{"_id":"57f801454f1c1b6a5326fd49","slug":"tiff-12-million-in-the-work-of-these-commissions-is","type":"story","status":"publish","title_hn":"तो ये झगड़ा12 करोड़ के कामों में कमीशन का है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तो ये झगड़ा12 करोड़ के कामों में कमीशन का है
बरेली, ब्यूरो
Updated Sat, 08 Oct 2016 01:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सिंह और अपर मुख्य अधिकारी रामपाल सिंह यादव के बीच झगड़ा तो दो महीने से चल रहा है लेकिन अब ये खुलकर सतह पर तब आया जब पानी सिर से ऊपर चला गया। सूत्रों की मानें तो असल झगड़ा 12 करोड़ के कामों में कमीशन के बंटवारे का है। परसेंटेज को लेकर बात नहीं बन पा रही। जिला पंचायत अध्यक्ष 12 करोड़ के कामों के टेंडर निकालकर काम कराना चाहते थे जबकि अपर मुख्य अधिकारी ने टेंडर पड़ने नहीं दिए। इसी से दोनों में नाराजगी बढ़ी है। छोटी -छोटी बातों को लेकर आए दिन नोकझोंक होती रहती है। अपर मुख्य अधिकारी से कहासुनी के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष ने डीएम और कमिश्नर से मिलकर अपर मुख्य अधिकारी को हटाने की मांग कर दी है।
जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सिंह का कहना है कि पिछले महीने जिला पंचायत से स्वीकृत कामों को कराने के लिए 12 करोड़ के टेंडर निकले थे। अपर मुख्य अधिकारी ने उनको पड़ने नहीं दिया। इसको लेकर पंचायत सदस्य और ठेकेदारों ने नाराजगी जताई और हंगामा किया तो उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने जब कोई जवाब नहीं दिया तो कुछ दिन पहले सदस्यों की मांग पर अपर मुख्य अधिकारी को चैंबर में बुलाकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया। अपर मुख्य अधिकारी उनके चैंबर में नहीं आए तो वह खुद चलकर उनके दफ्तर गए। जिला पंचायत अध्यक्ष का आरोप है कि अपने कक्ष में अपर मुख्य अधिकारी ने उनसे अभद्रता की। अध्यक्ष के मुताबिक अपर मुख्य अधिकारी ने इससे पहले उनके दफ्तर में काम करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महेंद्र को हटा दिया। फिर अमीन सुरेंद्र को सस्पेंड करने की फाइल भेज दी, जिसे उन्होंने उनको वापस कर दिया। अध्यक्ष का आरोप है कि अपर मुख्य अधिकारी कर्मचारियों का एरियर नहीं बना रहे और जिला पंचायत में काम नहीं होने दे रहे। इसलिए मुख्यमंत्री के नाम डीएम कमिश्नर को ज्ञापन देकर उनको हटाने की मांग की गई है।
दफ्तर नहीं गए अपर मुख्य अधिकारी
एक दिन पहले जिला पंचायत अध्यक्ष से कहासुनी के बाद अपर मुख्य अधिकारी रामपाल यादव शुक्रवार को अपने दफ्तर नहीं गए। दिन भर मोबाइल भी स्विच ऑफ रखा। शाम को मोबाइल खोला तो उनसे जिला पंचायत अध्यक्ष से विवाद पर बात करने की कोशिश की गई। इस पर अपर मुख्य अधिकारी ने विवाद पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष के ज्ञापन और आरोपों के बारे में उनको कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री से टाइम मांगा
जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सिंह का कहना था कि अपर मुख्य अधिकारी को बरेली से हटवाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने का टाइम मांगा है। उनको बुधवार का समय मिला है। इस दिन वह लखनऊ जाकर अपर मुख्य अधिकारी की करतूत सीएम को बताएंगे।
कोट--
जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सिंह और अपर मुख्य अधिकारी के बीच विवाद की जानकारी नहीं है। दोनों में अगर कोई विवाद है तो पता लगाएंगे कि किस बात को लेकर है। -वीरपाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष सपा
सीडीओ करेंगे जांच
बरेली। जिला पंचायत अध्यक्ष और अपर मुख्य अधिकारी के बीच विवाद की जांच सीडीओ करेंगे। यह आदेश कमिश्नर ने जारी किए हैं। शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सिंह कमिश्नर से मिले और उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी पर आरोप - प्रत्यारोप लगाए थे। इन आरोप प्रत्यारोपों के चलते कमिश्नर प्रमांशु कुमार ने इस प्रकरण की जांच सीडीओ को सौंप दी है। उन्होंने कहा है कि सीडीओ ही जिला पंचायत के मुख्य अधिकारी है, इसीलिए उनको इस प्रकरण की जांच सौंपी गई है।
विज्ञापन
जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सिंह का कहना है कि पिछले महीने जिला पंचायत से स्वीकृत कामों को कराने के लिए 12 करोड़ के टेंडर निकले थे। अपर मुख्य अधिकारी ने उनको पड़ने नहीं दिया। इसको लेकर पंचायत सदस्य और ठेकेदारों ने नाराजगी जताई और हंगामा किया तो उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने जब कोई जवाब नहीं दिया तो कुछ दिन पहले सदस्यों की मांग पर अपर मुख्य अधिकारी को चैंबर में बुलाकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया। अपर मुख्य अधिकारी उनके चैंबर में नहीं आए तो वह खुद चलकर उनके दफ्तर गए। जिला पंचायत अध्यक्ष का आरोप है कि अपने कक्ष में अपर मुख्य अधिकारी ने उनसे अभद्रता की। अध्यक्ष के मुताबिक अपर मुख्य अधिकारी ने इससे पहले उनके दफ्तर में काम करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महेंद्र को हटा दिया। फिर अमीन सुरेंद्र को सस्पेंड करने की फाइल भेज दी, जिसे उन्होंने उनको वापस कर दिया। अध्यक्ष का आरोप है कि अपर मुख्य अधिकारी कर्मचारियों का एरियर नहीं बना रहे और जिला पंचायत में काम नहीं होने दे रहे। इसलिए मुख्यमंत्री के नाम डीएम कमिश्नर को ज्ञापन देकर उनको हटाने की मांग की गई है।
विज्ञापन
दफ्तर नहीं गए अपर मुख्य अधिकारी
एक दिन पहले जिला पंचायत अध्यक्ष से कहासुनी के बाद अपर मुख्य अधिकारी रामपाल यादव शुक्रवार को अपने दफ्तर नहीं गए। दिन भर मोबाइल भी स्विच ऑफ रखा। शाम को मोबाइल खोला तो उनसे जिला पंचायत अध्यक्ष से विवाद पर बात करने की कोशिश की गई। इस पर अपर मुख्य अधिकारी ने विवाद पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष के ज्ञापन और आरोपों के बारे में उनको कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री से टाइम मांगा
जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सिंह का कहना था कि अपर मुख्य अधिकारी को बरेली से हटवाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने का टाइम मांगा है। उनको बुधवार का समय मिला है। इस दिन वह लखनऊ जाकर अपर मुख्य अधिकारी की करतूत सीएम को बताएंगे।
कोट--
जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सिंह और अपर मुख्य अधिकारी के बीच विवाद की जानकारी नहीं है। दोनों में अगर कोई विवाद है तो पता लगाएंगे कि किस बात को लेकर है। -वीरपाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष सपा
सीडीओ करेंगे जांच
बरेली। जिला पंचायत अध्यक्ष और अपर मुख्य अधिकारी के बीच विवाद की जांच सीडीओ करेंगे। यह आदेश कमिश्नर ने जारी किए हैं। शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सिंह कमिश्नर से मिले और उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी पर आरोप - प्रत्यारोप लगाए थे। इन आरोप प्रत्यारोपों के चलते कमिश्नर प्रमांशु कुमार ने इस प्रकरण की जांच सीडीओ को सौंप दी है। उन्होंने कहा है कि सीडीओ ही जिला पंचायत के मुख्य अधिकारी है, इसीलिए उनको इस प्रकरण की जांच सौंपी गई है।