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त्रिशूल के लिए रिंग रोड का सर्वे इसी सप्ताह
बरेली
Updated Tue, 09 Feb 2016 01:31 AM IST
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राजस्व परिषद के अध्यक्ष के दौरे के बाद पुलिस और प्रशासन का फोकस त्रिशूल एयरबेस के चारों ओर रिंग रोड बनाने में आ रहीं बाधाओं को दूर करने पर रहेगा। इसके लिए अवैध कब्जे हटाए जाएंगे, जहां पर जमीन अधिग्रहण की जरूरत होगी, वहां के लिए जमीन का अधिग्रहण होगा। 50 मीटर के दायरे में बने अवैध निर्माण की 10 फरवरी को रिपोर्ट आने के बाद पुलिस-प्रशासन और वायु सेना के अधिकारियों के साथ बैठक होगी। उसी में आगे की रणनीति तैयार होगी। जिसमें रिंग रोड के लिए सर्वे की तिथि तय हो जाएगी।
रिंग रोड के लिए राज्य सरकार अपने पुराने कानून के तहत ही जमीन का अधिग्रहण करेगी। किसानों को भी प्राथमिकता के आधार पर मुआवजा मिलेगा। इस बारे में वायु सेना के अधिकारियों ने रक्षा मंत्रालय को प्रस्ताव भेज दिया है। उनके प्रस्ताव के आधार पर इसी माह में मंजूरी मिल जाएगी और नए वित्तीय वर्ष में धनराशि मिलने की संकेत मिले हैं। रक्षा मंत्रालय की ओर से त्रिशूल एयरबेस के चारों ओर रिंग रोड बनाने को सर्वे करने को कहा गया है। जिसमें यह उल्लेख होगा कि कितनी जमीन अधिग्रहीत करनी होगी । इस रोड के निर्माण में कितनी धनराशि खर्च हो सकती है।
प्रशासन की कोशिश है कि 28 फरवरी तक रिंग का प्रस्ताव तैयार करके प्रदेश सरकार और रक्षा मंत्रालय को भेज दिया जाए। सोमवार को आए राजस्व परिषद के अध्यक्ष एके गुप्ता ने भी साफ कर दिया है कि सिविल इंक्लेव और त्रिशूल एयरबेस को रिंग रोड बनाने के लिए जमीन की जरूरत होगी तो प्रदेश सरकार पुराने भूमि अधिग्रहण कानून के तहत प्राथमिकता से जमीन का अधिग्रहण करेगी। देश की सुरक्षा के मुद्दे पर किसानों को पुराने कानून के तहत जमीन देने के लिए राजी करने की कोशिश करेंगे।
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‘जल्दी ही रिंग रोड के लिए वायु सेना अधिकारियों के साथ सभी विभागों की बैठक की जानी है। उसी के साथ-साथ जमीन अधिग्रहण के लिए तहसील के माध्यम सर्वे भी कराएंगे।’ गौरव दयाल, डीएम
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रिंग रोड के लिए राज्य सरकार अपने पुराने कानून के तहत ही जमीन का अधिग्रहण करेगी। किसानों को भी प्राथमिकता के आधार पर मुआवजा मिलेगा। इस बारे में वायु सेना के अधिकारियों ने रक्षा मंत्रालय को प्रस्ताव भेज दिया है। उनके प्रस्ताव के आधार पर इसी माह में मंजूरी मिल जाएगी और नए वित्तीय वर्ष में धनराशि मिलने की संकेत मिले हैं। रक्षा मंत्रालय की ओर से त्रिशूल एयरबेस के चारों ओर रिंग रोड बनाने को सर्वे करने को कहा गया है। जिसमें यह उल्लेख होगा कि कितनी जमीन अधिग्रहीत करनी होगी । इस रोड के निर्माण में कितनी धनराशि खर्च हो सकती है।
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प्रशासन की कोशिश है कि 28 फरवरी तक रिंग का प्रस्ताव तैयार करके प्रदेश सरकार और रक्षा मंत्रालय को भेज दिया जाए। सोमवार को आए राजस्व परिषद के अध्यक्ष एके गुप्ता ने भी साफ कर दिया है कि सिविल इंक्लेव और त्रिशूल एयरबेस को रिंग रोड बनाने के लिए जमीन की जरूरत होगी तो प्रदेश सरकार पुराने भूमि अधिग्रहण कानून के तहत प्राथमिकता से जमीन का अधिग्रहण करेगी। देश की सुरक्षा के मुद्दे पर किसानों को पुराने कानून के तहत जमीन देने के लिए राजी करने की कोशिश करेंगे।
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‘जल्दी ही रिंग रोड के लिए वायु सेना अधिकारियों के साथ सभी विभागों की बैठक की जानी है। उसी के साथ-साथ जमीन अधिग्रहण के लिए तहसील के माध्यम सर्वे भी कराएंगे।’ गौरव दयाल, डीएम