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बरेलीः गड्ढों में फंसकर फ्लाईओवर से फिर गिरा ट्रक, ड्राइवर की हालत गंभीर
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पुल से गिरा ट्रक।
- फोटो : पुल से गिरा ट्रक।
दिल्ली-लखनऊ हाईवे: फरीदपुर में एक महीने में दूसरी बार हुई घटना, जानलेवा बन गए हैं गड्ढे
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फरीदपुर (बरेली)। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर सफर लगातार खतरनाक होता जा रहा है। गहरे गड्ढे कब हादसा करा दें, कुछ नहीं कहा जा सकता। शुक्रवार को नेशनल हाईवे पर द्वारिकेश चीनी मिल के सामने गड्ढों में फंसकर फ्लाईओवर से एक ट्रक नीचे गिर गया। एक माह में ट्रक गिरने की यह दूसरी घटना है। हादसे में ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और ड्राइवर को इलाज के लिए भिजवाया।
बिहार से गत्ता लेकर हरिद्वार जा रहा ट्रक शुक्रवार शाम पांच बजे बरेली-सीतापुर हाईवे पर द्वारिकेश चीनी मिल के सामने बने फ्लाईओवर पर पहुंचा। फ्लाईओवर से नीचे उतरते समय ट्रक गड्ढों में फंसकर अनियंत्रित हो गया। इसके बाद ट्रक बारिश के कारण चिकनी हो चुकी मिट्टी पर फिसलकर नीचे सर्विस लेन पर गिरकर पलट गया। ट्रक पलटने पर आसपास के लोग जुट गए। उन्होंने घायल ड्राइवर अमित सिंह को बाहर निकाला। इस बीच सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। गनीमत थी कि सर्विस लाइन पर न तो कोई वाहन निकल रहा था और न ही कोई सवारी जा रही थी। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया। 18 जनवरी को भी गड्ढों में फंसकर एक ट्रक फ्लाईओवर से सर्विसलेन पर पलट गया था।
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कई लोग गंवा चुके हैं जान.. फिर भी नहीं हो रहा सुधार
हाईवे का निर्माण अधूरा होने से लगातार हादसे हो रहे हैं। 10 साल से बने रहे बरेली से सीतापुर तक 80 किलोमीटर के इस हिस्से में कई लोग जान गवां चुके हैं। इसके बाद भी कोई ऐसी पहल नहीं हो सकी है, जिससे लोग सफर में सुरक्षित महसूस करें। बरेली-सीतापुर हाईवे का वर्ष 2010 में चौड़ीकरण का काम शुरू हुआ था। दिल्ली से रजऊ तक और सीतापुर से लखनऊ तक फोरलेन का काम शुरू हुए करीब पांच साल से अधिक समय हो चुका है लेकिन बरेली से सीतापुर के बीच हाईवे का काम अधर में लटका है। अब तक जो निर्माण कार्य कराया भी गया वह भी काफी घटिया है। बाद में नामित कंपनी काम छोड़ कर भाग गई। इसके बाद भी एनएचआई के अधिकारियों ने हाईवे की सुध नहीं ली। जितना कार्य किया गया औपचारिकताएं पूरी करके छोड़ दी गईं। हालात यह हो गए हैं कि टोल प्लाजा के पास खूनी मोड़ के नाम हाईवे जाना जा रहा है। वहीं इसी हाईवे पर द्वारिकेश चीनी मिल के सामने बने फ्लाईओवर पर अब तक तीन ट्रक फ्लाईओवर के नीचे पलट चुके हैं। इससे पहले घटना 18 जनवरी को शाम करीब सात बजे शाहजहांपुर से दिल्ली जा रहा ट्रक फ्लाईओवर पर गड्ढों में फंसकर नीचे सर्विस लेन पर जाकर पलट गया था। इसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इधर, हाईवे निर्माण का ठेका नई कंपनी को दिया गया है। तीन महीने के बाद भी कंपनी को प्लांट के लिए जगह नहीं मिल पाई है। कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने खूनी मोड़ पर कुछ शुरू किया था। इससे आस बंधी थी कि काम जल्द शुरू हो जाएगा लेकिन फिर सबकुछ शांत हो गया।
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