{"_id":"5d075cb28ebc3e60b45eb649","slug":"unique-penance-of-baba-lakhan-das-for-rain-in-lakhimpur-kheri","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लखीमपुर खीरी में बारिश के लिए बाबा लखन दास का अनोखा तप, आग जलता तसला रख कर रहे तपस्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखीमपुर खीरी में बारिश के लिए बाबा लखन दास का अनोखा तप, आग जलता तसला रख कर रहे तपस्या
Mon, 17 Jun 2019 02:56 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 17 Jun 2019 02:56 PM IST
विज्ञापन
तप करते हुए बाबा
- फोटो : अमर उजाला
लखीमपुर खीरी के पिपरा करमचंद सदर ब्लॉक थाना फरधान में श्याम नाथ शंकर जी के मंदिर पर बाबा श्री श्री108 लखनदास जी समाज के कल्याण के लिए दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक तप करते हैं। कड़ी धूप में आग चारों तरफ से जलाते हैं। इसके बाद अपने सर पर भी आग का जलता हुआ तसला रखते हैं।
बाबा लखनदास का यह तप क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। हजारों लोग तप देखने के लिए आ रहे हैं, बाबा जी से जानकारी लेने पर बताया कि भीषण गर्मी से जनमानस, जीव जन्तु सभी बेहाल हैं यह तप बारिश होने के लिए कर रहे हैं।
यह तप बीते सोमवार से रविवार तक चला।
श्यामनाथ तीर्थ पर तपस्या करने वाले बाबा लखनदास की उम्र 100 साल से ऊपर बताई जाती है देवरिया जिला के निवासी इन बाबा ने सात साल की उम्र में देवराहा बाबा से संन्यास लिया था।
विज्ञापन
35 साल से 84 धूनी का तप कर रहे बाबा लखनदास बताते हैं कि उन्हें कुल 36 आयोजन करने हैं यह उनका 35वां आयोजन है। बाबा लखनदास हर रोज 384 कंडे जलाकर एक घंटे उसके बीच बैठते हैं, कभी-कभी दंडवत लेट कर और कभी आग का तसला सिर पर रखकर तपस्या करते हैं।
विज्ञापन
बाबा लखनदास का यह तप क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। हजारों लोग तप देखने के लिए आ रहे हैं, बाबा जी से जानकारी लेने पर बताया कि भीषण गर्मी से जनमानस, जीव जन्तु सभी बेहाल हैं यह तप बारिश होने के लिए कर रहे हैं।
विज्ञापन
यह तप बीते सोमवार से रविवार तक चला।
श्यामनाथ तीर्थ पर तपस्या करने वाले बाबा लखनदास की उम्र 100 साल से ऊपर बताई जाती है देवरिया जिला के निवासी इन बाबा ने सात साल की उम्र में देवराहा बाबा से संन्यास लिया था।
विज्ञापन
35 साल से 84 धूनी का तप कर रहे बाबा लखनदास बताते हैं कि उन्हें कुल 36 आयोजन करने हैं यह उनका 35वां आयोजन है। बाबा लखनदास हर रोज 384 कंडे जलाकर एक घंटे उसके बीच बैठते हैं, कभी-कभी दंडवत लेट कर और कभी आग का तसला सिर पर रखकर तपस्या करते हैं।
Trending Videos
इससे पहले वे जिला शाहजहांपुर के खुटार में यह तपस्या कर चुके हैं पीलीभीत क्षेत्र में भी उनकी कठिन तपस्या लोगों ने देखी थी। वर्तमान में 10 जून से 16 जून तक उन्होंने पिपरा करमचंद में या तपस्या की है। वह कहते हैं कि अगले साल जून में 1 हफ्ते तक वे 24 घंटे की तपस्या करेंगे वह उनका 36वां और अंतिम आयोजन होगा।