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Bareilly News: एक साथ दो कोर्स.. मतलब नौकरी के अधिक विकल्प

Sat, 11 Oct 2025 06:02 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 11 Oct 2025 06:02 AM IST
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Two courses together means more job options
बरेली। नई शिक्षा एक के तहत उच्च शिक्षा में एक डिग्री कोर्स के दौरान डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं, इसी प्रावधान का फायदा विद्यार्थियों ने उठाना शुरू कर दिया है। इसके लिए रुहेलखंड विश्वविद्यालय कैंपस में चल रहे बहुभाषी विभाग में विदेशी भाषाओं में अधिकांश छात्र इसके साथ अन्य डिग्री कोर्स भी कर रहे हैं।
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विद्यार्थियों का कहना है कि ऐसे कोर्स का सीधा फायदा नौकरी में मिलेगा। मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र विवेक ने बताया मैं जिस क्षेत्र से हूं साउथ ईस्ट देशों में उसका ज्यादा स्कोप है। वहां की मल्टीनेशनल कॉर्पोरेशन (एमएनसी) कंपनियां उन्हीं अभ्यर्थियों को वरीयता देती हैं जो एक से अधिक भाषा जानते हैं। जिस तरह से वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार के समीकरण बदल रहे हैं, ऐसे में केवल अंग्रेजी या हिंदी भाषा अच्छी नौकरी नहीं दिला सकती।
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रुविवि के बहुभाषी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अनीता त्यागी के अनुसार विद्यार्थी अब केवल अपनी रेगुलर डिग्री पर निर्भर नहीं रहना चाहता है। इसलिए एक से अधिक कोर्स अपना रहे हैं। इस समय बहुभाषी कोर्स में अंग्रेजी, हिंदी के अतिरिक्त फ्रेंच, स्पेनिश, जर्मन, मंदारिन भाषाएं सीख रहे हैं। इन कोर्स में हर साल प्रवेश बढ़ रहे हैं। जिसमें अधिकांश छात्र इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, शिक्षा, होटल मैनेजमेंट आदि डिग्री कोर्स पहले से ही कर रहे हैं। एक से ज्यादा भाषा सीखना मतलब फ्रीलांसर के तौर पर गाइड, ट्रांसलेटर जैसी नौकरी भी आसानी से हासिल कर सकते हैं। संवाद
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अनेक भाषा सीखने से मिलेगी करियर को उड़ान- फोटो

- मैं मैनेजमेंट में स्नातक प्रथम वर्ष का छात्र हूं। इस समय जिस तरह से वैश्विक बाजार के समीकरण बदल रहे हैं, हम केवल हिंदी और अंग्रेजी भाषा पर निर्भर नहीं रह सकते। इसलिए मैं चाइना में सर्वाधिक चलने वाली मंदारिन भाषा सीख रहा हूं। - अनुग्रह शर्मा, बीएमएस



- मैं कैंपस से ही एमबीए कर रहा हूं। आगे भी इसी में करियर बनाना चाहता हूं। एक अलग भाषा सीखने से हमारी पर्सनेलिटी में बदलाव आता है। इस समय थाइलेंड, वियतनाम, चाइना जैसे साउथ ईस्ट देश अच्छे जॉब भी दे रहे हैं। - आदित्य भारती, एमबीए


- मैं बीबीएएलएलबी कर रही हूं। मुझे निजी क्षेत्र में इंटरनेशनल मार्केट में करियर बनाना है। इसलिए 4-5 भाषाएं आनी चाहिए। हिंदी-अंग्रेजी के अलावा फ्रेंच, जर्मन और स्पेनिश भी सीखूंगी। - सुकृति शर्मा
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