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यूक्रेन में फंसे बदायूं के छात्र, धमाकों के बाद बंकर में ली शरण
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शादाब के पिता आस मोहम्मद। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। रूस के हमले से थरथराए यूक्रेन में बदायूं के छात्र भी फंसे हैं। फिलहाल दो छात्रों की जानकारी मिली है जिनमें से एक अब भी वहां बंकर में सुरक्षाबलों की सुरक्षा में वक्त गुजार रहा है। यहां दोनों के परिवार के लोग उनकी सलामती को प्रार्थना कर रहे हैं। जब भी उनसे बात हो पाती है, उन्हें माहौल सुधरने की दिलासा देते हैं।
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आकाश ने बताया, सुबह ही उड़ा दिया सैन्य अड्डा, बंकर में कटे सात घंटे
बगरैन। कस्बे के मेडिकल स्टोर संचालक राजेश गुप्ता का बेटा आकाश गुप्ता यूक्रेन के खारकिब शहर में एमबीबीएस, एमडी की पढ़ाई कर रहा है। आकाश का कॉलेज वहां के खारकिब शहर में है। जबकि आकाश व उनके साथी खारकिब से दस किमी दूर एक कॉलोनी में रहते हैं। आकाश ने शुक्रवार सुबह पिता राजेश को कॉल करके बताया कि तड़के ही रूस ने खारकिब में सात हमले करके सैन्य अड्डे को उड़ा दिया। उन्होंने तो धमाके नहीं सुने पर थोड़ी देर में ही पुलिस व सुरक्षाबलों का दस्ता आ गया और इस घटनाक्रम के बारे में बताया। उनके लोकल टेलिविजन पर भी यह धमाके व इनसे हुए नुकसान की जानकारी दी जा रही थी। भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने फोर्स के जरिये उनसे संपर्क साधा और सुरक्षा का भरोसा दिलाया। फिर सुरक्षाबल उन्हें कॉलोनी में ही एक हिस्से में कई फुट गहरे बंकर में ले गए। बंकर में कई साथी छात्रों के साथ वह भी करीब सात घंटे ठहरे। बाद में फोर्स ने उन लोगों को उनके कमरे में छोड़ा। राजेश के मुताबिक आकाश ने खुद को सुरक्षित बताया। इसी 28 फरवरी को आकाश ने भारत वापसी का टिकट बुक करा रखा है पर कीव हवाई अड्डे को ही हमले में उड़ा दिया गया है जहां से उन्हें उड़ान भरनी थी। बताया कि आकाश व अन्य छात्र दूतावास के संपर्क में हैं। अधिकारी किसी पड़ोसी देश में होते हुए उन्हें भारत लाने की तैयारी में हैं। संवाद
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धमाकों से खुली शादाब की आंख, सुरक्षाबलों के साथ बंकर में कैद
सहसवान। सहसवान के मोहल्ला नवादा निवासी डॉ. आस मोहम्मद का बेटा शादाब भी यूक्रेन के ओडेसा शहर में फंसा है। फिलहाल वह बंकर में अपने रूममेट के साथ सुरक्षा में है। डॉ. आस मोहम्मद ने बताया कि बेटे से सिग्नल मिलने पर सीमित बात हो पा रही है। शादाब जहां फ्लैट में रह रहा था, वहीं कुछ दूर सैन्य अड्डे को रूस ने शुक्रवार सुबह तबाह कर दिया। शादाब व उनके साथ कमरे में रह रहे हरियाणा निवासी छात्र की आंख धमाकों से खुली। बाहर देखा तो दूर आसमान में धुआं उठ रहा था। इसके थोड़ी ही देर में सुरक्षाबल पहुंच गए और छात्रों को अपनी सुरक्षा में ले लिया। फोर्स ने छात्रों को बंकर में पहुंचा दिया है। वह फिलहाल सुरक्षित तो हैं पर सहमे हुए भी हैं। शादाब ने पिता को बताया है कि कमरे से उठाकर वह बिस्कुट व खाने का जो सामान ले गए वही खा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही माहौल बेहतर हो जाएगा और वह अपने घर वापस आ जाएंगे। डॉ. आस मोहम्मद ने बताया कि बेटा 2017 से यूक्रेन में है, कभी कोई समस्या नहीं आई। पहली बार वह व उनका पूरा परिवार चिंतित है। ऊपरवाले पर भरोसा है, जल्द ही सब ठीक हो जाएगा। संवाद
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आकाश ने बताया, सुबह ही उड़ा दिया सैन्य अड्डा, बंकर में कटे सात घंटे
बगरैन। कस्बे के मेडिकल स्टोर संचालक राजेश गुप्ता का बेटा आकाश गुप्ता यूक्रेन के खारकिब शहर में एमबीबीएस, एमडी की पढ़ाई कर रहा है। आकाश का कॉलेज वहां के खारकिब शहर में है। जबकि आकाश व उनके साथी खारकिब से दस किमी दूर एक कॉलोनी में रहते हैं। आकाश ने शुक्रवार सुबह पिता राजेश को कॉल करके बताया कि तड़के ही रूस ने खारकिब में सात हमले करके सैन्य अड्डे को उड़ा दिया। उन्होंने तो धमाके नहीं सुने पर थोड़ी देर में ही पुलिस व सुरक्षाबलों का दस्ता आ गया और इस घटनाक्रम के बारे में बताया। उनके लोकल टेलिविजन पर भी यह धमाके व इनसे हुए नुकसान की जानकारी दी जा रही थी। भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने फोर्स के जरिये उनसे संपर्क साधा और सुरक्षा का भरोसा दिलाया। फिर सुरक्षाबल उन्हें कॉलोनी में ही एक हिस्से में कई फुट गहरे बंकर में ले गए। बंकर में कई साथी छात्रों के साथ वह भी करीब सात घंटे ठहरे। बाद में फोर्स ने उन लोगों को उनके कमरे में छोड़ा। राजेश के मुताबिक आकाश ने खुद को सुरक्षित बताया। इसी 28 फरवरी को आकाश ने भारत वापसी का टिकट बुक करा रखा है पर कीव हवाई अड्डे को ही हमले में उड़ा दिया गया है जहां से उन्हें उड़ान भरनी थी। बताया कि आकाश व अन्य छात्र दूतावास के संपर्क में हैं। अधिकारी किसी पड़ोसी देश में होते हुए उन्हें भारत लाने की तैयारी में हैं। संवाद
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धमाकों से खुली शादाब की आंख, सुरक्षाबलों के साथ बंकर में कैद
सहसवान। सहसवान के मोहल्ला नवादा निवासी डॉ. आस मोहम्मद का बेटा शादाब भी यूक्रेन के ओडेसा शहर में फंसा है। फिलहाल वह बंकर में अपने रूममेट के साथ सुरक्षा में है। डॉ. आस मोहम्मद ने बताया कि बेटे से सिग्नल मिलने पर सीमित बात हो पा रही है। शादाब जहां फ्लैट में रह रहा था, वहीं कुछ दूर सैन्य अड्डे को रूस ने शुक्रवार सुबह तबाह कर दिया। शादाब व उनके साथ कमरे में रह रहे हरियाणा निवासी छात्र की आंख धमाकों से खुली। बाहर देखा तो दूर आसमान में धुआं उठ रहा था। इसके थोड़ी ही देर में सुरक्षाबल पहुंच गए और छात्रों को अपनी सुरक्षा में ले लिया। फोर्स ने छात्रों को बंकर में पहुंचा दिया है। वह फिलहाल सुरक्षित तो हैं पर सहमे हुए भी हैं। शादाब ने पिता को बताया है कि कमरे से उठाकर वह बिस्कुट व खाने का जो सामान ले गए वही खा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही माहौल बेहतर हो जाएगा और वह अपने घर वापस आ जाएंगे। डॉ. आस मोहम्मद ने बताया कि बेटा 2017 से यूक्रेन में है, कभी कोई समस्या नहीं आई। पहली बार वह व उनका पूरा परिवार चिंतित है। ऊपरवाले पर भरोसा है, जल्द ही सब ठीक हो जाएगा। संवाद

छात्र शादाब। संवाद- फोटो : BADAUN

बेटे आकाश से बात करते राजेश गुप्ता। संवाद- फोटो : BADAUN
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