रौनक
शहर में लगभग सभी होटल भरे रहे। सबसे ज्यादा रौनक आला हजरत के आसपास यानी सिविल लाइंस एरिया के होटलों में रही। यहां के होटल सीताकिरन में 40 के 40 कमरे फुल थे। आलम ये था कि दो लोगाें के कमरों में चार लोग ठहरे थे। होटल के जनरल मैनेजर रोहित मेहरोत्रा ने बताया कि लोगों ने वेबसाइट से रूम बुक कराया था। इसी तरह होटल मानसरोवर के प्रबंधक राजेंद्र ने बताया कि उनके यहां 30 में से आधे से अधिक कमरे फुल थे। रोडवेज के पास के होटलाें में भी यही हाल था। यहां किराया कम होने से मांग अधिक थी।
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शनिवार को भी गर्म कपड़ों की दुकान सजीं रहीं। करीब 150 से अधिक दुकानें गर्म कपड़ों की थी। यहां 150 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक के कंबल थे। बिहारीपुर ढाल पर कंबल की दुकान सजाए बमनपुरी के आरिफ ने बताया कि उनके यहां दो दिन 50-50 और कुलशरीफ के दिन 100 कंबल बिके। जितना माल था सब खत्म हो गया। एक कंबल की कीमत 12 सौ रुपये से शुरू थी। इसी तरह मीठा बेच रहे दुकानाें पर भी खूब भीड़ टूटी। हलवा व खोए की बर्फी एक दुकान पर करीब 200 किलो तक बिक गई। मिठाई की दुकान लगाए परवेज ने बताया कि 80 से 150 रुपये प्रति किलो की दर से 240 किलो विशेष मिठाई एक दिन में बेची है।
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होटलों में खूब रही रौनक
शहर में लगभग सभी होटल भरे रहे। सबसे ज्यादा रौनक आला हजरत के आसपास यानी सिविल लाइंस एरिया के होटलों में रही। यहां के होटल सीताकिरन में 40 के 40 कमरे फुल थे। आलम ये था कि दो लोगाें के कमरों में चार लोग ठहरे थे। होटल के जनरल मैनेजर रोहित मेहरोत्रा ने बताया कि लोगों ने वेबसाइट से रूम बुक कराया था। इसी तरह होटल मानसरोवर के प्रबंधक राजेंद्र ने बताया कि उनके यहां 30 में से आधे से अधिक कमरे फुल थे। रोडवेज के पास के होटलाें में भी यही हाल था। यहां किराया कम होने से मांग अधिक थी।
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