फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   The night was Suhagon ...

आई रात सुहागों वाली ... 

Wed, 19 Oct 2016 12:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली Updated Wed, 19 Oct 2016 12:56 AM IST
विज्ञापन
The night was Suhagon ...
करवा चौथ - फोटो : बरेली, अमर उजाला
पति-पत्नी केरिश्ते को प्रेम और आस्था से भरने वाले पर्व करवा चौथ की रौनक मंगवार को बाजारों में खूब दिखी। दिन भर कपड़े, कास्मेटिक, चूड़ी और पूजा का सामान खरीदती महिलाओं की बाजार में भीड़ रही। तो शाम होते ही सड़क किनारे मेंहदी लगवाती महिलाएं देखी गईं। दूसरी ओर हलवाई की दुकान पर रात बारह बजे तक जलेबी बिकती रही।
विज्ञापन


डिजायनर करबा बन गया आकर्षण का केंद्र
इन बार शहर के बाजार में मिट्टी का करबा डिजायनर अवतार में मौजूद है। विवाहित महिलाओं ने बड़ी मात्रा में इस खरीदा। अनीता कहती हैं कि वह पीतल का करवा पूजती थी, पर इस बार वह खूबसूरत कलाकृति वाला मिट्टी का करबा खरीदकर लाई हैं, इससे पूजा करके अपना व्रत खोलेंगी। गंगापुर इलाकेमें रहने वाले कुम्हार राकेश कहते हैं कि इस साल करबा बनाते समय अलग रंग और नई डिजायनों को इस्तेमाल किया है, इसलिए अच्छी बिक्री हुई है। इसकेअलावा पूजा केलिए मिट्टी की थाली भी बाजार में रही।
विज्ञापन


ऑनलाइन बाजार में भी व्रत की धूम 
ई-कार्मस वेबसाइट पर इस समय करवाचौथ ऑफर मौजूद हैं। कई वेबसाइट पूजा थाली, करवा, चलनी का पैकेज बेच रही हैं। 
 
पति भी रखेंगे जीवन संगिनी के लिए व्रत 
 अब वो जमाना गया जब यह व्रत सिर्फ पत्नियां ही अपने पतियों के लिए रखती थीं। अब पति भी अपनी पत्नियों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए करवाचौथ रख रहे हैं। सोमवार को कई पतियों ने खुलकर इसे स्वीकार किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


खिल उठे दुकानदारों का चेहरे 
कास्मेटिक से लेकर पूजा का सामान बेचने वाले दुकानदार, कपड़ा व्यापारी से लेकर मेंहदी लगाने वाले तक इस त्योहार पर खुश हैं। करवाचौथ पर महिलाएं अपने लिए साड़ी एवं श्रंगार का सामान जरूर खरीदती हैं, ऐसे में पूरा बाजार गुलजार रहा। सोमवार देर रात तक टेलरों की दुकानों पर अपने कपड़े लेने आने वालों की भीड़ रही। आखिरी दिन महिलाओं ने अपनी सास को उपहार में देने को कपड़े भी खरीदे।  


पति-पत्नी केरिश्ते में मिठास भरते हैं ऐसे पर्व 
नौ साल पहले राहुल प्रजापति और निगार बानो मिले, प्यार हुआ और साथ जीने का फैसला कर लिया। लखीमपुर की निगार और शहर केराहुल ने धर्म की दीवारें लांघी और हाईकोर्ट में शादी कर ली। इसकेबाद हिंदू रीति से शादी करकेनिगार निशा प्रजापति बन गईं। अब इस दंपति केआठ साल का बेटा और छह साल की बेटी है। निगार कहती हैंकि ससुराल ने तो अपना लिया पर उनकेअपने परिवार ने उनसे संबंध तोड़ लिया। वह अपना पहला करबा चौथ याद करकेहुए बताती हैंकि शादी से पहले ही उन्होंने व्रत रखा था। जिसकेबाद उन दोनों के बीच एक विश्वास पैदा हो गया था। कहती हैं कि  किसी भी धर्म केये रीति रिवाज रिश्तों की मिठास घोलने का काम करते हैं। राहुल कहते हैं पत्नी को कभी उसका धर्म मानने से परिवार में कि सी ने नहीं रोका। निगार बोलीं, ससुराल में करवा चौथ और दूसरे त्योहारों की रस्में सास से सींखी हैं। कहती हैं कि हर धर्म रिश्तों में मोहब्बत की पैरोकारी करता है, इसलिए इसके रश्मो रिवाज भी अहम हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed