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Bareilly News: आईएमए यूपीकॉन में दो सौ मेडिकल छात्रों ने दी रिसर्च पेपर प्रेजेंटेशन
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बरेली। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन यूपी के वार्षिक अधिवेशन यूपीकॉन-2025 का रविवार को समापन हुआ। आखिरी दिन मेडिकल कॉलेजों के दो सौ विद्यार्थियों ने रिसर्च पेपर प्रेजेंटेशन दी। साइंटिफिक सेशन में विशेषज्ञों ने पल्मोकॉन थीम पर फेफड़े के रोगों पर जानकारी दी।
स्टेट काउंसिल की बैठक में आईएमए संगठन के विस्तार, चिकित्सकों को जोड़ने, मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे अवैध अस्पताल, क्लीनिक आदि पर अंकुश लगाने, चिकित्सक और स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा आदि विषय पर चर्चा की गई। साइंटिफिक चेयरमैन डॉ. सुदीप अग्रवाल के मुताबिक विद्यार्थियों ने फेफड़े और गुर्दे संबंधी रिसर्च पेपर पढ़े।
केजीएमयू लखनऊ के डॉ. राजीव गर्ग ने दमा के इलाज के दौरान दवा छोड़ने के दुष्प्रभाव बताए। कानपुर के डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि निमोनिया को हल्के में न लेने को कहा। बताया कि खांसी, बुखार के साथ सीने में दर्द है तो जांच कराएं। वायरल निमोनिया कई बार जानलेवा होने की आशंका रहती है।
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चेस्ट फिजिशियन डॉ. आरजी नौटियाल ने टीबी की सीबी नाट जांच कराने पर जोर दिया ताकि एमडीआर का पता चल सके और उसके अनुरूप इलाज हो। ब्यूरो
ये रहे मौजूद
यूपीकॉन में आईएमए यूपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शरद अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष, डॉ. राजीव गोयल, डॉ. पीके अग्रवाल, निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. रवीश अग्रवाल, डॉ. विमल भारद्वाज, डॉ. रवि मेहरा, डॉ. विनोद पागरानी, डॉ. अनूप आर्य, डॉ. हिमांशु अग्रवाल, डॉ. रजत अग्रवाल, डॉ. अंशु अग्रवाल, डॉ. इरम शेफाली, डॉ. सुजॉय मुखर्जी, डॉ. राशि अग्रवाल व अन्य पदाधिकारी, सदस्य मौजूद रहे।
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स्टेट काउंसिल की बैठक में आईएमए संगठन के विस्तार, चिकित्सकों को जोड़ने, मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे अवैध अस्पताल, क्लीनिक आदि पर अंकुश लगाने, चिकित्सक और स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा आदि विषय पर चर्चा की गई। साइंटिफिक चेयरमैन डॉ. सुदीप अग्रवाल के मुताबिक विद्यार्थियों ने फेफड़े और गुर्दे संबंधी रिसर्च पेपर पढ़े।
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केजीएमयू लखनऊ के डॉ. राजीव गर्ग ने दमा के इलाज के दौरान दवा छोड़ने के दुष्प्रभाव बताए। कानपुर के डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि निमोनिया को हल्के में न लेने को कहा। बताया कि खांसी, बुखार के साथ सीने में दर्द है तो जांच कराएं। वायरल निमोनिया कई बार जानलेवा होने की आशंका रहती है।
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चेस्ट फिजिशियन डॉ. आरजी नौटियाल ने टीबी की सीबी नाट जांच कराने पर जोर दिया ताकि एमडीआर का पता चल सके और उसके अनुरूप इलाज हो। ब्यूरो
ये रहे मौजूद
यूपीकॉन में आईएमए यूपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शरद अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष, डॉ. राजीव गोयल, डॉ. पीके अग्रवाल, निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. रवीश अग्रवाल, डॉ. विमल भारद्वाज, डॉ. रवि मेहरा, डॉ. विनोद पागरानी, डॉ. अनूप आर्य, डॉ. हिमांशु अग्रवाल, डॉ. रजत अग्रवाल, डॉ. अंशु अग्रवाल, डॉ. इरम शेफाली, डॉ. सुजॉय मुखर्जी, डॉ. राशि अग्रवाल व अन्य पदाधिकारी, सदस्य मौजूद रहे।