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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Umesh Pal Hatyakand No details of mobile numbers of those who met Mafia Atiq brother Ashraf in jail

Umesh Pal Hatyakand: अतीक के भाई अशरफ से जेल में मिलने वालों के फोन नंबरों का नहीं मिला ब्योरा, गहराया संदेह

Tue, 28 Feb 2023 10:56 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 28 Feb 2023 10:56 AM IST
सार

प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड में माफिया अतीक अहमद व उसके परिजनों की भूमिका सामने आने के बाद बरेली जिला जेल भी सुर्खियों में है। अतीक अहमद का छोटा भाई अशरफ यहां बंद है, जिसे उमेश पाल पक्ष ने साजिश रचने के आरोप में नामजद कराया है। अब उसकी गतिविधियों को लेकर एसटीएफ व अन्य एजेंसियां जांच कर रही हैं।

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Umesh Pal Hatyakand No details of mobile numbers of those who met Mafia Atiq brother Ashraf in jail
अतीक अहमद और उसका भाई अशरफ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रयागराज में उमेश पाल की हत्या के बाद जिला जेल में बंद अशरफ अली (माफिया अतीक अहमद का भाई) की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक यहां जांच एजेंसियों को मुलाकात से जुड़े मामले में झोल मिला है। जेल प्रशासन ने एजेंसियों को अशरफ से मिलने वालों का मोबाइल नंबर नहीं मुहैया कराया है, जो शासन को भेज दिया गया है।
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प्रदेश की जेलों में प्रभावशाली बंदियों को सहूलियत मिलने का मामला नया नहीं है। दस फरवरी को चित्रकूट जेल में माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का मामला सुर्खियों में आने के बाद प्रदेश की अन्य जेलों में बंद माफिया व उनके परिजनों पर सख्ती बढ़ी है। 
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प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड में माफिया अतीक अहमद व उसके परिजनों की भूमिका सामने आने के बाद बरेली जिला जेल भी सुर्खियों में है। अतीक अहमद का छोटा भाई अशरफ यहां बंद है, जिसे उमेश पाल पक्ष ने साजिश रचने के आरोप में नामजद कराया है। अब उसकी गतिविधियों को लेकर एसटीएफ व अन्य एजेंसियां जांच कर रही हैं।
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सूत्र बताते हैं कि अशरफ से मिलने वालों की जो सूची एजेंसियों को सौंपी है, वह दुरुस्त नहीं है। जेल प्रशासन मुलाकात करने वालों से केवल आधार कार्ड की प्रति ही जमा कराता था। उनके मोबाइल नंबरों का रिकॉर्ड जेल रजिस्टर में दर्ज नहीं है।

चर्चा यह भी है कि एक आधार कार्ड जमा कर कई बार ज्यादा लोग भी मुलाकात कर लेते थे। हालांकि अभी एजेंसियों व जेल प्रशासन के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान जारी है, पर प्राथमिक जांच में झोल साफ नजर आ रहा है।

बंदियों से मुलाकात करने का तरीका जेल मैनुअल के मुताबिक ठीक है। आधार कार्ड की प्रति जमा कराकर ही मुलाकात कराई जाती है। मिलने वाले का मोबाइल नंबर दर्ज करना जरूरी नहीं है। - राजीव कुमार शुक्ला, जेल अधीक्षक, जिला जेल
 

जेल पहुंचकर अफसरों ने ली अशरफ की तलाशी
प्रयागराज में उमेश पाल व गनर की हत्या के बाद एनकाउंटर में एक आरोपी को मार गिराया गया है। सीएम योगी की सख्ती का असर बरेली में भी दिख रहा है। सोमवार को डीएम-एसएसपी ने जेल का निरीक्षण किया। अशरफ समेत अन्य बंदियों की तलाशी ली गई।

 

सोमवार दोपहर डीएम शिवाकांत द्विवेदी, एसएसपी अखिलेश चौरसिया व एसपी सिटी राहुल भाटी समेत कई अधिकारियों ने जेल में प्रवेश किया। जेल की सभी बैरकों, मेस व भोजनालय का निरीक्षण किया। अधिकारियों के साथ गई पुलिस टीम ने बंदियों व कैदियों की तलाशी ली। 

 

हालांकि, कोई अवांछित चीज नहीं मिली। डीएम-एसएसपी ने जेल अधीक्षक राजीव कुमार शुक्ला को जरूरी निर्देश दिए। एसएसपी ने इसे रुटीन चेकिंग बताया। जेल अधीक्षक को निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।
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