फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Train canceled in half the journey, passengers created ruckus

आधे सफर में रद्द कर दी ट्रेन, यात्रियों ने किया हंगामा

Wed, 22 Dec 2021 01:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 22 Dec 2021 01:36 AM IST
विज्ञापन
Train canceled in half the journey, passengers created ruckus
बरेली जंक्शन पर दूसरी ट्रेन आने का इंतजार करते यात्री।
बरेली जंक्शन पर सुबह छह बजे टर्मिनेट की गई कामाख्या एक्सप्रेस
विज्ञापन

बरेली। पंजाब में किसान आंदोलन के चलते रेलवे ने शार्ट नोटिस पर कई ट्रेनें रद्द कर दीं। कटरा जाने वाली 15656 कामाख्या एक्सप्रेस को भी सुबह छह बजे बरेली जंक्शन पर रद्द कर दिया गया। अचानक ट्रेन रद्द होने की सूचना पर यात्रियों में रोष पैदा हो गया। यात्रियों ने जंक्शन पर हंगामा भी किया।
किसान आंदोलन के चलते ट्रेनें रद्द करने का फैसला सोमवार देर शाम लिया गया था। आंदोलन के चलते दर्जनों ट्रेनें रद्द की गईं। इनमें से कामाख्या से चलकर वैष्णो देवी धाम कटरा जाने वाली ट्रेन भी शामिल थी। ट्रेन रद्द होने की सूचना पर सोमवार आधी रात से ही जंक्शन पर तैयारियां शुरू कर दी गईं। टिकट रिफंड के लिए काउंटर खोलने के साथ कामर्शियल विभाग की चार टीमों की ड्यूटी लगाई गई। उग्र यात्री हंगामा न कर पाएं, इसको देखते हुए आरपीएफ भी मुस्तैद कर दी गई। यात्रियों को समझाने के लिए अनाउंसमेंट की भी व्यवस्था की गई। सुबह पांच बजकर 55 मिनट पर ट्रेन बरेली जंक्शन पर पहुंची।
विज्ञापन

इस दौरान ट्रेन में करीब 1700 पैसेंजर सवार थे। काफी देर तक ट्रेन खड़ी रहने पर पहले तो ट्रेन में बैठे यात्रियों को कुछ समझ नहीं आया। बाद में ट्रेन रद्द होने की सूचना मिली तो यात्रियों में रोष फैल गया। आसपास के नजदीकी जिलों में जाने वाले यात्री तो दूसरे सार्वजनिक वाहनों से गंतव्य के लिए निकल गए, लेकिन दूरदराज जाने वाले यात्री रेलवे से व्यवस्था की मांग करने लगे। स्टेशन मास्टर कक्ष के बाहर भी यात्रियों ने हंगामा किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

यात्रियों का कहना था कि रेलवे को किसान आंदोलन की जानकारी पहले से थी। ऐसे में बीच रास्ते की बजाय पहले ही ट्रेन को रद्द क्यों नहीं किया गया। हंगामा बढ़ता देख कुछ यात्रियों को दूसरी ट्रेनों से आगे के लिए रवाना किया गया। जंक्शन पर 165 यात्रियों को करीब 25 हजार का रिफंड भी दिया गया। बीच रास्ते ट्रेन रद्द होने से माता वैष्णो देवी धाम जाने वाले यात्रियों को भी बीच रास्ते में यात्रा रद्द कर वापस लौटना पड़ा।
ऑटो चालकों ने की जमकर वसूली
बीच रास्ते ट्रेन रद्द होने से परेशान यात्रियों की जेबें ऑटो वालों ने भी खूब ढीली कीं। दूसरे जिलों के यात्रियों से ऑटो वालों ने बस अड्डे तक जाने के मनमाने दाम वसूले। 20 रुपये निर्धारित किराए की बजाय यात्रियों से 100-100 तक वसूले। जंक्शन के बाहर हो रही वसूली रोकने के लिए जीआरपी भी नजर नहीं आई।
रिफंड में कम पैसे मिलने से नाराज हुए यात्री
आधे सफर में ट्रेन रद्द होने से परेशान यात्रियों को रेलवे के नियमों से भी परेशान होना पड़ा। जंक्शन पर ट्रेन रद्द करने के बाद रिफंड के तौर पर यात्रियों को सिर्फ 150-150 रुपये दिए गए। रिफंड में आधा किराया भी वापस न मिलने से परेशान यात्रियों की काफी देर तक काउंटर पर बहस हुई।
‘रेलवे ने धोखा किया है। अगर ट्रेन को रद्द ही करना था तो समय से इसकी सूचना दी जाती। समय से सूचना मिलने पर हम नजदीकी स्टेशन पर ही उतर जाते।’ - परवेज, बेतिया
‘ट्रेन को निरस्त ही किया गया तो रेलवे को पूरा पैसा भी रिफंड करना चाहिए था। 675 रुपये किराया लेने के बाद रिफंड के रूप में सिर्फ 150 रुपये दिए गए।’ - अवधेश, बेतिया
‘बिना सूचना ट्रेन रद्द करने के बाद रिफंड काउंटर पर भी कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई। घंटा भर तक लाइन में लगना पड़ा। पूरा पैसा फिर भी वापस नहीं किया।’ - अरविंद, गोरखपुर

‘रेलवे के पास पहले से आंदोलन की सूचना थी। ऐसे में ट्रेन में ही इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। वापसी की ट्रेन कब मिलेगी, इसकी जानकारी भी कोई नहीं दे रहा।’ - शेरसिंह, गोरखपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed