UP Nikay Chunav: संघ में मजबूत पकड़ व राजनीतिक सक्रियता से उमेश गौतम को मिला भाजपा का टिकट
भाजपा से 35 दावेदारों ने टिकट के लिए आवेदन किया था। पिछले सप्ताह निकाय चुनाव प्रभारी, सांसद व विधायकों की मैराथन बैठक में तीन नाम संगठन को भेजे गए थे। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक हुए मंथन में उमेश गौतम बाजी मार ले गए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली के निवर्तमान मेयर उमेश गौतम एक बार फिर भाजपा के टिकट पर मैदान में हैं। वह 2017 में भाजपा के टिकट पर ही मेयर बने थे। भाजपा से 35 दावेदारों ने टिकट के लिए आवेदन किया था। पिछले सप्ताह निकाय चुनाव प्रभारी, सांसद व विधायकों की मैराथन बैठक में तीन नाम संगठन को भेजे गए थे। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक हुए मंथन में उमेश गौतम बाजी मार ले गए। सूत्रों की माने तो पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने उनकी मुखालफत भी की थी, मगर संघ में मजबूत पकड़ और राजनीतिक सक्रियता ने उन्हें एक बार फिर मैदान में ला खड़ा किया।
2017 के नगर निकाय चुनाव में जीत हासिल करने वाले उमेश गौतम ने भी इस बार मेयर सीट पर आवेदन किया था। उनके अलावा भाजपा नेता अनुपम कपूर, गुलशन आनंद, डॉ. विनोद पागरानी व महानगर अध्यक्ष केएम अरोड़ा समेत अन्य नेताओं ने भी दावेदारी ठोकी थी। पिछले सप्ताह हुई कोर कमेटी की बैठक के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म होना शुरू हुआ तो यह भी चर्चा हुई कि पार्टी के कुछ बड़े नेता अंदरखाने उनका विरोध कर रहे हैं। ऐसे में इस बार पार्टी नए चेहरे पर दांव खेल सकती है।
दिल्ली में तय हुआ नाम
बरेली आए चुनाव प्रभारी जयवीर सिंह बैठक में तय हुए तीन नाम लेकर लखनऊ पहुंचे गए। इधर करीब एक दर्जन से अधिक प्रत्याशियों ने भी लखनऊ में डेरा डाल दिया। दो दिन तक चली बैठक के बाद लखनऊ में नाम तय नहीं हो सके। अंत में तीनों नामों का पैनल दिल्ली भेज दिया गया। दिल्ली में हुई कोर कमेटी की बैठक में दो नाम फाइनल किए गए, इसमें उमेश गौतम का नाम भी रहा। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में हुई बैठक में संघ पदाधिकारियों से भी सलाह मशविरा किया गया। संघ की पहली पसंद उमेश गौतम रहे।