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दो हजार में तमंचा और आठ हजार में बंदूक
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Mon, 05 Sep 2016 12:59 AM IST
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राजनैतिक पार्टियों की तरह अवैध असलाह बनाने वालों ने भी विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी हैं। देवरनियां थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर जलील अहमद और उसका बेटा मोइन गांव के पास अवैध असलाह फैक्ट्री चला रहे थे। देवरनियां पुलिस और एसओजी ने छापा मारकर मोइन समेत दो लोगों को दबोच लिया। मौके पर बने और अधबने 18 असलहे बरामद हुए। हिस्ट्रीशीटर देशी तमंचा दो हजार रुपये और बंदूक आठ हजार रुपये में बेचता हैं।
एसपीआरए यमुना प्रसाद ने बताया कि देवरनियां थाना क्षेत्र के मोहनपुर निवासी जलील अहमद और उसका बेटा मोइन गांव से कुछ दूर जंगल में छप्पर डालकर देशी असलाह बनाता था। मुखबिर की सूचना पर शनिवार रात देवरनियां एसओ गजेंद्र त्यागी और एसपी सिटी की स्पेशल टीम ने छापा मारकर मोइन और उसके साथ काम कर रहे मोहनपुर के जाकिर पुत्र इकरार अहमद को दबोच लिया। जबकि जलील पुलिस को चकमा देकर भाग गया। मौके पर एक देशी रायफल, दो बंदूकें 12 बोर, चार तमंचे, चार अधबने तमंचे, रायफल व तमंचों की पांच नाल और अवैध असलाह बनाने के उपकरण बरामद हुए। एसपीआरए ने बताया कि फरार हुए जलील के खिलाफ विभिन्न थानों में 10 मुकदमे दर्ज हैं। देवरनियां थाने में उसकी हिस्ट्रीशीट खुली है। वह तीन महीने पहले जमानत पर जेल से रिहा हुआ था।
पूछताछ के दौरान पुलिस को मोइन ने बताया कि वे लोग तमंचा दो से तीन हजार रुपये और देशी बंदूक आठ से दस हजार रुपये बेचते हैं। एसपीआरए ने बताया कि जलील अहमद अवैध असलाह वैसे तो आम दिनों में बनाकर बेचते हैं। चूंकि विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। चुनाव में गड़बड़ी करने वालों को देशी असलहों की जरूरत पड़ती है। चुनाव के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है।
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एसपीआरए यमुना प्रसाद ने बताया कि देवरनियां थाना क्षेत्र के मोहनपुर निवासी जलील अहमद और उसका बेटा मोइन गांव से कुछ दूर जंगल में छप्पर डालकर देशी असलाह बनाता था। मुखबिर की सूचना पर शनिवार रात देवरनियां एसओ गजेंद्र त्यागी और एसपी सिटी की स्पेशल टीम ने छापा मारकर मोइन और उसके साथ काम कर रहे मोहनपुर के जाकिर पुत्र इकरार अहमद को दबोच लिया। जबकि जलील पुलिस को चकमा देकर भाग गया। मौके पर एक देशी रायफल, दो बंदूकें 12 बोर, चार तमंचे, चार अधबने तमंचे, रायफल व तमंचों की पांच नाल और अवैध असलाह बनाने के उपकरण बरामद हुए। एसपीआरए ने बताया कि फरार हुए जलील के खिलाफ विभिन्न थानों में 10 मुकदमे दर्ज हैं। देवरनियां थाने में उसकी हिस्ट्रीशीट खुली है। वह तीन महीने पहले जमानत पर जेल से रिहा हुआ था।
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पूछताछ के दौरान पुलिस को मोइन ने बताया कि वे लोग तमंचा दो से तीन हजार रुपये और देशी बंदूक आठ से दस हजार रुपये बेचते हैं। एसपीआरए ने बताया कि जलील अहमद अवैध असलाह वैसे तो आम दिनों में बनाकर बेचते हैं। चूंकि विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। चुनाव में गड़बड़ी करने वालों को देशी असलहों की जरूरत पड़ती है। चुनाव के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है।
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