बरेली पुष्पेंद्र हत्याकांड: जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर पूरनलाल ने दिया था हत्या का फरमान, तीन आरोपी गिरफ्तार
Bareilly News: बरेली के भुता क्षेत्र में पांच नवंबर को दिनदहाड़े पुष्पेंद्र की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों ने वारदात से पहले जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर पूरनलाल से मुलाकात की थी। उसी ने हत्या का फरमान दिया था।
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बरेली में पुष्पेंद्र उर्फ पुष्पाल हत्याकांड में भुता थाना पुलिस ने तीन और आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेज दिए हैं। इनमें से दो ने घटना वाले दिन ही जेल जाकर हिस्ट्रीशीटर पूरनलाल और पवन से मुलाकात की थी। इन्हें हत्या करने के लिए ग्रीन सिग्नल दिया गया था। एक आरोपी शूटरों को असलहे उपलब्ध कराने में जेल भेजा गया है।
पुष्पेंद्र हत्याकांड में जिस तरह आरोपियों की गिरफ्तारी की जा रही है, उससे यह बिल्कुल साफ हो गया है कि जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर पूरनलाल व उसका चचेरा भाई पवन ही हत्या के मास्टरमाइंड हैं। पुलिस ने रविवार को तीन ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, जिन्हें परिजनों ने नामजद ही नहीं कराया था।
इन आरोपियों ने जेल जाकर की थी मुलाकात
दरअसल पुलिस ने जब पूरनलाल व विपिन से जेल में मुलाकात करने वालों के बारे में जांच की तो पता लगा कि पांच नवंबर को हत्या के दिन ही सुबह के वक्त खरदाह गांव के ही निवासी अवधेश और गंगेश के अलावा रविंद्र निवासी परेवा चुर्रा थाना बिलसंडा (पीलीभीत) बरेली जिला जेल पहुंचे थे। दोनों से पूछताछ में पता लगा कि पूरनलाल व पवन ने उनसे कहा कि पुष्पेंद्र अपने भाई विनोद की हत्या में ज्यादा पैरवी कर रहा है। उसे नहीं मारा गया तो वे लोग जेल में ही सड़ जाएंगे।
एक महीने पहले बनी थी हत्या की योजना
अवधेश ने बताया कि पुष्पेंद्र की हत्या की योजना एक महीने पहले ही पूरनलाल के घर बन गई थी। इसमें पूरनलाल व अर्जुन, सिपिन, विपिन, गौरव के अलावा देवेंद्र निवासी मोहम्मदपुर भजा थाना बीसलपुर जिला पीलीभीत, पूर्व प्रधान संतोष निवासी चंदपुर थाना क्योलड़िया, भुता के ब्रजेश उर्फ बिरजू व रविंद्र निवासी परेवा चुर्रा थाना बिलसंडा जिला पीलीभीत शामिल थे। अवधेश खुद भी बैठक में था। यहीं तय हुआ कि पूरनलाल खुद को हत्या से अलग दिखाएगा ताकि कोई फंसे तो वह पैरवी कर सके।
तब पूरनलाल दूसरे मुकदमे में आत्मसमर्पण कर जेल चला गया था। इंतजार बस सही वक्त का किया जा रहा था। उस दिन जेल में जब उन लोगों ने पूरनलाल को सूचना दी कि पुष्पेंद्र दोपहर गांव आ सकता है। तब पूरनलाल ने कहा कि सही समय है। मौका देखकर उसे निपटा दो। उन्होंने जेल से लौटकर पूरनलाल व पवन का ये फरमान उनके परिजनों को बता दिया। फिर सिपिन व गौरव आदि ने हत्या कर दी।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि पुष्पेंद्र की हत्या के चार आरोपी अब तक जेल भेजे जा चुके हैं। बाकी की तलाश में टीम लगी है। मुख्य शूटरों की गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड का सटीक खुलासा किया जाएगा। कोई निर्दोष जेल नहीं जाएगा लेकिन कोई दोषी भी नहीं बचेगा।