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रेलवे कॉलोनी में धर्मस्थल निर्माण पर हंगामा, आरपीएफ ने रुकवाया निर्माण
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सोमवार को एसडीएम सदर के साथ बैठक कर मामले में लिया जाएगा फैसला
बरेली। सुभाषनगर स्थित साउथ रेलवे कॉलोनी में धर्मस्थल निर्माण को लेकर रविवार को हंगामा हो गया। बिना अनुमति मंदिर निर्माण की सूचना पर पहुंची सिविल पुलिस और आरपीएफ ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। इस कार्रवाई के खिलाफ स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन भी किया। एक साल पहले भी इसी जगह पर धर्मस्थल निर्माण को लेकर हंगामा हो चुका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनी में धर्मस्थल वर्षों पुराना है। रविवार को वहां सिर्फ छत डालने का काम किया जा रहा था। मामले में आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक विपिन शिशौदिया ने बताया इसी साल जनवरी में धर्मस्थल पर निर्माण कार्य शुरू किया गया था। दीवारें खड़ी करने के बाद लिंटर डालने के लिए शटरिंग भी लगा दी गई, लेकिन आरपीएफ ने उस दौरान काम रुकवाकर यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। एक साल से वहां शटरिंग लगी हुई है।
रविवार को वहां फिर से छत डालने का प्रयास किया गया। सूचना पर आरपीएफ और सिविल पुलिस के साथ रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर चमन सिंह मौके पर पहुंचे और निर्माण रुकवा दिया। निर्माण रोके जाने की सूचना पर एक धार्मिक संगठन से जुड़े लोग वहां पहुंच गए और कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी करने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से शटरिंग बंधी होने की वजह से हादसे का खतरा बना हुआ है। रेलिंग किसी भी समय नीचे गिर सकती है। आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक ने बताया मामले में सोमवार को एसडीएम सदर के साथ रेलवे अधिकारी भी बैठक करेंगे। इसके बाद ही धर्मस्थल निर्माण पर कोई फैसला किया जाएगा।
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बरेली। सुभाषनगर स्थित साउथ रेलवे कॉलोनी में धर्मस्थल निर्माण को लेकर रविवार को हंगामा हो गया। बिना अनुमति मंदिर निर्माण की सूचना पर पहुंची सिविल पुलिस और आरपीएफ ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। इस कार्रवाई के खिलाफ स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन भी किया। एक साल पहले भी इसी जगह पर धर्मस्थल निर्माण को लेकर हंगामा हो चुका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनी में धर्मस्थल वर्षों पुराना है। रविवार को वहां सिर्फ छत डालने का काम किया जा रहा था। मामले में आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक विपिन शिशौदिया ने बताया इसी साल जनवरी में धर्मस्थल पर निर्माण कार्य शुरू किया गया था। दीवारें खड़ी करने के बाद लिंटर डालने के लिए शटरिंग भी लगा दी गई, लेकिन आरपीएफ ने उस दौरान काम रुकवाकर यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। एक साल से वहां शटरिंग लगी हुई है।
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रविवार को वहां फिर से छत डालने का प्रयास किया गया। सूचना पर आरपीएफ और सिविल पुलिस के साथ रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर चमन सिंह मौके पर पहुंचे और निर्माण रुकवा दिया। निर्माण रोके जाने की सूचना पर एक धार्मिक संगठन से जुड़े लोग वहां पहुंच गए और कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी करने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से शटरिंग बंधी होने की वजह से हादसे का खतरा बना हुआ है। रेलिंग किसी भी समय नीचे गिर सकती है। आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक ने बताया मामले में सोमवार को एसडीएम सदर के साथ रेलवे अधिकारी भी बैठक करेंगे। इसके बाद ही धर्मस्थल निर्माण पर कोई फैसला किया जाएगा।
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