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आज से ट्रायल पर दिखेगा टेल्गो का दम
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sun, 29 May 2016 02:03 AM IST
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देश में हाईस्पीट ट्रेन चलाने के सपने को साकार करने के लिए स्पेन से लाए गए टेल्गो के कोच को ट्रैक पर उतारने की घड़ी आ गई। रविवार को सुबह जैसे ही घड़ी 8:50 बजे का समय बताएगी, बरेली जंक्शन पर खड़ी टेल्गो मुरादाबाद रूट पर रवाना हो जाएगी। हालांकि यह ट्रायल होगा और इसकी शुरुआत 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से होगी।
रविवार को सुबह टेल्गो को रवाना करते वक्त आरडीएसओ की टीम भी मौजूद रहेगी। अभी यह तय नहीं है कि इसे किस प्लेटफार्म से रवाना किया जाएगा। जंक्शन से जाने वाली ट्रेनों से सामंजस्य बनाकर इसको प्लेटफार्म दिया जाएगा। रेलवे के सूत्रों ने बताया कि ट्रायल के लिए उत्तर रेलवे से अनुमति मिल चुकी है। इज्जतनगर रेलवे कारखाना में लाए गए टेल्गो के सभी नौ कोच को एसेंबल करने के बाद इंजन से जोड़ दिया गया। शुक्रवार को इज्जतनगर से देवरनियां स्टेशन तक इंस्ट्रमेंशन और कोच के टेस्ट के बाद लखनऊ से आई आरडीएसओ की टीम ने टेल्गो के ट्रायल की अनुमति दे दी। पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतपनगर के प्रवक्ता ने बताया कि बरेली-मुरादाबाद रूट पर ट्रायल के बाद ट्रेन को दूसरे रूट पर चलाया जाएगा। इसके बाद ही मुंबई को यह ट्रेन दौड़ेगी। टेल्गो की रफ्तार दो सौ किलोमीटर प्रति घंटा है।
डीरेका के इंजन में भी है दम
- 220 किमी स्पीड की क्षमता है डब्ल्यूडीपी4 इंजन में
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। टेल्गो ट्रेन को रफ्तार देने में लगाए गए बनारस से आए डीरेका का डब्ल्यूडीपी4 इंजन अधिकतम 220 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम है। स्पेन की तकनीक पर आधारित हाईस्पीड टेल्गो बोगियों के साथ इसका ट्रायल रविवार को बरेली-मुरादाबाद रूट पर होगा। ट्रायल सफल रहा तो डीरेका की उपलब्धियों में एक और कड़ी जुड़ जाएगी। डीरेका में निर्मित 4000 अश्व शक्ति क्षमता के डीजल रेल इंजन डब्ल्यूडीपी4 की आठ बोगियों के साथ अधिकतम रफ्तार 220 किमी प्रति घंटे की है। डीरेका के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक फिलहाल इस इंजन का उत्पादन बंद है क्योंकि रेलवे की जरूरत के अनुसार इंजन का उत्पादन करना होता है और यहां ज्यादा बोगियों को खींचने वाले इंजन की जरूरत होती है। इस लिहाज से डब्ल्यूडीपी 4 के नए वर्जन का उत्पादन किया जा रहा है, जिसमें ज्यादा भार खींचने की क्षमता अधिक है लेकिन रफ्तार कम है। हाईस्पीड ट्रेन के लिहाज से डब्ल्यूडीपी4 इंजन का ट्रायल सफल रहा तो रेलवे बोर्ड फिर से इसके उत्पादन को हरी झंडी दे सकता है।
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रविवार को सुबह टेल्गो को रवाना करते वक्त आरडीएसओ की टीम भी मौजूद रहेगी। अभी यह तय नहीं है कि इसे किस प्लेटफार्म से रवाना किया जाएगा। जंक्शन से जाने वाली ट्रेनों से सामंजस्य बनाकर इसको प्लेटफार्म दिया जाएगा। रेलवे के सूत्रों ने बताया कि ट्रायल के लिए उत्तर रेलवे से अनुमति मिल चुकी है। इज्जतनगर रेलवे कारखाना में लाए गए टेल्गो के सभी नौ कोच को एसेंबल करने के बाद इंजन से जोड़ दिया गया। शुक्रवार को इज्जतनगर से देवरनियां स्टेशन तक इंस्ट्रमेंशन और कोच के टेस्ट के बाद लखनऊ से आई आरडीएसओ की टीम ने टेल्गो के ट्रायल की अनुमति दे दी। पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतपनगर के प्रवक्ता ने बताया कि बरेली-मुरादाबाद रूट पर ट्रायल के बाद ट्रेन को दूसरे रूट पर चलाया जाएगा। इसके बाद ही मुंबई को यह ट्रेन दौड़ेगी। टेल्गो की रफ्तार दो सौ किलोमीटर प्रति घंटा है।
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डीरेका के इंजन में भी है दम
- 220 किमी स्पीड की क्षमता है डब्ल्यूडीपी4 इंजन में
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। टेल्गो ट्रेन को रफ्तार देने में लगाए गए बनारस से आए डीरेका का डब्ल्यूडीपी4 इंजन अधिकतम 220 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम है। स्पेन की तकनीक पर आधारित हाईस्पीड टेल्गो बोगियों के साथ इसका ट्रायल रविवार को बरेली-मुरादाबाद रूट पर होगा। ट्रायल सफल रहा तो डीरेका की उपलब्धियों में एक और कड़ी जुड़ जाएगी। डीरेका में निर्मित 4000 अश्व शक्ति क्षमता के डीजल रेल इंजन डब्ल्यूडीपी4 की आठ बोगियों के साथ अधिकतम रफ्तार 220 किमी प्रति घंटे की है। डीरेका के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक फिलहाल इस इंजन का उत्पादन बंद है क्योंकि रेलवे की जरूरत के अनुसार इंजन का उत्पादन करना होता है और यहां ज्यादा बोगियों को खींचने वाले इंजन की जरूरत होती है। इस लिहाज से डब्ल्यूडीपी 4 के नए वर्जन का उत्पादन किया जा रहा है, जिसमें ज्यादा भार खींचने की क्षमता अधिक है लेकिन रफ्तार कम है। हाईस्पीड ट्रेन के लिहाज से डब्ल्यूडीपी4 इंजन का ट्रायल सफल रहा तो रेलवे बोर्ड फिर से इसके उत्पादन को हरी झंडी दे सकता है।
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