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व्यापारियों का हो बीमा, आग लगाने पर मिले क्षतिपूर्ति : कंछल
Fri, 01 May 2026 01:23 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 01 May 2026 01:23 AM IST
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जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों को सरकारी कर्मचारियों की तरह स्वास्थ्य बीमा और प्रतिष्ठान में आग लगने पर एक करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी जाए। सरकार की ओर से वसूले जाने वाले ब्याज को 18 से घटाकर 9 फीसदी की जाए। विद्युत और गृहकर की वाणिज्यिक दरों को घरेलू दरों के बराबर किया जाए। ये बात शहर पहुंचे उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बनवारीलाल कंछल ने चौपुला स्थित कार्यालय में कहीं।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ट्रेडिंग बढ़ने से व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। सरकार को इस पर सख्त नीति बनानी चाहिए। व्यापार मंडल की ओर से 25 सूत्री मांगों को सरकार के सामने रखा गया है। ये मांगें देश के सात करोड़ व्यापारियों और उनके कर्मचारियों के हित में आवश्यक हैं। प्रदेश में 18 हजार से अधिक इकाइयां सक्रिय हैं। व्यापारी प्रतिवर्ष अरबों रुपये का कर सरकार को देते हैं, जिससे देश की योजनाएं चलती हैं। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष देवेन्द्र जोशी, महानगर अध्यक्ष शोभित सक्सेना, अमरजीत सिंह बक्शी, दानिश जमाल, मनोज अरोरा, अश्वनी अरोरा, रौनक ओबेरॉय, विशाल सक्सेना आदि मौजूद रहे।
ये हैं प्रमुख मांगें
एक देश-एक चुनाव, एक देश-एक टैक्स की तर्ज पर एक दुकान-एक लाइसेंस की व्यवस्था लागू की जाए। सभी विभागों के लाइसेंस 10 वर्ष का शुल्क लेकर आजीवन किए जाएं। मनमानी गृहकर वृद्धि पर रोक लगाकर इसे केवल 10 फीसदी तक सीमित किया जाए। संगठन ने जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के लिए विधान परिषद और राज्यसभा में दस-दस सीटें आरक्षित करने की मांग की है। नगर निकायों की कमेटियों में भी पांच-पांच सीटें आरक्षित करने का सुझाव दिया गया है। पटरी दुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन बनाकर उन्हें व्यवस्थित स्थान देने की मांग की गई है। जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों की सामान्य मृत्यु पर 50 लाख रुपये की सरकारी सहायता देने की भी मांग की गई है।
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उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ट्रेडिंग बढ़ने से व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। सरकार को इस पर सख्त नीति बनानी चाहिए। व्यापार मंडल की ओर से 25 सूत्री मांगों को सरकार के सामने रखा गया है। ये मांगें देश के सात करोड़ व्यापारियों और उनके कर्मचारियों के हित में आवश्यक हैं। प्रदेश में 18 हजार से अधिक इकाइयां सक्रिय हैं। व्यापारी प्रतिवर्ष अरबों रुपये का कर सरकार को देते हैं, जिससे देश की योजनाएं चलती हैं। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष देवेन्द्र जोशी, महानगर अध्यक्ष शोभित सक्सेना, अमरजीत सिंह बक्शी, दानिश जमाल, मनोज अरोरा, अश्वनी अरोरा, रौनक ओबेरॉय, विशाल सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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ये हैं प्रमुख मांगें
एक देश-एक चुनाव, एक देश-एक टैक्स की तर्ज पर एक दुकान-एक लाइसेंस की व्यवस्था लागू की जाए। सभी विभागों के लाइसेंस 10 वर्ष का शुल्क लेकर आजीवन किए जाएं। मनमानी गृहकर वृद्धि पर रोक लगाकर इसे केवल 10 फीसदी तक सीमित किया जाए। संगठन ने जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के लिए विधान परिषद और राज्यसभा में दस-दस सीटें आरक्षित करने की मांग की है। नगर निकायों की कमेटियों में भी पांच-पांच सीटें आरक्षित करने का सुझाव दिया गया है। पटरी दुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन बनाकर उन्हें व्यवस्थित स्थान देने की मांग की गई है। जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों की सामान्य मृत्यु पर 50 लाख रुपये की सरकारी सहायता देने की भी मांग की गई है।
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