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व्यापारी रोकेंगे तेल में मिलावट और घटतौली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Tue, 03 May 2016 01:49 AM IST
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शहर में केमिकल मिलाकर बन रहे तेल घटतौली के लेकर अमर उजाला की खबरों का संज्ञाने लेते हुए सोमवार को व्यापारियों ने एक जुट होकर कहा है कि खाद्य तेल में काला कारोबार नहीं होने देने का संकल्प लिया। केमिकल और घातक पदार्थों की मिलावट पर कारोबारी का सामाजिक बहिष्कार होगा। घटतौली पर अंकुश लगाने के लिए पैकिंग और वजन आदि के मानक भी तय किए हैं।
सोमवार दोपहर दो बजे उद्योग व्यापार मंडल कार्यालय पर हुई बैठक में प्रमुख खाद्य तेल कारोबारी एकत्रित हुए। जिसमें ‘अमर उजाला’ की ओर नकली सरसों तेल और घटतौली रोकने के लिए चलायी जा रही मुहिम पर दो घंटे तक चर्चा हुई। सभी व्यापारियों ने एक जुट होकर कहा कि खाद्य तेल में किसी भी तरह का केमिकल और घातक पदार्थ नहीं मिलाया जाएगा, क्योंकि इससे जन स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है। सरसों तेल में मिलाए जाने वाला सिंथेटिक केमिकल, और रंग लीवर, दिल, किडनी पर सीधा असर करता है। ऐसी मिलावट सामाजिक अपराध है। प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने कानूनी पक्ष रखते हुए कहा कि ऐसी मिलावट पर संज्ञेय अपराध बनता है। इसीलिए सभी व्यापारियों को ग्राहक और जनहित में कारोबार करना होगा। घटतौली भी ग्राहक के साथ धोखाधड़ी है। बैठक में सर्व सम्मति से तय हुआ कि अगर कोई व्यापारी केमिकल से नकली तेल बनाने और घटतौली करेगा तो उसका सामाजिक बहिष्कार होगा। उद्योग व्यापार मंडल ऐसे कारोबारियों को पकड़वाने में कोई हिचक नहीं करेगा। कारोबारी बोले कि अब तो घर के सदस्य भी पूछने लगे है कि यह काला कारोबार क्या है। घरों में जवाब देना मुश्किल हो रहा है। इसलिए गलत धंधे को रोकना सभी की जिम्मेदारी है।
तय हुए पैकिंग नियम
बैठक में तय हुआ कि एक लीटर की पैकिंग में 910 ग्राम शुद्ध माल होना जरूरी है। टिन की 15 लीटर की पैकिंग में तेल का वजन 13 किलो 650 ग्राम होना चाहिए। टिन के साथ लगने वाला गत्ते, पैकिंग आदि का वजन इसमें शामिल नहीं होगा।
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टेस्टिंग और तकनीकी मुफ्त
बैठक में मौजूद बीएल एग्रो प्रमुख घनश्याम खंडेलवाल और खंडेलवाल आयल के मुखिया दिलीप खंडेलवाल ने कहा कि किसी भी व्यापारी को खाद्य तेल उद्योग से संबंधित तकनीकी तथा अन्य जानकारी चाहिए तो उनका संस्थान उपलब्ध कराएगा। इसी तरह खाद्य तेल की टेस्टिंग आदि की सुविधा भी नि: शुल्क कराई जा सकती है।
अवैध टैंकरों का बहिष्कार करें
व्यापारियों ने तय किया कि रामपुर, हापुड़, रुद्रपुर, आगरा आदि स्थानों से आ रहे अवैध इडेबल आयल से भरे टैंकरों का बहिष्कार किया जाएगा। जिससे बरेली बाजार की प्रतिष्ठा बनी रहे। बैठक में दुर्गेश कुमार, महेश कनौजिया, सचिन गुप्ता, जुगल सुखानी, अमित अग्रवाल, गोपाल खंडेलवाल, पल्लव अग्रवाल, कन्हैया भाटिया, विपुल सचदेवा आदि ने विचार रखे।
गायब हुए केमिकल
बरेली। अमर उजाला ने नकली सरसों तेल केमिकल और सिंथेटिक रंग मिलाने का भंडाफोड़ किया तो शास्त्री बाजार, किला, शहामतगंज बाजार आदि में बिकने वाला सिंथेटिक रंग और केमिकल गायब हो गया है। दुकानदार मांगने पर भी उसे नहीं दे रहे हैं
15 कारोबारी, बाकी खिलाड़ी
बरेली। खाद्य तेल के कारोबार में सिर्फ 15 पैकिंग फर्मे पंजीकृत हैं बाकी के सब खेल में लगे हुए हैं। पैकर्स का रजिस्ट्रेशन अधिकतम एक फर्म अधिकतम पांच मीट्रिक टन साल का टर्न ओवर कर सकती हैं। बरेली में खाद्य तेल का वार्षिक कारोबार सात लाख मीट्रिक टन से अधिक है। शहामतगंज, माघोबाड़ी, नईबस्ती, नरकुला गंज, ब्रह्मपुरा, कालीबाड़ी आदि इलाकों में पुलिस और एफसडीए की मिलीभगत से तैयार किया जाता है। सब कुछ जानकारी होने के बावजूद अधिकारी इनके खिलाफ छापेमारी की कोशिश भी नहीं करते हैं।
इन्फो
पॉम आयल की रिफायनरी - 01
सेंट्रल रजिस्ट्रेशन पंजीकरण - 08
जिले में पैकर्स पंजीकरण - 15
(स्रोत: खाद्य सुरक्षा आयुक्त कार्यालय)।
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सोमवार दोपहर दो बजे उद्योग व्यापार मंडल कार्यालय पर हुई बैठक में प्रमुख खाद्य तेल कारोबारी एकत्रित हुए। जिसमें ‘अमर उजाला’ की ओर नकली सरसों तेल और घटतौली रोकने के लिए चलायी जा रही मुहिम पर दो घंटे तक चर्चा हुई। सभी व्यापारियों ने एक जुट होकर कहा कि खाद्य तेल में किसी भी तरह का केमिकल और घातक पदार्थ नहीं मिलाया जाएगा, क्योंकि इससे जन स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है। सरसों तेल में मिलाए जाने वाला सिंथेटिक केमिकल, और रंग लीवर, दिल, किडनी पर सीधा असर करता है। ऐसी मिलावट सामाजिक अपराध है। प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने कानूनी पक्ष रखते हुए कहा कि ऐसी मिलावट पर संज्ञेय अपराध बनता है। इसीलिए सभी व्यापारियों को ग्राहक और जनहित में कारोबार करना होगा। घटतौली भी ग्राहक के साथ धोखाधड़ी है। बैठक में सर्व सम्मति से तय हुआ कि अगर कोई व्यापारी केमिकल से नकली तेल बनाने और घटतौली करेगा तो उसका सामाजिक बहिष्कार होगा। उद्योग व्यापार मंडल ऐसे कारोबारियों को पकड़वाने में कोई हिचक नहीं करेगा। कारोबारी बोले कि अब तो घर के सदस्य भी पूछने लगे है कि यह काला कारोबार क्या है। घरों में जवाब देना मुश्किल हो रहा है। इसलिए गलत धंधे को रोकना सभी की जिम्मेदारी है।
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तय हुए पैकिंग नियम
बैठक में तय हुआ कि एक लीटर की पैकिंग में 910 ग्राम शुद्ध माल होना जरूरी है। टिन की 15 लीटर की पैकिंग में तेल का वजन 13 किलो 650 ग्राम होना चाहिए। टिन के साथ लगने वाला गत्ते, पैकिंग आदि का वजन इसमें शामिल नहीं होगा।
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टेस्टिंग और तकनीकी मुफ्त
बैठक में मौजूद बीएल एग्रो प्रमुख घनश्याम खंडेलवाल और खंडेलवाल आयल के मुखिया दिलीप खंडेलवाल ने कहा कि किसी भी व्यापारी को खाद्य तेल उद्योग से संबंधित तकनीकी तथा अन्य जानकारी चाहिए तो उनका संस्थान उपलब्ध कराएगा। इसी तरह खाद्य तेल की टेस्टिंग आदि की सुविधा भी नि: शुल्क कराई जा सकती है।
अवैध टैंकरों का बहिष्कार करें
व्यापारियों ने तय किया कि रामपुर, हापुड़, रुद्रपुर, आगरा आदि स्थानों से आ रहे अवैध इडेबल आयल से भरे टैंकरों का बहिष्कार किया जाएगा। जिससे बरेली बाजार की प्रतिष्ठा बनी रहे। बैठक में दुर्गेश कुमार, महेश कनौजिया, सचिन गुप्ता, जुगल सुखानी, अमित अग्रवाल, गोपाल खंडेलवाल, पल्लव अग्रवाल, कन्हैया भाटिया, विपुल सचदेवा आदि ने विचार रखे।
गायब हुए केमिकल
बरेली। अमर उजाला ने नकली सरसों तेल केमिकल और सिंथेटिक रंग मिलाने का भंडाफोड़ किया तो शास्त्री बाजार, किला, शहामतगंज बाजार आदि में बिकने वाला सिंथेटिक रंग और केमिकल गायब हो गया है। दुकानदार मांगने पर भी उसे नहीं दे रहे हैं
15 कारोबारी, बाकी खिलाड़ी
बरेली। खाद्य तेल के कारोबार में सिर्फ 15 पैकिंग फर्मे पंजीकृत हैं बाकी के सब खेल में लगे हुए हैं। पैकर्स का रजिस्ट्रेशन अधिकतम एक फर्म अधिकतम पांच मीट्रिक टन साल का टर्न ओवर कर सकती हैं। बरेली में खाद्य तेल का वार्षिक कारोबार सात लाख मीट्रिक टन से अधिक है। शहामतगंज, माघोबाड़ी, नईबस्ती, नरकुला गंज, ब्रह्मपुरा, कालीबाड़ी आदि इलाकों में पुलिस और एफसडीए की मिलीभगत से तैयार किया जाता है। सब कुछ जानकारी होने के बावजूद अधिकारी इनके खिलाफ छापेमारी की कोशिश भी नहीं करते हैं।
इन्फो
पॉम आयल की रिफायनरी - 01
सेंट्रल रजिस्ट्रेशन पंजीकरण - 08
जिले में पैकर्स पंजीकरण - 15
(स्रोत: खाद्य सुरक्षा आयुक्त कार्यालय)।