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Bareilly News: महिला अफसर की सुरक्षा का नहीं ख्याल... तफ्तीश चल रही कछुआ चाल
Fri, 08 Sep 2023 02:26 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 08 Sep 2023 02:26 AM IST
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बरेली। आपत्तिजनक मेसेज, धमकी भरे कॉल आने के मामले में इज्जतनगर रेल मंडल की डीआरएम ने करीब चार महीने पहले इज्जतनगर थाने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसकी जांच आज भी बेनतीजा है। आरोपी को पकड़ने की बात तो दूर, पुलिस की जांच में अभी तक आरोपी ही तय नहीं हो सका है। इस बेपरवाह तरीके के पीछे विवेचक के तर्क भी अजीबोगरीब हैं।
करीब चार माह पहले डीआरएम रेखा यादव के सीयूजी नंबर पर आपत्तिजनक मेसेज और धमकी भरे कॉल आ रहे थे। मेसेज भेजने वाले ने तीन अलग-अलग मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया। मेसेज करने वाले ने अपना नाम राजकुमार यादव बताया था। उसने खुद को एक सरकारी बैंक का रीजनल मैनेजर और बाद में दिल्ली तीस हजारी कोर्ट का अधिवक्ता बताया। गाली-गलौज और धमकी भरे अंदाज में बातचीत से परेशान होकर महिला अधिकारी ने इज्जतनगर थाने में 13 मई को मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की विवेचना बैरियर वन चौकी के दरोगा रामसेवक राठौर को दी गई थी। आरोपी के मोबाइल नंबर स्पष्ट होने से कार्रवाई और केस के खुलासे में पुलिस को कुछ खास मशक्कत नहीं करनी थी। केवल नंबर की तस्दीक कर आरोपी पकड़ना था। करीब चार महीने होने को आए हैं, लेकिन पुलिस अभी भी खाली हाथ है।
विवेचक का कहना है कि विवेचना मिलने के बाद वह निजी कारण से डेढ़ माह के अवकाश पर चले गए थे। यह भी बताया कि जाने से पहले आरोपी का पता लगाने के लिए एक रिपोर्ट बनाकर सर्विलांस सेल भेजी। लौटकर पता किया तो रिपोर्ट वहां से गुम हो गई। दरोगा का कहना है कि उन्होंने दोबारा रिपोर्ट बनाकर सर्विलांस सेल भेजी है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि महिला अधिकारी को मिली धमकी के मामले में पुलिस ने इतनी ढील डाल दी तो आम महिलाओं के मामलों में किस तरह से जांच करती होगी।
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हल्की धाराओं में दर्ज किया मुकदमा
डीआरएम को आपत्तिजनक मेसेज और धमकी भरे कॉल करने वाले के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते समय ही लापरवाही बरती। महिला अधिकारी की शिकायत पर इज्जतनगर पुलिस ने धमकाने की मामूली धारा में रिपोर्ट दर्ज की है। ऐसे में अगर आरोपी का पता लग भी जाता है तो उसको आसानी से जमानत मिल सकती है। जबकि महिला अधिकारी को आपत्तिजनक मेसेज और धमकी भरे कॉल करने का मामला गंभीर विषय है।
दावा : इज्जतनगर इंस्पेक्टर अरुण कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि सावन में कांवड़ यात्रा और जुलूसों की वजह से वह अधिकतर समय शांति व्यवस्था सुनिश्चित कराने में लगे रहे। अब इस महत्वपूर्ण मामले के साथ ही अन्य प्रचलित विवेचनाओं का तेजी से निस्तारण कराएंगे।
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करीब चार माह पहले डीआरएम रेखा यादव के सीयूजी नंबर पर आपत्तिजनक मेसेज और धमकी भरे कॉल आ रहे थे। मेसेज भेजने वाले ने तीन अलग-अलग मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया। मेसेज करने वाले ने अपना नाम राजकुमार यादव बताया था। उसने खुद को एक सरकारी बैंक का रीजनल मैनेजर और बाद में दिल्ली तीस हजारी कोर्ट का अधिवक्ता बताया। गाली-गलौज और धमकी भरे अंदाज में बातचीत से परेशान होकर महिला अधिकारी ने इज्जतनगर थाने में 13 मई को मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की विवेचना बैरियर वन चौकी के दरोगा रामसेवक राठौर को दी गई थी। आरोपी के मोबाइल नंबर स्पष्ट होने से कार्रवाई और केस के खुलासे में पुलिस को कुछ खास मशक्कत नहीं करनी थी। केवल नंबर की तस्दीक कर आरोपी पकड़ना था। करीब चार महीने होने को आए हैं, लेकिन पुलिस अभी भी खाली हाथ है।
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विवेचक का कहना है कि विवेचना मिलने के बाद वह निजी कारण से डेढ़ माह के अवकाश पर चले गए थे। यह भी बताया कि जाने से पहले आरोपी का पता लगाने के लिए एक रिपोर्ट बनाकर सर्विलांस सेल भेजी। लौटकर पता किया तो रिपोर्ट वहां से गुम हो गई। दरोगा का कहना है कि उन्होंने दोबारा रिपोर्ट बनाकर सर्विलांस सेल भेजी है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि महिला अधिकारी को मिली धमकी के मामले में पुलिस ने इतनी ढील डाल दी तो आम महिलाओं के मामलों में किस तरह से जांच करती होगी।
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हल्की धाराओं में दर्ज किया मुकदमा
डीआरएम को आपत्तिजनक मेसेज और धमकी भरे कॉल करने वाले के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते समय ही लापरवाही बरती। महिला अधिकारी की शिकायत पर इज्जतनगर पुलिस ने धमकाने की मामूली धारा में रिपोर्ट दर्ज की है। ऐसे में अगर आरोपी का पता लग भी जाता है तो उसको आसानी से जमानत मिल सकती है। जबकि महिला अधिकारी को आपत्तिजनक मेसेज और धमकी भरे कॉल करने का मामला गंभीर विषय है।
दावा : इज्जतनगर इंस्पेक्टर अरुण कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि सावन में कांवड़ यात्रा और जुलूसों की वजह से वह अधिकतर समय शांति व्यवस्था सुनिश्चित कराने में लगे रहे। अब इस महत्वपूर्ण मामले के साथ ही अन्य प्रचलित विवेचनाओं का तेजी से निस्तारण कराएंगे।