फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Ulema of Bareilly making people aware about triple talaq practice

बरेली: तीन तलाक के मामले रोकने को बरेलवी उलमा ने संभाली कमान, मस्जिदों के इमाम भी कर रहे हैं लोगों को जागरूक

Tue, 06 Jul 2021 02:10 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली Published by: प्राची प्रियम Updated Tue, 06 Jul 2021 02:10 PM IST
सार

दरगाह की ओर से बनाई गई टीम लोगों को तलाक का सही तरीका बता रही है। मुफ्ती कफील हाशमी ने बताया कि आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी ने सौ साल पहले लिखा था कि एक बार में तीन तलाक मना है।

विज्ञापन
Ulema of Bareilly making people aware about triple talaq practice
तीन तलाक (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : PTI

विस्तार

तीन तलाक से मुस्लिमों को बहुत नुकसान हो रहा है। इसे रोकने के लिए हुकूमत ने कानून बनाया है। यह एक बड़ा पक्ष है, वहीं कौम को हो रहे नुकसान को मजहबी रहनुमाओं ने भी महसूस किया है। इसी के चलते आला हजरत दरगाह की ओर से बरेलवी उलमा की टीम बनाई गई है। इसमें देश भर के नामीगिरामी उलमा शामिल हैं। साथ ही मस्जिदों के इमामों को भी जिम्मेदारी दी गई हैं। 

विज्ञापन


आला हजरत दरगाह के मुफ्ती सैयद कफील हाशमी ने बताया कि लोग अब भी तीन तलाक देने से बाज नहीं आ रहे हैं। अब यह है कि इसमें झूठ बोलने की रिवायत और शामिल होती जा रही है। कई लोग तीन तलाक देते हैं और बताते दो हैं। इन तमाम खराबियों को रोकने के लिए उलमा जगह-जगह तलाक के मसाइल बयान कर रहे हैं। 
विज्ञापन


वे पहले तो तलाक की नौबत ही न आने देने और इसके अलावा कोई विकल्प न होने पर ही तलाक के सही तरीके पर अमल करने की हिदायत दे रहे हैं। लोगों को यह भी बता रहे हैं कि शरीयत के कानून को हमेशा सीने से लगा कर रखें और उस पर अमल करें। वे एक बार में तीन तलाक देने के तरीके को गलत करार दे रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इस काम के लिए खासतौर से खुद मुफ्ती सैयद कफील हाशमी के अलावा मुफ्ती मोहम्मद आकिल रजवी, डॉ. मौलाना एजाज अंजुम, मुफ्ती मोईन उद्दीन खां, मुफ्ती सलीम नूरी, मुफ्ती अफरोज आलम, मुफ्ती अब्दुल सत्तार हमदानी (पोरबंदर), अल्लामा मुख्तार अहमद बहेड़ी, सगीर अहमद जोखनपुरी, मुफ्ती सना उल्ला सीतामढ़ी, मुफ्ती शर्फउद्दीन जम्मू, मुफ्ती अब्दुल मुस्तफा (रुदौली), सैयद शाकिर अली (मुंबई), मुफ्ती फखरुद्दीन (भिवंडी), मुफ्ती सदाकत हुसैन लखनऊ, सैयद असगर इमाम (औरंगाबाद), मुफ्ती वली मोहम्मद (नागौर), मुफ्ती नूरु उज्जमा (बंगलूरू), मुफ्ती नूरुल हुदा (दिल्ली) आदि उलमा कमान संभाले हैं।

‘तीन तलाक देने वाला गुनहगार’
शरीयत में तलाक के मसले पर कानून तो पहले से है। इसके मुताबिक हर तोहर में एक तलाक दी जाए। यानी एक-एक तोहर (महीने) के अंतराल से तलाक देते हुए औरत को मौका दिया जाए। अगर इस अंतराल में बात नहीं बनती है तो आखिर में तीसरी तलाक दे कर अलहदगी कर ली जाए। मगर एक साथ तीन तलाक देने से बचें। 


मुफ्ती कफील हाशमी ने बताया कि आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी ने सौ साल पहले लिखा था कि एक बार में तीन तलाक मना है, लेकिन अगर यह हो जाती है तो मानी जाएगी, मगर एक बार में तीन तलाक देने वाला गुनहगार है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed