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डाटा रिकवरी के लिए फोरेंसिक लैब भेजे गए संजीव गर्ग के दो मोबाइल
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बरेली। प्लाइवुड फैक्टरी मालिक संजीव गर्ग हत्याकांड में पुलिस उलझ गई है। उनके घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की हार्ड डिस्क और उनके दोनों मोबाइल का डाटा गायब है। अब पुलिस ने हार्ड डिस्क और उनके मोबाइल डाटा रिकवरी के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भेजे हैं। पुलिस को इनके डाटा में उनकी मौत से जुड़ा कोई सुराग मिलने की उम्मीद है।
प्लाइवुड फैक्टरी मालिक संजीव गर्ग की 20 जनवरी को हत्या कर दी गई थी। उनका शव फतेहगंज पश्चिमी में शंखा पुल के आगे अगरास रोड पर उनकी ही कार में मिला था। घटना के खुलासे के लिए कई टीमें लगाई गईं लेकिन अब तक कोई खास नतीजा नहीं निकला। पुलिस ने एक सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो संदिग्धों के फोटो भी जारी किए, लेकिन उनकी पहचान नहीं हो सकी। पुलिस को संजीव के मोबाइल कार में ही मिले थे। इनमें लॉक लगा था लेकिन जब जांच हुई तो उनका अधिकांश डाटा डिलीट था। इस वजह से कोई खास जानकारी हाथ नहीं लगी। पुलिस ने उनके घर के सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो पता चला कि उनमें फुटेज की रिकॉर्डिंग नहीं हो रही थी। पुलिस ने उनका बैकअप लेने का भी प्रयास किया लेकिन कामयाबी नहीं मिली। लिहाजा अब इन्हें एफएसएल भेजा गया है। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण का कहना है कि एफएसएल से इनका बैकअप मिलने के बाद उसमें कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
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प्लाइवुड फैक्टरी मालिक संजीव गर्ग की 20 जनवरी को हत्या कर दी गई थी। उनका शव फतेहगंज पश्चिमी में शंखा पुल के आगे अगरास रोड पर उनकी ही कार में मिला था। घटना के खुलासे के लिए कई टीमें लगाई गईं लेकिन अब तक कोई खास नतीजा नहीं निकला। पुलिस ने एक सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो संदिग्धों के फोटो भी जारी किए, लेकिन उनकी पहचान नहीं हो सकी। पुलिस को संजीव के मोबाइल कार में ही मिले थे। इनमें लॉक लगा था लेकिन जब जांच हुई तो उनका अधिकांश डाटा डिलीट था। इस वजह से कोई खास जानकारी हाथ नहीं लगी। पुलिस ने उनके घर के सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो पता चला कि उनमें फुटेज की रिकॉर्डिंग नहीं हो रही थी। पुलिस ने उनका बैकअप लेने का भी प्रयास किया लेकिन कामयाबी नहीं मिली। लिहाजा अब इन्हें एफएसएल भेजा गया है। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण का कहना है कि एफएसएल से इनका बैकअप मिलने के बाद उसमें कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
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