{"_id":"574b4cac4f1c1b7c2810934f","slug":"this-is-this-is-not-srnaly-model-nari-niketan","type":"story","status":"publish","title_hn":"शरणालय नहीं यह तो यह तो मॉडल नारी निकेतन है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शरणालय नहीं यह तो यह तो मॉडल नारी निकेतन है
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Mon, 30 May 2016 01:40 AM IST
विज्ञापन
शादाब फातिमा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महिला एवं बाल कल्याण मंत्री सइदा सादाब फातिमा महिला शरणालय देखकर बोलीं, ‘यह तो प्रदेश का मॉडल नारी निकेतन है’। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने यहां की संवासिनियों के खानपान लिए बजट में पौने तीन गुना वृद्धि कर दी है। मंत्री ने यहां रह रहीं 128 संवासनियों का हाल जाना।
मंत्री फातिमा ने निजी स्तर पर करीब ढाई करोड़ रुपयोें से पिछले वर्ष उद्यमी शकील कुरैशी की ओर से नारी निकेतन का पुन: निर्माण कराने की तारीफ की। कुपोषित संवासिनियों की लगातार हो रही मौत के सवाल पर बोलीं, इस बार खाना खर्च का बजट पौने तीन गुना बढ़ा दिया है। पहले हर माह प्रत्येक संवासिनी के लिए दो हजार रुपए का बजट दिया जाता था, जो अब 5500 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। राज्य मंत्री को शरणालय में रह रहीं 42 संवासिनियों ने उन्हें सिलाई, कढ़ाई और पेटिंग के नमूने दिखाए। यह सभी वस्तुएं संवासिनियों ने अपने आप तैयार की हैं। इस समय शरणालय में सिलाई , टेलरिंग, पेंटिंग के प्रशिक्षण के साथ कंप्यूटर और अक्षर ज्ञान की कक्षाएं चलाई जा रहीं हैं। जो समता योग आश्रम के सहयोग से संचालित हैं। 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र की संवासिनियों को उनकी इच्छा से विवाह कराने के सवाल पर मंत्री बोलीं कि यह निर्णय हाईकोर्ट ही ले सकता है, मंत्रालय दखल नहीं देगा। उन्होंने मानसिक मंदित संवासिनियों को मंडलीय मानसिक अस्पताल से पूरा इलाज कराने के निर्देश भी दिए। शरणालय की आठ संविदा कर्मचारियों ने दस माह से मानदेय न मिलने की शिकायत की, तो उन्हें जल्द मानदेय दिलाने का आश्वासन दिया। निरीक्षण के समय शरणालय के इंचार्ज एपी सिंह और संतोष गौतम मौजूद रहे। मंत्री ने कहा कि राज्य के सभी आशा ज्योति केंद्र नए भवनों में 15 अगस्त तक शिफ्ट हो जाएंगे।
विज्ञापन
मंत्री फातिमा ने निजी स्तर पर करीब ढाई करोड़ रुपयोें से पिछले वर्ष उद्यमी शकील कुरैशी की ओर से नारी निकेतन का पुन: निर्माण कराने की तारीफ की। कुपोषित संवासिनियों की लगातार हो रही मौत के सवाल पर बोलीं, इस बार खाना खर्च का बजट पौने तीन गुना बढ़ा दिया है। पहले हर माह प्रत्येक संवासिनी के लिए दो हजार रुपए का बजट दिया जाता था, जो अब 5500 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। राज्य मंत्री को शरणालय में रह रहीं 42 संवासिनियों ने उन्हें सिलाई, कढ़ाई और पेटिंग के नमूने दिखाए। यह सभी वस्तुएं संवासिनियों ने अपने आप तैयार की हैं। इस समय शरणालय में सिलाई , टेलरिंग, पेंटिंग के प्रशिक्षण के साथ कंप्यूटर और अक्षर ज्ञान की कक्षाएं चलाई जा रहीं हैं। जो समता योग आश्रम के सहयोग से संचालित हैं। 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र की संवासिनियों को उनकी इच्छा से विवाह कराने के सवाल पर मंत्री बोलीं कि यह निर्णय हाईकोर्ट ही ले सकता है, मंत्रालय दखल नहीं देगा। उन्होंने मानसिक मंदित संवासिनियों को मंडलीय मानसिक अस्पताल से पूरा इलाज कराने के निर्देश भी दिए। शरणालय की आठ संविदा कर्मचारियों ने दस माह से मानदेय न मिलने की शिकायत की, तो उन्हें जल्द मानदेय दिलाने का आश्वासन दिया। निरीक्षण के समय शरणालय के इंचार्ज एपी सिंह और संतोष गौतम मौजूद रहे। मंत्री ने कहा कि राज्य के सभी आशा ज्योति केंद्र नए भवनों में 15 अगस्त तक शिफ्ट हो जाएंगे।
विज्ञापन