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एसटीएफ ने बहेडी के स्मैक तस्कर हाफिज से एक करोड की स्मैक बरामद की,उसका एक साथी भी गिरफ्तार
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बहेड़ी। एसटीएफ द्वारा पकडा गए तस्कर उस्मान और उसका दोस्त।
- फोटो : BAHERI
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बहेड़ी। स्मैक तस्करी में पकड़ा गया फतेहगंज पश्चिमी का उस्मान और बहेड़ी के मोहल्ला शाहगढ़ का हाफिज उर्फ मो. यूसुफ दो प्रदेशों की पुलिस के निशाने पर थे। उत्तराखंड पुलिस को हाफिज की तलाश थी तो वह बहेड़ी में रहकर धंधा संभालता था और उस्मान को यूपी के फतेहगंज पश्चिमी पुलिस की तलाश थी तो वह उत्तराखंड में रहकर सप्लाई करता था।
एसटीएफ और बहेड़ी पुलिस ने शनिवार रात दोनों को गिरफ्तार कर 1.180 किलो स्मैक, 7.40 लाख रुपये, एक स्कूटी और चार मोबाइल बरामद किए हैं। दोनों की गिरफ्तारी हाफिज के घर से की गई। बताया जाता है कि उस्मान स्कूटी से सप्लाई देने आया था। इसी बीच पुलिस ने दबिश दे दी और हाफिज के साथ वह भी पकड़ में आ गया। उससे पूछताछ में सामने आया कि किला में गिरफ्तारी के बाद वह बीमारी के आधार पर जमानत पा गया था और फिर उसने धंधा शुरू कर दिया। वह उत्तराखंड से स्कूटी से संपर्क मार्गों से होकर यहां सप्लाई करने आता था। अब पुलिस उसकी पत्नी रेहाना की तलाश में लगी है।
फतेहगंज पश्चिमी से उखड़ा तो बहेड़ी में जमाया धंधा
बताया जाता है कि बहेड़ी का हाफिज, उस्मान का पार्टनर है। फतेहगंज पश्चिमी में उसके पांव उखड़े तो उसने उत्तराखंड में ठिकाना बनाकर हाफिज के जरिये बहेड़ी में धंधा जमा लिया। यहां हाफिज के साथ मोहल्ला बाजार का मुश्ताक, नूरी मस्जिद का आरिफ भी उससे जुड़े हुए थे। उस्मान हाफिज को स्मैक लाकर देता था और ये दोनों उसे आगे सप्लाई करते थे। वहीं फतेहगंज पश्चिमी का रफाकत भी उनके साथ इस धंधे जुड़ा हुआ था।
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हाफिज की तरक्की पर खामोश थी पुलिस
स्मैक तस्करी के धंधे से हाफिज ने बहेड़ी में एक कोठी समेत तीन मकानों के अलावा तमाम कृषि भूमि भी खरीदी है। बताया जाता है कि कुछ अन्य शहरों में भी उसने संपत्ति बनाई है। इसके अलावा हाफिज कोई खास कारोबार भी नहीं करता है। चर्चा है कि पुलिस को भी उसके धंधे की जानकारी थी लेकिन कभी उस पर हाथ नहीं डाला गया। हाफिज की गिरफ्तारी के बाद बहेड़ी में पूर्व में तैनात रहे कुछ इंस्पेक्टर की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। कस्बे के लोगों का कहना है कि इससे पहले भी दो-तीन बार पुलिस ने उसे पकड़ा था लेकिन सेटिंग के चलते वह कभी जेल नहीं गया और थाने से ही छूट गया।
महिलाएं करती हैं फुटकर बिक्री
बताया जाता है कि हाफिज के गिरोह में कुछ महिलाएं भी शामिल हैं। कस्बे में रहने वाली ये महिलाएं फुटकर बिक्री का काम संभालती हैं। कई बार उत्तराखंड पुलिस ने इनकी तलाश में दबिश दी लेकिन हर बार सूचना लीक हो गई और कोई भी हाथ नहीं आया।
रिमांड लेकर पूछताछ करेगी पुलिस
इंस्पेक्टर बहेड़ी जसवीर सिंह ने बताया कि उस्मान और हाफिज से पूछताछ में कुछ नाम सामने आए हैं। उनकी तलाश की जा रही है। साथ ही उनसे अभी काफी जानकारी जुटानी बाकी है। इसके लिए दोनों का कस्टडी रिमांड लिया जाएगा।
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एसटीएफ और बहेड़ी पुलिस ने शनिवार रात दोनों को गिरफ्तार कर 1.180 किलो स्मैक, 7.40 लाख रुपये, एक स्कूटी और चार मोबाइल बरामद किए हैं। दोनों की गिरफ्तारी हाफिज के घर से की गई। बताया जाता है कि उस्मान स्कूटी से सप्लाई देने आया था। इसी बीच पुलिस ने दबिश दे दी और हाफिज के साथ वह भी पकड़ में आ गया। उससे पूछताछ में सामने आया कि किला में गिरफ्तारी के बाद वह बीमारी के आधार पर जमानत पा गया था और फिर उसने धंधा शुरू कर दिया। वह उत्तराखंड से स्कूटी से संपर्क मार्गों से होकर यहां सप्लाई करने आता था। अब पुलिस उसकी पत्नी रेहाना की तलाश में लगी है।
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फतेहगंज पश्चिमी से उखड़ा तो बहेड़ी में जमाया धंधा
बताया जाता है कि बहेड़ी का हाफिज, उस्मान का पार्टनर है। फतेहगंज पश्चिमी में उसके पांव उखड़े तो उसने उत्तराखंड में ठिकाना बनाकर हाफिज के जरिये बहेड़ी में धंधा जमा लिया। यहां हाफिज के साथ मोहल्ला बाजार का मुश्ताक, नूरी मस्जिद का आरिफ भी उससे जुड़े हुए थे। उस्मान हाफिज को स्मैक लाकर देता था और ये दोनों उसे आगे सप्लाई करते थे। वहीं फतेहगंज पश्चिमी का रफाकत भी उनके साथ इस धंधे जुड़ा हुआ था।
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हाफिज की तरक्की पर खामोश थी पुलिस
स्मैक तस्करी के धंधे से हाफिज ने बहेड़ी में एक कोठी समेत तीन मकानों के अलावा तमाम कृषि भूमि भी खरीदी है। बताया जाता है कि कुछ अन्य शहरों में भी उसने संपत्ति बनाई है। इसके अलावा हाफिज कोई खास कारोबार भी नहीं करता है। चर्चा है कि पुलिस को भी उसके धंधे की जानकारी थी लेकिन कभी उस पर हाथ नहीं डाला गया। हाफिज की गिरफ्तारी के बाद बहेड़ी में पूर्व में तैनात रहे कुछ इंस्पेक्टर की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। कस्बे के लोगों का कहना है कि इससे पहले भी दो-तीन बार पुलिस ने उसे पकड़ा था लेकिन सेटिंग के चलते वह कभी जेल नहीं गया और थाने से ही छूट गया।
महिलाएं करती हैं फुटकर बिक्री
बताया जाता है कि हाफिज के गिरोह में कुछ महिलाएं भी शामिल हैं। कस्बे में रहने वाली ये महिलाएं फुटकर बिक्री का काम संभालती हैं। कई बार उत्तराखंड पुलिस ने इनकी तलाश में दबिश दी लेकिन हर बार सूचना लीक हो गई और कोई भी हाथ नहीं आया।
रिमांड लेकर पूछताछ करेगी पुलिस
इंस्पेक्टर बहेड़ी जसवीर सिंह ने बताया कि उस्मान और हाफिज से पूछताछ में कुछ नाम सामने आए हैं। उनकी तलाश की जा रही है। साथ ही उनसे अभी काफी जानकारी जुटानी बाकी है। इसके लिए दोनों का कस्टडी रिमांड लिया जाएगा।