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डाटा लॉगर का रिकॉर्ड बना ड्राइवरों की बर्खास्तगी का आधार
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दर्ज हुआ था ट्रेन को आगे पीछे करने का मामला, मुरादाबाद से पहुंची टीम ने पॉवर केबिन में की जांच
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बरेली। डाटा लॉगर में ट्रेन को आगे-पीछे करने का मामला दर्ज होने का रिकार्ड दोनों ड्राइवरों को बर्खास्त करने का आधार बना। इसी सिलसिले में रविवार को मुरादाबाद से पहुंची टीम ने जंक्शन के पॉवर केबिन में जांच की।
शनिवार को काशी विश्वनाथ के ड्राइवर एससी पांडेय और सहायक ड्राइवर प्रमोद कुमार को मंडल कार्यालय मुरादाबाद में तलब किया गया था। शाम को मुरादाबाद डिवीजन के एडीआरएम अश्विनी कुमार ने दोनों को बर्खास्त कर दिया। एडीआरएम ने बताया था कि जांच के लिए टीम बनाई गई है, जो एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। शुक्रवार को नई दिल्ली से वाराणसी जा रही काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस को सीबी गंज स्टेशन के स्टार्टर सिग्नल पर रोका गया। उस समय जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर ट्रेन खड़ी हुई थी। ड्राइवर एससी पांडेय ने लापरवाही दिखाते हुए रेड सिग्नल पार कर दिया। आगे लाइन क्लीयर न होने पर ट्रेन रुक गई, लेकिन तब तक इंजन समेत चार कोच रेड सिग्नल के पार हो गए थे। गलती का अहसास होने पर ड्राइवर ने ट्रेन को बैक किया था। रविवार को मुरादाबाद से आई एडीआरएम की जांच टीम जंक्शन पहुंची। उसने पॉवर केबिन से डाटा लॉगर का रिकॉर्ड निकलवाया तो यह सच्चाई सामने आ गई।
शनिवार को काशी विश्वनाथ के ड्राइवर एससी पांडेय और सहायक ड्राइवर प्रमोद कुमार को मंडल कार्यालय मुरादाबाद में तलब किया गया था। शाम को मुरादाबाद डिवीजन के एडीआरएम अश्विनी कुमार ने दोनों को बर्खास्त कर दिया। एडीआरएम ने बताया था कि जांच के लिए टीम बनाई गई है, जो एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। शुक्रवार को नई दिल्ली से वाराणसी जा रही काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस को सीबी गंज स्टेशन के स्टार्टर सिग्नल पर रोका गया। उस समय जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर ट्रेन खड़ी हुई थी। ड्राइवर एससी पांडेय ने लापरवाही दिखाते हुए रेड सिग्नल पार कर दिया। आगे लाइन क्लीयर न होने पर ट्रेन रुक गई, लेकिन तब तक इंजन समेत चार कोच रेड सिग्नल के पार हो गए थे। गलती का अहसास होने पर ड्राइवर ने ट्रेन को बैक किया था। रविवार को मुरादाबाद से आई एडीआरएम की जांच टीम जंक्शन पहुंची। उसने पॉवर केबिन से डाटा लॉगर का रिकॉर्ड निकलवाया तो यह सच्चाई सामने आ गई।
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क्या है डाटा लॉगर
डाटा लॉगर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होती है, जो ट्रेन के आने-जाने का डाटा रीड करती है। यह जंक्शन के दोनों ओर प्लेटफार्म शुरू होने से पहले पटरी से कनेक्ट की जाती है। जैसे ही ट्रेन का पहला पहिया प्लेटफार्म के सामने आता है, डाटा लॉगर इसकी टाइमिंग रिपोर्ट मंडल मुख्यालय को भेज देता है। ऐसा ही ट्रेन रवाना होने के बाद होता है। रेलवे स्टेशनों के सिग्नल पैनल को डाटा लॉगर से जोड़ा जाता है, जिससे किसी भी स्थिति में सिग्नल के फेल होने की जानकारी मंडल मुख्यालय खुद पहुंच जाती है।
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