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72 लाख का टैक्स 4 लाख कैसे हो गया!
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sat, 09 Apr 2016 01:23 AM IST
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नगर निगम के गृह, जल और सीवर कर में ज्यादा रकम का बिल भेजकर उसमें लाखों रुपये कम करके वसूलने पर मेयर ने ही सवाल उठा दिया है। परसाखेड़ा में वडीलाल इंडस्ट्रीज ने 72 लाख 17 हजार से ज्यादा बकाया टैक्स में मात्र 4.43 लाख रुपये जमा किए और अब इस इंटस्ट्री पर कुछ भी बकाया नहीं। मेयर ने नगर आयुक्त को मामले की जांच के आदेश देते हुए दो दिन में रिपोर्ट मांगी है।
परसाखेड़ा में औद्योगिक इकाई वडीलाल इंडस्ट्रीज की आईडी नंबर एनएनबीटीएएक्स-082672 से 17 अक्टूबर 2015 को 72 लाख 17 हजार 76 रुपये 40 पैसे का बिल जारी किया गया। नगर निगम रिकार्ड के मुताबिक इंडस्ट्री मालिक ने 4 लाख 43 हजार 14 रुपये का टैक्स जमा कर दिया। 16 मार्च 2016 को नगर निगम की ओर से इंडस्ट्री को दोबारा जीरो धनराशि बकाया होने का बिल भेज दिया गया। प्रथम बिल के सापेक्ष केवल 4.43 लाख रुपये जमा करने पर इंडस्ट्री से टैक्स वसूली में 67 लाख 74 हजार 62 रुपये कम कर दिए गए। ये टैक्स किस आधार पर कम कर दिया गया? उच्चाधिकारियों को इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। इंडस्ट्री पर अचानक 67.74 लाख टैक्स कम करने पर सवाल उठाते हुए मेयर डा. आईएस तोमर ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मामले की जांच आख्या दो दिन में मांगी गई है ताकि वसूली घपले में दोषी पाए जाने वाले अफसर या कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।
‘इंडस्ट्री का टैक्स 67 लाख 74 हजार कम होने की बात फाइल देखने पर ही पता चलेगी। मैं कल फाइल देखकर स्थिति स्पष्ट करुंगा।’ राजनारायण कमल, कर अधीक्षक परसाखेड़ा एरिया
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परसाखेड़ा में औद्योगिक इकाई वडीलाल इंडस्ट्रीज की आईडी नंबर एनएनबीटीएएक्स-082672 से 17 अक्टूबर 2015 को 72 लाख 17 हजार 76 रुपये 40 पैसे का बिल जारी किया गया। नगर निगम रिकार्ड के मुताबिक इंडस्ट्री मालिक ने 4 लाख 43 हजार 14 रुपये का टैक्स जमा कर दिया। 16 मार्च 2016 को नगर निगम की ओर से इंडस्ट्री को दोबारा जीरो धनराशि बकाया होने का बिल भेज दिया गया। प्रथम बिल के सापेक्ष केवल 4.43 लाख रुपये जमा करने पर इंडस्ट्री से टैक्स वसूली में 67 लाख 74 हजार 62 रुपये कम कर दिए गए। ये टैक्स किस आधार पर कम कर दिया गया? उच्चाधिकारियों को इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। इंडस्ट्री पर अचानक 67.74 लाख टैक्स कम करने पर सवाल उठाते हुए मेयर डा. आईएस तोमर ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मामले की जांच आख्या दो दिन में मांगी गई है ताकि वसूली घपले में दोषी पाए जाने वाले अफसर या कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।
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‘इंडस्ट्री का टैक्स 67 लाख 74 हजार कम होने की बात फाइल देखने पर ही पता चलेगी। मैं कल फाइल देखकर स्थिति स्पष्ट करुंगा।’ राजनारायण कमल, कर अधीक्षक परसाखेड़ा एरिया
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