फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   The power of the lightning could take the patient's life

बिजलीवालाें की मनमानी ले सकती थी मरीजों की जान

Sun, 13 Aug 2017 01:23 AM IST
बरेली
बरेली Updated Sun, 13 Aug 2017 01:23 AM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
बरेली। 
विधायक से झगड़े में शहर की बिजली काटकर बिजली कर्मियों ने आफत मोल ले ली है। हर तरफ से नाराजगी जताई जा रही है। शनिवार को आईएमए ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर अपनी पीड़ा बताई। कहा कि बिजली वालाें की इस मानमानी से शहर के 400 अस्पतालाें में भर्ती 5 हजार से अधिक गंभीर मरीजों की जान जा सकती थी। ऐसा काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। 
शुक्रवार अपराह्न तीन बजे के बाद अचानक बिजली सप्लाई बंद करने से शहर के अस्पतालाें में मरीजाें की जान सांसत में पड़ गई। किसी अस्पताल में जेनरेटर खराब था तो किसी अस्पताल के जेनरेटर में डीजल नहीं था। अचानक बिजली जाने से स्थिति बिगड़ गई और आनन- फानन में इंतजाम करना पड़ा। कुछ छोटे अस्पतालाें में तो जेनरेटर भी नहीं था। सिविल लाइंस स्थित संजीवनी अस्पताल के डॉ. एके चौहान ने बताया कि उनके यहां अगर जेनरेटर न चलता तो दिल के मरीजों को और दिक्कत हो जाती। आईएमए ने इस तरह के कृत्य पर कड़ी नाराजगी जताई है। आईएमए अध्यक्ष डॉ. जेके भाटिया ने बताया कि शहर विधायक और बिजली विभाग के कर्मचारियाें की लड़ाई में 400 निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्रसूति गृह, क्लीनिक, पैथालॉजी, डायग्नोस्टिक सेंटर को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति के आदेश को कर्मचारियों ने नकार दिया। गर्मी व उमस से लोग परेशान रहे। सचिव डॉ. राजेश कक्कड़, नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजीव अग्रवाल, सचिव डॉ. विनोद गुप्ता, डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी ने डीएम से मांग की है कि इस तरह की घटना दोबारा न हो इसके लिए उचित कार्यवाही की जाए। 
विज्ञापन

- व्यापारियाें में भी कड़ी नाराजगी 
उप्र उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने बैठक करके कहा कि बिजली विभाग के अधिकारी दबंगई व गुंडई दिखा रहे हैं। कनेक्शन देने और बिल ठीक करने के  नाम पर झगड़ा और रिश्वत मांगने के अलावा इनका कोई काम नहीं है। जेई और एसडीओ की पोल खुलने पर उन्होंने शहर की सप्लाई बंद कर दी जो गलत है। इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। बैठक में संजीव चांदना, नवीन अग्रवाल, सुदेश अग्रवाल, राजेश जसोरिया, दुष्यंत कोहली, अनूप अग्रवाल व अन्य शामिल रहे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित भारद्वाज व युवा प्रभारी सुनील खत्री ने कहा कि बिजली विभाग के इस काम से लोग मुश्किल में आए हैं। कर्मियाें पर कार्रवाई की मांग की गई है। पश्चिमी उप्र उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष रामकृष्ण शुक्ला ने कहा कि लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री को मामले से अवगत कराया जाए और विभागीय जांच करवाई जाएगी। श्री नाथ नगरी सेवा समिति की ओर से इस पर नाराजगी जताई गई है। श्रवण गुप्ता, ज्ञान प्रकाश, अमित अरोड़ा, अनमोल सक्सेना, सुनील कश्यप व अन्य शामिल रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed