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मौत को हराने वाली मासूम को अब जीने के सहारे का इंतजार
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सरसों के खेत में मिली बच्ची अब हुई स्वस्थ्य।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
जिला महिला अस्पताल से बच्ची को लेने कोई नहीं पहुंचा
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15 दिन पहले सरसों के खेत में पड़ी मिली थी नवजात
बरेली। दो बार मौत को हराने वाली 15 दिन की मासूम बच्ची को स्वस्थ होने के बाद अब जीने के लिए किसी सहारे का इंतजार है। फिलहाल निजी अस्पताल में भर्ती मासूम को जिला महिला अस्पताल भेजा जाना है लेकिन सूचना दिए जाने के बावजूद बृहस्पतिवार को उसे लेने कोई नहीं पहुंचा।
कुछ दिनों पहले सिरौली में सरसों के खेत में नवजात मिली थी। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई घंटे नंगे बदन भीषण ठंड में पड़े रहने से उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद बच्ची को डॉ. रवि खन्ना के अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने बच्ची के निशुल्क इलाज का जिम्मा उठाया। इलाज के बाद अब बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। सरसों के खेत में नंगे बदन पड़े रहने की वजह से बच्ची को निमोनिया के साथ खून में इंफेक्शन भी हो गया था। प्लेटलेट्स घटकर 28 हजार रह गई थीं। दिमाग में सूजन थी। डॉ. खन्ना के मुताबिक इलाज के बाद बच्ची अब पूरी तरह ठीक है।
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डॉ. खन्ना ने बच्ची को जिला महिला अस्पताल भेजने के लिए वहां की सीएमएस डॉ. अलका शर्मा से बातचीत की। उन्होंने बच्ची को बृहस्पतिवार को ले जाने की बात कही, लेकिन बृहस्पतिवार को कोई बच्ची लेने नहीं आया, अलबत्ता वहां के डॉक्टर ने डॉ. खन्ना से बच्ची के स्वस्थ होने की रिपोर्ट जरूर मांग ली है। अब कहा जा रहा है कि बच्ची को शुक्रवार को महिला अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा।
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15 दिन पहले सरसों के खेत में पड़ी मिली थी नवजात बरेली। दो बार मौत को हराने वाली 15 दिन की मासूम बच्ची को स्वस्थ होने के बाद अब जीने के लिए किसी सहारे का इंतजार है। फिलहाल निजी अस्पताल में भर्ती मासूम को जिला महिला अस्पताल भेजा जाना है लेकिन सूचना दिए जाने के बावजूद बृहस्पतिवार को उसे लेने कोई नहीं पहुंचा।
कुछ दिनों पहले सिरौली में सरसों के खेत में नवजात मिली थी। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई घंटे नंगे बदन भीषण ठंड में पड़े रहने से उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद बच्ची को डॉ. रवि खन्ना के अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने बच्ची के निशुल्क इलाज का जिम्मा उठाया। इलाज के बाद अब बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। सरसों के खेत में नंगे बदन पड़े रहने की वजह से बच्ची को निमोनिया के साथ खून में इंफेक्शन भी हो गया था। प्लेटलेट्स घटकर 28 हजार रह गई थीं। दिमाग में सूजन थी। डॉ. खन्ना के मुताबिक इलाज के बाद बच्ची अब पूरी तरह ठीक है।
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डॉ. खन्ना ने बच्ची को जिला महिला अस्पताल भेजने के लिए वहां की सीएमएस डॉ. अलका शर्मा से बातचीत की। उन्होंने बच्ची को बृहस्पतिवार को ले जाने की बात कही, लेकिन बृहस्पतिवार को कोई बच्ची लेने नहीं आया, अलबत्ता वहां के डॉक्टर ने डॉ. खन्ना से बच्ची के स्वस्थ होने की रिपोर्ट जरूर मांग ली है। अब कहा जा रहा है कि बच्ची को शुक्रवार को महिला अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा।