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Bareilly News: चार निजी अस्पतालों में 'आयुष्मान' से नहीं मिलेगा इलाज, ब्योरा अपलोड न करने पर योजना से निलंबित

Wed, 06 May 2026 05:30 PM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Wed, 06 May 2026 05:30 PM IST
सार

प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के लिए रिकॉर्ड अपलोड न करने पर बरेली के चार निजी अस्पतालों को साचीज ने अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इससे मरीजों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा और उन्हें नकद भुगतान करना होगा।

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Treatment under the Ayushman Scheme will not be available at four private hospitals in Bareilly
आयुष्मान कार्ड - फोटो : अमर उजाला/एजेंसी

विस्तार

प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के लिए विकसित नए सॉफ्टवेयर एचएमआईएस 2.0 पर रिकॉर्ड अपलोड से चूके बरेली के चार निजी अस्पतालों को साचीज ने अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है। लिहाजा, अस्पताल में भर्ती मरीजों का इलाज अब आयुष्मान योजना से नहीं किया जा सकता।

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आयुष्मान योजना के नोडल डॉ. राकेश के मुताबिक स्टेट एजेंसी फॉर कंप्रेहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विस (साचीज) ने सक्रिय सॉफ्टवेयर को अपडेट कर 2.0 नाम दिया है। अब इस नए पोर्टल पर ही पूर्व में पंजीकृत सभी निजी अस्पतालों को अपने-अपने दस्तावेज अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। पीलीभीत बाईपास स्थित सनराइज हॉस्पिटल, मिनी बाईपास स्थित मुकुंद हॉस्पिटल चाइल्ड, मैटरनिटी एंड ट्रामा सेंटर, अल्फा हॉस्पिटल, राजेंद्र नगर स्थित मेजर नर्सिंग होम ने दस्तावेज अपलोड नहीं किए। लिहाजा, इन्हें अस्थायी रूप से सस्पेंड किया है।
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निलंबन के दौरान इन अस्पतालों में मरीज भर्ती किए जा सकेंगे लेकिन उनके इलाज का अप्रूवल साचीज से नहीं मिलेगा। मरीज भी योजना के लाभ से वंचित रहेंगे। उन्हें नकद भुगतान से इलाज कराना पड़ेगा। अस्पताल संचालकों को रिकॉर्ड अपलोड कर साचीज से संपर्क को कहा है।

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निजी अस्पतालों की लापरवाही का खामियाजा भुगतेंगे मरीज
नए पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने की लापरवाही के चलते इन अस्पतालों में आयुष्मान योजना से इलाज करा रहे मरीजों को दूसरे अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ेंगे। नोडल के अनुसार अस्पतालों को डॉक्टर, स्टाफ, बेड, उपकरण, एनओसी, इलाज आदि का ब्योरा अपलोड करना पड़ेगा। जब तक रिकॉर्ड अपलोड नहीं होगा, अस्पताल निलंबित रहेंगे। 

आयुष्मान जिला समन्वयक डॉ. अनुराग अग्रवाल के मुताबिक आयुष्मान योजना के पात्र परिवारों की संख्या करीब 4.5 लाख है। इसमें से अब तक चार लाख से ज्यादा 91 फीसदी योजना से जुड़ चुके हैं। आयुष्मान मरीजों के इलाज में बरेली प्रदेश में पहले पायदान पर है। इलाज के सापेक्ष भुगतान में भी बरेली अव्वल है।

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