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मैं खान हूं, मुसलमान हूं...आतंकी नहीं: यूट्यूब पर है किंग तौहीद खान के नाम से चैनल, मिले ये वीडियो, अफसर हैरान
Mon, 03 Jul 2023 04:32 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 03 Jul 2023 04:32 PM IST
सार
तौहीद अगर एनआईए की नजर में चढ़ा तो इसकी कुछ वजह भी सामने आई हैं। आठवीं पास तौहीद का यूट्यूब पर किंग तौहीद खान नाम से चैनल भी है। इस चैनल को तौहीद ने कुछ साल पहले ही बनाया है। इसके कई सब्सक्राइबर हैं। तौहीद के कई वीडियो मुस्लिम धर्म के नियम कायदे से जुड़े हैं। कई वीडियो में वह सद्भाव की बात करता नजर आता है।
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एनआईए का छापा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
''ग़ज़वा-ए-हिंद'' कट्टरपंथी मॉड्यूल के बहाने मुस्लिम युवाओं को आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश की जा रही है। एनआईए इसी तरह के मामलों में स्लीपर सेल तलाशने में जुटी है। तौहीद के यहां छापा भी इसी कवायद से जुड़ा एक प्रयास बताया जा रहा है।
दरअसल, पिछले साल बिहार पुलिस ने पटना के फुलवारी शरीफ क्षेत्र के मरगूब अहमद दानिश उर्फ ताहिर को गिरफ्तार किया था। 14 जुलाई 2022 को मामला एनआईए को जांच के लिए मिला। मरगूब पर आरोप साबित कर छह जनवरी 2023 को चार्जशीट दाखिल की गई।
ये भी पढ़ें- UP News: आधी रात घर के दूसरे कमरे में प्रेमी के साथ थी पत्नी, आहट होने पर जागा पति; मच गई चीख-पुकार
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पता लगा कि वह ग़ज़वा-ए-हिंद मॉड्यूल का सदस्य है। युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के लिए पाकिस्तान से उसे प्रोत्साहित किया जा रहा था। वह सोशल मीडिया के जरिये देश में स्लीपर सेल स्थापित करने में जुटा था। कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उसने बांग्लादेशी नागरिकों को भी जोड़ा था।
कई संदिग्ध लोग पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे और गजवा-ए-हिंद के विचार का प्रचार कर रहे थे। मरगूब से पूछताछ में एनआईए को कई इनपुट मिले। इसी के आधार पर समय-समय पर छापे मारे जा रहे हैं। इसी क्रम में एनआईए ने रविवार को तीन राज्यों के पांच स्थानों पर दबिश दी।
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दरअसल, पिछले साल बिहार पुलिस ने पटना के फुलवारी शरीफ क्षेत्र के मरगूब अहमद दानिश उर्फ ताहिर को गिरफ्तार किया था। 14 जुलाई 2022 को मामला एनआईए को जांच के लिए मिला। मरगूब पर आरोप साबित कर छह जनवरी 2023 को चार्जशीट दाखिल की गई।
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पता लगा कि वह ग़ज़वा-ए-हिंद मॉड्यूल का सदस्य है। युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के लिए पाकिस्तान से उसे प्रोत्साहित किया जा रहा था। वह सोशल मीडिया के जरिये देश में स्लीपर सेल स्थापित करने में जुटा था। कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उसने बांग्लादेशी नागरिकों को भी जोड़ा था।
कई संदिग्ध लोग पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे और गजवा-ए-हिंद के विचार का प्रचार कर रहे थे। मरगूब से पूछताछ में एनआईए को कई इनपुट मिले। इसी के आधार पर समय-समय पर छापे मारे जा रहे हैं। इसी क्रम में एनआईए ने रविवार को तीन राज्यों के पांच स्थानों पर दबिश दी।
पाक जासूस एजाज भी रहा था बरेली में
पाकिस्तानी जासूस एजाज ने भी बरेली के मोहल्ला शाहबाद और स्टेशन रोड पर किराये पर रहकर जासूसी की थी। करीब सात साल पहले एसटीएफ ने एजाज को मेरठ से पकड़ा था। तब पता लगा कि उसने बरेली में रहकर काफी वक्त गुजारा था। उसके पास कुछ नक्शे भी मिले थे जो बरेली से भी संबंधित रहे थे। एजाज को लेकर कई बार बाहरी एजेंसियों ने बरेली में आकर जांच की थी।
पाकिस्तानी जासूस एजाज ने भी बरेली के मोहल्ला शाहबाद और स्टेशन रोड पर किराये पर रहकर जासूसी की थी। करीब सात साल पहले एसटीएफ ने एजाज को मेरठ से पकड़ा था। तब पता लगा कि उसने बरेली में रहकर काफी वक्त गुजारा था। उसके पास कुछ नक्शे भी मिले थे जो बरेली से भी संबंधित रहे थे। एजाज को लेकर कई बार बाहरी एजेंसियों ने बरेली में आकर जांच की थी।
कमलेश तिवारी के हत्यारों को बरेली में दी गई थी शरण
कट्टरवादी हिंदू नेता कमलेश तिवारी की लखनऊ में की गई हत्या के तार भी बरेली से जुड़े रहे थे। कमलेश की हत्या करके अशफाक और मोइनुद्दीन सीधे बरेली आए थे। यहां उनके रहने और खाने-पीने की व्यवस्था की गई थी। एक घायल का इलाज भी कराया गया था। यहां से आरोपियों को नेपाल भेजने की व्यवस्था भी की गई थी। उन दिनों यहां चार-पांच मददगारों की धरपकड़ भी की गई थी। इससे बरेली खासा चर्चा में रहा।
कट्टरवादी हिंदू नेता कमलेश तिवारी की लखनऊ में की गई हत्या के तार भी बरेली से जुड़े रहे थे। कमलेश की हत्या करके अशफाक और मोइनुद्दीन सीधे बरेली आए थे। यहां उनके रहने और खाने-पीने की व्यवस्था की गई थी। एक घायल का इलाज भी कराया गया था। यहां से आरोपियों को नेपाल भेजने की व्यवस्था भी की गई थी। उन दिनों यहां चार-पांच मददगारों की धरपकड़ भी की गई थी। इससे बरेली खासा चर्चा में रहा।
यूट्यूब पर बनाया चैनल, नाम है किंग तौहीद खान
तौहीद अगर एनआईए की नजर में चढ़ा तो इसकी कुछ वजह भी सामने आई हैं। आठवीं पास तौहीद का यूट्यूब पर किंग तौहीद खान नाम से चैनल भी है। इस चैनल को तौहीद ने कुछ साल पहले ही बनाया है। इसके कई सब्सक्राइबर हैं। तौहीद के कई वीडियो मुस्लिम धर्म के नियम कायदे से जुड़े हैं। कई वीडियो में वह सद्भाव की बात करता नजर आता है।
तौहीद अगर एनआईए की नजर में चढ़ा तो इसकी कुछ वजह भी सामने आई हैं। आठवीं पास तौहीद का यूट्यूब पर किंग तौहीद खान नाम से चैनल भी है। इस चैनल को तौहीद ने कुछ साल पहले ही बनाया है। इसके कई सब्सक्राइबर हैं। तौहीद के कई वीडियो मुस्लिम धर्म के नियम कायदे से जुड़े हैं। कई वीडियो में वह सद्भाव की बात करता नजर आता है।
ऐसे वीडियो भी उसने शेयर किए हैं जिनमें लोगों से चैनलों पर चल रही धार्मिक बहस पर ध्यान न देने की अपील की गई है। तौहीद को पुताई, निर्माण आदि कार्यों की अच्छी जानकारी है। कभी खुद के किसी काम तो कभी किसी मशीन की खासियत को लेकर वह वीडियो जारी करता है। लोगों से उन्हें देखने की अपील करता रहता है। हाल ही में उसने बकरीद की नमाज के लिए
जाते वक्त साथियों संग भी वीडियो बनाकर डाला है।
जाते वक्त साथियों संग भी वीडियो बनाकर डाला है।
मैं खान हूं, मुसलमान हूं... आतंकी नहीं
तौहीद ने बताया कि वह सच्चा मुसलमान और पठान है... आतंकी नहीं है। हिंदुस्तानी है और उसे अपने देश पर गर्व है। हालांकि उसने माना कि कम पढ़ा होने के बाद भी सोशल मीडिया पर उसकी सक्रियता और नाम के आगे सरनेम खान होने की वजह से एनआईए को उस पर संदेह हो गया होगा। उसे यकीन है कि उसकी बातों से टीम के अधिकारी संतुष्ट होंगे। उसके दस्तावेजों व मोबाइल रिकॉर्ड की जांच में भी कोई गलती नहीं मिलेगी।
तौहीद ने बताया कि वह सच्चा मुसलमान और पठान है... आतंकी नहीं है। हिंदुस्तानी है और उसे अपने देश पर गर्व है। हालांकि उसने माना कि कम पढ़ा होने के बाद भी सोशल मीडिया पर उसकी सक्रियता और नाम के आगे सरनेम खान होने की वजह से एनआईए को उस पर संदेह हो गया होगा। उसे यकीन है कि उसकी बातों से टीम के अधिकारी संतुष्ट होंगे। उसके दस्तावेजों व मोबाइल रिकॉर्ड की जांच में भी कोई गलती नहीं मिलेगी।