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Bareilly News: आरोपी महिला वकील की गिरफ्तारी पर हंगामा, तीन घंटे प्रभावित रहा काम
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बरेली। रंगदारी, संगठित अपराध समेत संगीन धाराओं में आरोपी महिला अधिवक्ता कृतिका शर्मा की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को एसीजेएम (जूनियर डिवीजन) विनेश कुमार की अदालत में तीन घंटे तक वकीलों ने हंगामा किया। पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, कोर्ट ने जमानत अर्जी निरस्त करते हुए कृतिका को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
वकीलों ने आरोप लगाया कि महिला अधिवक्ता को पहले उनके भमोरा थाना क्षेत्र के गांव लंगूरा स्थित घर से उठाया गया और बाद में एफआईआर दर्ज की गई। बार एसोसिएशन के सचिव दीपक पांडेय, संयुक्त सचिव प्रकाशन शांतनु मिश्रा, कोषाध्यक्ष धर्मवीर सिंह, नरेंद्र मिश्रा समेत काफी संख्या में वकील महिला अधिवक्ता की जमानत की पैरवी के लिए कोर्ट पहुंच गए।
वकीलों के गुस्से को देखते हुए पर्याप्त फोर्स बुला ली गई। कृतिका के वकील की ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई। इसके बाद कोर्ट ने भमोरा थानेदार को भी तलब किया, लेकिन वह अदालत नहीं पहुंचे। बाद में सीओ आशुतोष शिवम, इंस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह कोर्ट पहुंचे तो उनसे वकीलों की तकरार हुई।
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तीन घंटे तक चली खींचतान के बाद अदालत ने कृतिका शर्मा की जमानत याचिका निरस्त करते हुए उनको न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। बचाव पक्ष का कहना है कि शनिवार को सेशन कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की जाएगी। पूरे प्रकरण में पुलिस ने मनमाने ढंग से एकपक्षीय कार्रवाई की है।
कोर्ट के अंदर वकीलों की भीड़ और लगातार हो रहे हंगामे के कारण कोर्ट का कामकाज पूर्वाह्न 3:30 से 6:30 बजे तक प्रभावित रहा। भमोरा पुलिस कृतिका को लेकर कोर्ट पहुंचती, इससे पहले ही वकीलों को इस बारे में पता लग चुका था। भमोरा के एसीजेएम (कोर्ट संख्या-तीन) के अवकाश पर होने के कारण उनको कोर्ट संख्या-दो में पेश किया गया। शाम 6:30 बजे के बाद उसको जेल भेज दिया गया।
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वकीलों ने आरोप लगाया कि महिला अधिवक्ता को पहले उनके भमोरा थाना क्षेत्र के गांव लंगूरा स्थित घर से उठाया गया और बाद में एफआईआर दर्ज की गई। बार एसोसिएशन के सचिव दीपक पांडेय, संयुक्त सचिव प्रकाशन शांतनु मिश्रा, कोषाध्यक्ष धर्मवीर सिंह, नरेंद्र मिश्रा समेत काफी संख्या में वकील महिला अधिवक्ता की जमानत की पैरवी के लिए कोर्ट पहुंच गए।
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वकीलों के गुस्से को देखते हुए पर्याप्त फोर्स बुला ली गई। कृतिका के वकील की ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई। इसके बाद कोर्ट ने भमोरा थानेदार को भी तलब किया, लेकिन वह अदालत नहीं पहुंचे। बाद में सीओ आशुतोष शिवम, इंस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह कोर्ट पहुंचे तो उनसे वकीलों की तकरार हुई।
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तीन घंटे तक चली खींचतान के बाद अदालत ने कृतिका शर्मा की जमानत याचिका निरस्त करते हुए उनको न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। बचाव पक्ष का कहना है कि शनिवार को सेशन कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की जाएगी। पूरे प्रकरण में पुलिस ने मनमाने ढंग से एकपक्षीय कार्रवाई की है।
कोर्ट के अंदर वकीलों की भीड़ और लगातार हो रहे हंगामे के कारण कोर्ट का कामकाज पूर्वाह्न 3:30 से 6:30 बजे तक प्रभावित रहा। भमोरा पुलिस कृतिका को लेकर कोर्ट पहुंचती, इससे पहले ही वकीलों को इस बारे में पता लग चुका था। भमोरा के एसीजेएम (कोर्ट संख्या-तीन) के अवकाश पर होने के कारण उनको कोर्ट संख्या-दो में पेश किया गया। शाम 6:30 बजे के बाद उसको जेल भेज दिया गया।