बीडीए के जर्जर भवन से टूटकर गिरीं टाइल्स, दो स्कूटी क्षतिग्रस्त
पासपोर्ट कार्यालय और बैंकों को बेचा जा चुका है भवन, दहशत में आसपास के लोग
डीडीपुरम में करीब 25 साल पहले बीडीए ने दो भवन बनाए थे। इनमें एक भवन में बीडीए का ऑफिस है, जबकि उत्तर दिशा में बना दूसरा भवन पासपोर्ट ऑफिस एवं बैंकों को बेच दिया गया था। दोनों ही भवनों में बाहर की ओर पत्थर की टाइल्स लगाई गई हैं, जो आए दिन टूटकर नीचे गिरती रहती हैं। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे पासपोर्ट ऑफिस वाले भवन में पीछे की ओर किराना व्यापारी तरुण अग्रवाल की दुकान के सामने तीसरी मंजिल के छज्जे में लगीं सभी टाइल्स सीमेंट समेत छूटकर गिर गईं। गनीमत रही कि उस समय कोई व्यक्ति वहां नहीं खड़ा था, लेकिन छज्जे के नीचे खड़ी तरुण अग्रवाल और बीडीए कर्मचारी पारस शर्मा की स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गईं। इस घटना से आसपास के लोग दहशत में आ गए। उनका कहना है कि आए दिन टाइल्स छूटकर गिरती हैं, इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
खिड़कियों के शीशे भी टूटकर गिर रहे
आसपास के लोगों ने बताया कि बीडीए के दोनों ही भवनों में लगी खिड़कियां बाहर की ओर खुलती हैं। इसकी वजह से कभी बंदरों की उछलकूद तो कभी तेज हवा के कारण खिड़की के शीशे टूटकर नीचे गिर जाते हैं। लोगों का कहना है कि ये खिड़कियां भी किसी दिन जानलेवा साबित हो सकती हैं।गल गए सीमेंट के पिलर, बाहर से दिख रहीं सरिया
पासपोर्ट ऑफिस वाली इमारत की उत्तरी दीवार सीलन से खराब हो चुकी है और प्लास्टर छूटकर गिर रहा है। इसके अलावा सीमेंट के कुछ पिलर भी जर्जर हो गए हैं। उनमें से सरिया बाहर दिखने लगी हैं। जर्जर होने के कारण कुछ पिलर चटक भी गए हैं।लोगों ने घर में लगवाई लोहे की जाली
पासपोर्ट ऑफिस के बराबर वाले घर में कई बार टाइल्स टूटकर गिर चुकी हैं और कार भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसे देखते हुए पड़ोसियों ने अपने घर के बाहर कार खड़ी करने की जगह और घर के अंदर गैलरी को जाली लगाकर बंद करा दिया है ताकि ऊपर से टाइल्स गिरने पर कोई चोटिल न हो।
लोगों की बात
बिल्डिंग की टाइल्स आए दिन टूटकर नीचे गिरती हैं, इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। शुक्रवार को तीसरी मंजिल से टाइल्स गिरने से मेरी और एक बीडीए कर्मचारी की स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गई। - तरुण अग्रवाल, किराना व्यापारी
मैं यहां 24 साल से प्रेस करने का काम कर रहा हूं। करीब दो सालों से टाइल्स और खिड़कियों के शीशे टूटकर नीचे गिर रहे हैं लेकिन कोई ध्यान नहीं देता है। कभी बड़ा हादसा भी हो सकता है। - नेतराम, प्रेसवाला
दो-तीन दिन पहले पासपोर्ट ऑफिस के सामने वाले हिस्से से टाइल्स टूटकर गिरी थीं। इससे एक कार क्षतिग्रस्त हो गई थी। कई बार बंदरों की उछलकूद के कारण भी टाइल गिर जाती हैं। - नीरज, इलेक्ट्रीशियन
बीडीए की बिल्डिंग के पास खड़े होना खतरे से खाली नहीं है। कभी भी पत्थर की टाइल्स छूटकर नीचे गिर जाती हैं। इनका वजन भी ज्यादा है, अगर कोई चपेट में आ गया तो उसकी जान भी जा सकती है। - पूरनलाल, क्षेत्रीय निवासी
भवन काफी पुराना हो गया है। टाइल्स छूटकर नीचे गिरने की जानकारी मिली है, मगर किसी को चोट नहीं आई है। जो टाइल्स गिरी हैं, उन्हें सही करा दिया जाएगा। - जोगिंदर सिंह, वीसी, बीडीए