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Bareilly News: रोज हो रहा था किसानों में संघर्ष, पुलिस ने सुनी नहीं फरियाद
Mon, 25 Dec 2023 02:13 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 25 Dec 2023 02:13 AM IST
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बरेली/विशारतगंज। रामगंगा किनारे खेतों में छुट्टा पशुओं से गेहूं की फसल बचाने को झोंपड़ियां डालकर रह रहे किसानों में लगभग रोज ही मारपीट और संघर्ष हो रहा था। दो दिन पहले भी किसानों ने विशारतगंज थाना पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस की ढील से घटना के बाद अफसरों को चार किमी पैदल चलकर घटनास्थल पहुंचना पड़ा।
रामगंगा किनारे के गांव अखा, ढका, खजुआई, गंगापुर, जितौर, नंदगांव, गोकुलपुर, श्यामपुर, रफियाबाद, चुरहा नवदिया, किशन सिंहपुर आदि के किसान कड़ाके की सर्दी में फसलों की रखवाली कर रहे हैं। शुक्रवार रात दस बजे खजुआई गांव निवासी श्यामाचरन का सुभाषनगर के फतेहपुर निवासी रमेश आदि से विवाद हुआ था। खजुआई गांव के ग्रामीणों का कहना है कि फतेहपुर के लोगों ने श्यामाचरन को लाठी-डंडे से पीटा था। रमेश ने तहरीर में जिक्र किया कि आरोपियों पर असलहे भी थे, वह उनकी टाॅर्च भी छीन ले गए थे। इसी तरह बृहस्पतिवार रात भी इन्हीं दो गांव के किसानों में विवाद हुआ था, तब भी पुलिस से शिकायत की गई थी पर कोई जांच को नहीं आया। इधर, घटना के बाद एसपी देहात मुकेश मिश्रा, सीओ टू हर्ष मोदी समेत अन्य अधिकारी पैदल चार किमी तक चलकर घटनास्थल पर मुआयना करने पहुंचे।
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सीमा विवाद की नौबत आई, फिर विशारतगंज ने माना इलाका
- घटना के बाद रात में ही सूचना पर सुभाषनगर और विशारतगंज थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। शुरू में बताया जा रहा था कि घटनास्थल सुभाषनगर थाने के फतेहपुर के रकबे में है। काश्तकारों के कागजात के लिहाज से यह बात सही साबित हो रही थी, लेकिन नदी पार खेत होने से एसपी देहात मुकेश चंद्र मिश्रा ने विशारतगंज पुलिस को ही मामला दर्ज करने का निर्देश दिया। बताते हैं कि पचास साल पहले रामगंगा नदी ने तीव्र कटान किया था। इससे फतेहपुर की काफी जमीन कट गई थी और बाद में खेत दूसरी पार नाप दिए गए। खजुआई के लोग इससे प्रभावित हुए थे। इसे लेकर भी दोनों पक्षों के दिलों में पुरानी खटास थी। फिलहाल छुट्टा पशुओं को लेकर ये भिड़े हुए थे। कुछ ग्रामीणों ने दबी जुबान हवाई फायरिंग का भी जिक्र किया पर पीड़ित पक्ष ने तहरीर में इसे नहीं लिखवाया। पीड़ित और हमलावर दोनों पक्ष अलग-अलग बिरादरी के होने से राजनीति भी शुरू हो गई है।
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रामगंगा किनारे के गांव अखा, ढका, खजुआई, गंगापुर, जितौर, नंदगांव, गोकुलपुर, श्यामपुर, रफियाबाद, चुरहा नवदिया, किशन सिंहपुर आदि के किसान कड़ाके की सर्दी में फसलों की रखवाली कर रहे हैं। शुक्रवार रात दस बजे खजुआई गांव निवासी श्यामाचरन का सुभाषनगर के फतेहपुर निवासी रमेश आदि से विवाद हुआ था। खजुआई गांव के ग्रामीणों का कहना है कि फतेहपुर के लोगों ने श्यामाचरन को लाठी-डंडे से पीटा था। रमेश ने तहरीर में जिक्र किया कि आरोपियों पर असलहे भी थे, वह उनकी टाॅर्च भी छीन ले गए थे। इसी तरह बृहस्पतिवार रात भी इन्हीं दो गांव के किसानों में विवाद हुआ था, तब भी पुलिस से शिकायत की गई थी पर कोई जांच को नहीं आया। इधर, घटना के बाद एसपी देहात मुकेश मिश्रा, सीओ टू हर्ष मोदी समेत अन्य अधिकारी पैदल चार किमी तक चलकर घटनास्थल पर मुआयना करने पहुंचे।
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- घटना के बाद रात में ही सूचना पर सुभाषनगर और विशारतगंज थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। शुरू में बताया जा रहा था कि घटनास्थल सुभाषनगर थाने के फतेहपुर के रकबे में है। काश्तकारों के कागजात के लिहाज से यह बात सही साबित हो रही थी, लेकिन नदी पार खेत होने से एसपी देहात मुकेश चंद्र मिश्रा ने विशारतगंज पुलिस को ही मामला दर्ज करने का निर्देश दिया। बताते हैं कि पचास साल पहले रामगंगा नदी ने तीव्र कटान किया था। इससे फतेहपुर की काफी जमीन कट गई थी और बाद में खेत दूसरी पार नाप दिए गए। खजुआई के लोग इससे प्रभावित हुए थे। इसे लेकर भी दोनों पक्षों के दिलों में पुरानी खटास थी। फिलहाल छुट्टा पशुओं को लेकर ये भिड़े हुए थे। कुछ ग्रामीणों ने दबी जुबान हवाई फायरिंग का भी जिक्र किया पर पीड़ित पक्ष ने तहरीर में इसे नहीं लिखवाया। पीड़ित और हमलावर दोनों पक्ष अलग-अलग बिरादरी के होने से राजनीति भी शुरू हो गई है।
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