फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   throw infant

कलयुगी मां ने %कचरा% समझकर धान के खेत में फेंकी नवजात बच्ची

Wed, 28 Aug 2019 07:42 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 28 Aug 2019 07:42 PM IST
विज्ञापन
throw infant
बदायूं/सिलहरी। अभी पांच दिन पहले कचरा समझकर फेंकी एक नवजात को आश्रय मिल ही पाया था कि एक और कलियुगी मां ने जिस ‘अंश’ को नौ माह तक कोख में रखा मगर जन्म देने के बाद उसी अंश को खेत में ऐसे फेंक दिया, मानों वह कोई कचरा हो। एक बार फिर मां की ममता यहां शर्मसार हो गई जब भगवतीपुर में एक धान के खेत में एक नवजात रोते हुए मिली। जानकारी होने पर खेत पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। मौके पर पहुंची यूपी-100 और चाइल्ड लाइन ने उसे महिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती करा दिया है।
विज्ञापन

सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ग्राम भगवतीपुर निवासी विजेंद्र पुत्र रामदास के परिवार की महिलाएं बुधवार सुबह अपने घर के पीछे खेत में शौच के लिए गईं थीं। तभी उन्होंने एक धान के खेत में बच्ची के रोने की आवाज सुनी। अंधेरे में छोटी बच्ची के रोने की आवाज सुनकर महिलाएं पहले तो डर गईं। उन्होंने अपने परिवार वालों को बताया। इस पर परिवार के दर्जनों लोग खेत में पहुंच गए, जहां एक नवजात बच्ची पड़ी हुई मिली। विजेंद्र के मुताबिक बच्ची का जन्म कुछ ही देर पहले हुआ होगा। फेंकने वालों ने उसका नाल तक नहीं काटा था। विजेंद्र के परिवार की महिलाएं बच्ची को तुरंत घर उठा लाईं। उन्होंने दाई को बुलाकर बच्ची का नाल कटवाया। फिर आशा वर्कर दुर्वेश को बुलाकर बच्ची का वजन भी कराया। बच्ची का वजन दो किलो 300 ग्राम निकला।
विज्ञापन

इधर, अंधेरा छटने के साथ-साथ बच्ची के जीवन में भी उजाला होता गया। विजेंद्र के परिवार वालों ने उसे गर्म पानी से नहलाकर साफ सुथरा किया और कपड़े पहनाए। बच्ची के मिलने की सूचना पर उसे देखने के लिए दर्जनों लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ लोग उसे गोद लेने के लिए वहीं तैयार हो गए लेकिन बाद में इसकी सूचना पर यूपी-100 और चाइल्ड लाइन की टीम पहुंच गई। बच्ची को महिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती करा दिया गया है। बच्ची स्वस्थ बताई जा रही है। उसका गोरा रंग देखकर बच्ची को गोद लेने वालों की लाइन लग गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिछले साल मिले थे दर्जनों कन्या भ्रूण
-गतवर्ष जिले में कन्या भ्रूण कुछ ज्यादा ही मिले थे। इससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए थे। स्वास्थ्य विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया लेकिन पुलिस ने इसकी जिम्मेदारी ली। दातागंज रोड पर एक खेत में एक साथ कई भ्रूण पॉलिथीन में बंद मिले थे। इस संबंध में दातागंज तिराहे के नजदीक एक हॉस्पिटल के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। दूसरी एफआईआर सरकार हॉस्पिटल के खिलाफ दर्ज हुई। तब से जिले के अस्पतालों में पुलिस का डर बैठ गया, जो भ्रूण हत्या कर रहे थे। इससे जिले में भ्रूण हत्याओं में कमी आई। अगर पुलिस का डर नहीं होता तो शायद जो बच्चियां जीवित मिलीं हैं। वो भी जीवित नहीं होती, उनको कोख में ही मार दिया जाता।

24 अगस्त को नाले में मिली थी नवजात बच्ची
-शहर में ओवरब्रिज के नीचे और बीएसए कार्यालय के पीछे 24 अगस्त को एक नवजात बच्ची नाले में पड़ी मिली थी। बच्ची नाले में पड़ी रो रही थी। कुछ लोग उधर से गुजर रहे थे। जिन्होंने बच्ची के रोने की आवाज सुनी तो पुलिस को सूचना दी गई। उस बच्ची को फिलहाल बाल संरक्षण केंद्र रामपुर भेज दिया गया है। वह स्वस्थ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed