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Bareilly News: पांच साल में रोपे सवा दो करोड़ पौधे... धरती की कोख खाली, कागजों पर बढ़ी हरियाली

Sun, 13 Jul 2025 02:58 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 13 Jul 2025 02:58 AM IST
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Two and a quarter crore saplings planted in five years... Earth's womb is empty, greenery increased on paper
बरेली। जिले में हरियाली और वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए पांच साल में वन समेत 27 विभागों ने मिलकर सवा दो करोड़ पौधे रोपे। इस मुहिम में सौ करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च हुए, पर हरियाली सिर्फ कागजों पर बढ़ी। वास्तव में धरा का आंचल खाली है। रोपे गए ज्यादातर पौधे देखभाल के अभाव में पेड़ बनने से पहले ही दम तोड़ गए।
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हर साल जुलाई में वन महोत्सव मनाया जाता है। इस बार भी वन समेत 27 विभाग मिलकर 42 लाख पौधे रोप रहे हैं। हर वर्ष जिले को 42 से 45 लाख पौधे रोकने का लक्ष्य दिया जाता है। पिछले वर्षों में रोपे गए पौधों की स्थिति की बात करें तो आईवीआरआई परिसर, इज्जतनगर में रेलवे की भूमि, बहेड़ी में वन विभाग की ओर से स्थापित की गई वाटिका, मंझा, कैंट और रामगंगा नदी के किनारे सेना की भूमि पर रोपे गए पौधे ही सुरक्षित हैं।
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वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि उनके द्वारा रोपे गए पौधों में से 60-70 फीसदी जीवित हैं, लेकिन उनके पास अन्य विभागों की ओर से रोपे गए पौधों का सही आंकड़ा तक नहीं हैं। एक पौधा रोपने में औसतन 50 रुपये खर्च होते हैं। दूसरे विभाग पौधरोपण के बाद उनकी देखभाल नहीं करते। इस कारण करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी पौधे दम तोड़ देते हैं।
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महज 0.1 फीसदी है वन क्षेत्र, दूसरे विभागों की जमीन पर रोपे जा रहे पौधे
जिले के कुल क्षेत्रफल का 0.1 फीसदी ही वन क्षेत्र है। इस कारण पौधरोपण के लिए सेना, रेलवे, पंचायती राज विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, स्वास्थ्य, शिक्षा, आइवीआरआई की जमीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बार इज्जतनगर में रेलवे की आठ हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण किया जा रहा है। आईवीआरआई और कैंट क्षेत्र में सेना की जमीन पर भी पौधरोपण किया जा रहा है। संवाद

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बीते आठ साल में बरेली सहित पूरे प्रदेश में हरियाली बढ़ी है। एक रिपोर्ट के अनुसार बरेली प्रदेश के टॉप 10 जिलों में शामिल है, जहां वन क्षेत्र कम होने के बावजूद हरियाली बढ़ रही है। सभी विभागों की जिम्मेदारी तय की गई है। रोपे गए पौधों के पेड़ बनने तक उनकी देखभाल की जाएगी। हमारी मुहिम से आम लोग भी जुड़ रहे हैं। आने वाले दिनों में हरियाली और बढ़ेगी। - डॉ. अरुण कुमार, वन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार
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