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उर्स-ए-रजवी... लहरा उठा रजा का परचम
बरेली
Updated Thu, 18 Dec 2014 12:37 AM IST
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उर्स स्थल इस्लामियां इंटर कालेज मैदान के मुख्य द्वार पर रजा का परचम लहरा उठा है। इसी के साथ उर्स-ए-रजवी का आगाज कर दिया गया। इसका ऐलान दरगाह आला हजरत के सज्जादा नशीन मौलाना अलहाज सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) ने परचम कुशाई की रस्म अदा करते हुए किया। नातिया महफिल से उर्स कार्यक्रम की शुरुआत हुई और रात में अंतर्राष्ट्रीय नातिया मुशायरा आयोजित किया गया।
इससे पहले आजम नगर स्थित अल्लाह बख्श के निवास से परचम-ए-रजा का जुलूस निकाला गया। यहां पर नातो मनकबत के बाद दरगाह के नायब सज्जादा मौलाना अहसन रजा खां कादरी ने दुआ की और एक परचम सय्यद मुदस्सर अली व दूसरा परचम अल्लाह बख्श को सौंपा। इसके बाद यह जुलूस अहसन मियां कादरी की कयादत में रवाना हुआ। जो अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ उर्स-ए-रजवी जिंदाबाद के नारों के साथ दरगाह आला हजरत पहुंचा।
दरगाह पर सलामी के बाद यह परचमी जुलूस सज्जादानशीन अलहाज सुब्हानी की कयादत में हजारों अकीदतमंदों की भीड़ के साथ उर्स स्थल पर पहुंचा। यहां पर सुब्हानी मियां के हाथों परचम कुशाई की रस्म अदा की गई। इसके बाद कारी अब्दुर्रहमान खां कादरी ने खुसूसी दुआ की। वहीं मुफ्ती सलीम नूरी ने परचम का इतिहास बताते हुए मकसद बयान किया। इस दौरान अलहाज हसन रजा खां (नूरी मियां) सय्यद आसिफ मियां, मुफ्ती आकिल रजवी, मुफ्ती कफील हाशमी, मौलाना ताहिर, मुफ्ती अफरोज आलम, मौलाना डा. एजाज अंजुम सहित बड़ी तादात में उलमा की मौजूदगी रही। इसके बाद हाजी गुलाम सुब्हानी और साथियों ने मीलाद शरीफ पेश किया। रात में अंतर्राष्ट्रीय नातिया मुशायरा आयोजित किया गया जो देर रात तक जारी रहा।
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इससे पहले आजम नगर स्थित अल्लाह बख्श के निवास से परचम-ए-रजा का जुलूस निकाला गया। यहां पर नातो मनकबत के बाद दरगाह के नायब सज्जादा मौलाना अहसन रजा खां कादरी ने दुआ की और एक परचम सय्यद मुदस्सर अली व दूसरा परचम अल्लाह बख्श को सौंपा। इसके बाद यह जुलूस अहसन मियां कादरी की कयादत में रवाना हुआ। जो अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ उर्स-ए-रजवी जिंदाबाद के नारों के साथ दरगाह आला हजरत पहुंचा।
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दरगाह पर सलामी के बाद यह परचमी जुलूस सज्जादानशीन अलहाज सुब्हानी की कयादत में हजारों अकीदतमंदों की भीड़ के साथ उर्स स्थल पर पहुंचा। यहां पर सुब्हानी मियां के हाथों परचम कुशाई की रस्म अदा की गई। इसके बाद कारी अब्दुर्रहमान खां कादरी ने खुसूसी दुआ की। वहीं मुफ्ती सलीम नूरी ने परचम का इतिहास बताते हुए मकसद बयान किया। इस दौरान अलहाज हसन रजा खां (नूरी मियां) सय्यद आसिफ मियां, मुफ्ती आकिल रजवी, मुफ्ती कफील हाशमी, मौलाना ताहिर, मुफ्ती अफरोज आलम, मौलाना डा. एजाज अंजुम सहित बड़ी तादात में उलमा की मौजूदगी रही। इसके बाद हाजी गुलाम सुब्हानी और साथियों ने मीलाद शरीफ पेश किया। रात में अंतर्राष्ट्रीय नातिया मुशायरा आयोजित किया गया जो देर रात तक जारी रहा।
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