{"_id":"68ffe3ac0a6d70ae0b0e001f","slug":"the-plot-number-which-was-made-the-basis-in-the-court-has-no-connection-with-the-shrine-and-the-market-bareilly-news-c-4-vns1074-754230-2025-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: जिस गाटा संख्या को बनाया कोर्ट में आधार, उसका मजार और मार्केट से संबंध नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: जिस गाटा संख्या को बनाया कोर्ट में आधार, उसका मजार और मार्केट से संबंध नहीं
विज्ञापन
बरेली। जिस गाटा संख्या को आधार बनाकर कोर्ट में अपील की गई है, उसका पहलवान साहब की मजार और मार्केट से कोई संबंध नहीं है। यह रिपोर्ट सदर तहसील प्रशासन ने नगर निगम को दी है। रिपोर्ट के आधार पर नगर निगम प्रशासन का कहना है कि मजार और उससे सटा शॉपिंग कांप्लेक्स सड़क और नाले का हिस्सा है।
अपर नगर आयुक्त ने 14 अक्तूबर को उप जिलाधिकारी सदर को पत्र भेजकर कहा गया था कि नावल्टी चौराहे पर स्थित पहलवान साहब की मजार और उसके पास बना शॉपिंग कांप्लेक्स नगर निगम के दस्तावेजों में सड़क और नाले का हिस्सा है। बीते दिनों नगर निगम ने शॉपिंग कांप्लेक्स को सील किया था। इस पर अतिक्रमणकारियों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर मजार व शॉपिंग कांप्लेक्स को मकरंदपुर सरकार के गाटा संख्या 39 और 40 पर होना दर्शाया है, जो कब्रिस्तान के रूप में दर्ज हैं। सदर तहसील की ओर से गाटा संख्या 39, 40, 41 और 42 की रिपोर्ट दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक गाटा संख्या 39 और 40 का संबंधित मजार व शॉपिंग कांप्लेक्स से कोई लेना-देना नहीं है। संवाद
यह है मामला
26 सितंबर को शहर में हुए बवाल को लेकर आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां और उसके करीबियों पर कार्रवाई शुरू हुई। नगर निगम ने पहलवान साहब की मजार के पास बनी मार्केट को सील किया था। नगर निगम के मुताबिक मार्केट नाले पर कब्जा कर बनाई गई है। इसी के बाद दुकानदारों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। तब नगर निगम ने तहसील प्रशासन को पत्र लिखकर ब्योरा मांगा था। संवाद
विज्ञापन
--
हमने कोर्ट में पेश किए गए गाटा संख्या के संबंध में सदर तहसील से रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट आ गई है। मजार और मार्केट का कोर्ट में दाखिल गाटा संख्या से कोई लेना-देना नहीं है। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
विज्ञापन
अपर नगर आयुक्त ने 14 अक्तूबर को उप जिलाधिकारी सदर को पत्र भेजकर कहा गया था कि नावल्टी चौराहे पर स्थित पहलवान साहब की मजार और उसके पास बना शॉपिंग कांप्लेक्स नगर निगम के दस्तावेजों में सड़क और नाले का हिस्सा है। बीते दिनों नगर निगम ने शॉपिंग कांप्लेक्स को सील किया था। इस पर अतिक्रमणकारियों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर मजार व शॉपिंग कांप्लेक्स को मकरंदपुर सरकार के गाटा संख्या 39 और 40 पर होना दर्शाया है, जो कब्रिस्तान के रूप में दर्ज हैं। सदर तहसील की ओर से गाटा संख्या 39, 40, 41 और 42 की रिपोर्ट दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक गाटा संख्या 39 और 40 का संबंधित मजार व शॉपिंग कांप्लेक्स से कोई लेना-देना नहीं है। संवाद
विज्ञापन
यह है मामला
26 सितंबर को शहर में हुए बवाल को लेकर आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां और उसके करीबियों पर कार्रवाई शुरू हुई। नगर निगम ने पहलवान साहब की मजार के पास बनी मार्केट को सील किया था। नगर निगम के मुताबिक मार्केट नाले पर कब्जा कर बनाई गई है। इसी के बाद दुकानदारों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। तब नगर निगम ने तहसील प्रशासन को पत्र लिखकर ब्योरा मांगा था। संवाद
विज्ञापन
हमने कोर्ट में पेश किए गए गाटा संख्या के संबंध में सदर तहसील से रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट आ गई है। मजार और मार्केट का कोर्ट में दाखिल गाटा संख्या से कोई लेना-देना नहीं है। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त