Bareilly Firing: घायलों को लेकर भागी सफेद कार खोलेगी सफेदपोशों के राज, कई पुलिस के रडार पर
बरेली गोलीकांड में पुलिस की जांच जारी है। अब पुलिस उस सफेद कार के बारे में जानकारी जुटा रही है, जिसमें घायल को लेकर आरोपी भागे थे। यह कार माफिया का राजनीतिक कनेक्शन साबित कर सकती है।
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बरेली के पीलीभीत बाइपास पर प्लॉट पर कब्जे के विवाद में जब गोलियां तड़तड़ा रही थीं तो वहां दो कारों से भी बदमाशों ने उत्पात मचाया था। एक कार से आदित्य उपाध्याय के बेटे ने कुछ लोगों को टक्कर मारी थी। वहीं, दूसरे गुट की सफेद रंग की कार ने आदित्य को टक्कर मारने की कोशिश की थी। अब फुटेज व वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस सफेद कार की तलाश कर रही है। यह कार माफिया का राजनीतिक कनेक्शन साबित कर सकती है।
22 जून की सुबह फायरिंग के दौरान आदित्य की कार गड्ढे में फंस गई थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। वहीं, दूसरे गुट की सफेद रंग की कार ने जब फायरिंग कर रहे आदित्य को रौंदने की कोशिश की तो जेसीबी के पीछे छिपकर उसने जान बचाई थी। इसके बाद एक घायल को कंधे पर उठाकर सफेद कार में डाला गया और कार दौड़ने लगी। पुलिस की गाड़ी ने उसका पीछा भी किया था, पर तब तक सफेद कार तेज रफ्तार से बजरंग ढाबा की तरफ चली गई थी।
वहां मौजूद लोगों ने इसका वीडियो बना लिया था। सीसीटीवी फुटेज में भी यह कार दिख रही है। बाद में इस कार व आदित्य की फायरिंग को लेकर गानों के साथ रील भी सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं। बताते हैं कि कार पर एक राजनीतिक दल का स्टीकर लगा था। पुलिस इस कार के मालिक की तलाश कर रही है। यह कार राजीव राना की है या किसी अन्य की, इसे लेकर आरटीओ दफ्तर से जानकारी की जा रही है।
अब तक पांच कारें जब्त
पुलिस को मौके से राजीव राना की लग्जरी कार मिली थी। इसके साथ ही एक सेवन सीटर कार बरामद की गई है जो राजेंद्रनगर निवासी रॉबिन सिंह के नाम है। मौके से ही आदित्य की भी कार मिली थी। इसके अलावा अलग-अलग गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने दो कारें बरामद की हैं। मौके से मिले दो जले हुए बुलडोजर भी थाने में खड़े करा लिए गए हैं। इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि सभी वाहनों के मालिकों के नाम मुकदमों में बढ़ाए जा रहे हैं। मौके पर रही सफेद कार का भी पुलिस पता लगा रही है।