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Bareilly News: विद्यार्थी का अधूरा, त्रुटिपूर्ण विवरण मिलने पर महाविद्यालय होगा जिम्मेदार

Tue, 28 Jul 2026 02:06 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jul 2026 02:06 AM IST
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The college will be held responsible if a student's details are found to be incomplete or erroneous.
बरेली। रुविवि ने अपने संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों, निदेशकों और विश्वविद्यालय परिसर के विभागाध्यक्षों को विद्यार्थियों के शैक्षणिक अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। यह निर्देश भारत सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (एबीसी), अपार आईडी और डिजिलॉकर प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने के तहत जारी किए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अधूरा, त्रुटिपूर्ण विवरण किसी भी हाल में विश्वविद्यालय को प्रेषित न किया जाए। ऐसी किसी भी गलती या तकनीकी समस्या के लिए संबंधित महाविद्यालय या विभाग ही जिम्मेदार होगा।
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परीक्षा नियंत्रक अनिल कुमार ने बताया कि डिजिलॉकर गाइडलाइंस के तहत विद्यार्थियों का शैक्षणिक विवरण अपलोड किया जाना है। डाटा की शुद्धता बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक बार कॉमा सेपरेटेड वैल्यूज (सीएसवी) फाइल में मूल जानकारी अपलोड होने के बाद उसमें संशोधन संभव नहीं होगा। किसी भी गलती से विद्यार्थियों को भविष्य में डिग्री, अंकपत्र, क्रेडिट ट्रांसफर, प्रवेश और रोजगार प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है। प्रत्येक छात्र की अपार और एबीसी-आईडी का सत्यापन अनिवार्य है। यह केवल 12 अंकों की संख्यात्मक आईडी होनी चाहिए, जिसमें कोई अक्षर या विशेष चिह्न स्वीकार्य नहीं होगा। गलत आईडी दर्ज होने पर डाटा डिजिलॉकर पर अपलोड नहीं हो पाएगा। सभी संकाय और कॉलेज परीक्षा परिणाम, विषयवार अंक, ग्रेड, क्रेडिट, एसजीपीए और सीजीपीए की जानकारी विश्वविद्यालय के अधिकृत रिकॉर्ड के अनुरूप ही भेजें।
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यदि किसी विद्यार्थी के विवरण में कोई त्रुटि या विसंगति पाई जाती है, तो अंतिम डाटा अपलोड करने से पूर्व विश्वविद्यालय के संबंधित अनुभाग से समन्वय स्थापित कर उसका तत्काल निराकरण किया जाएगा। कॉलेजों को अपने स्तर पर एक नोडल अधिकारी नामित करने का निर्देश दिया गया है। यह अधिकारी दैनिक समीक्षा कर कार्य को समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराएगा।
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