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Bareilly News: खुराफातियों को सबक सिखाने के लिए प्रशासन ने दिखाया दम
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बरेली। शाही के गौसगंज गांव में पुलिस प्रशासन की कार्रवाई नजीर के तौर पर पेश की गई। ग्रामीणों के मामूली विवाद को कुछ खुराफातियों ने तूल देकर दो समुदायों के बीच का संघर्ष बना दिया तो प्रशासन ने भी उसी तरीके से जवाब दिया। संकरी गलियों में बुलडोजर मकानों को तोड़ता रहा। अभी पांच और मकान तोड़ने की बात कही जा रही है।
गौसगंज हिंसा में घायल तेजपाल की मौत से एक समुदाय के लोग काफी गुस्से में थे। लोगों के दिलों का गुबार भांपकर अधिकारी सुबह ही गांव में पहुंच गए थे। तोड़फोड़ के लिहाज से बुलडोजर भी मंगा लिया गया था। पहले योजना थी कि अंतिम संस्कार के बाद या मंगलवार को तोड़फोड़ शुरू की जाए, पर ग्रामीणों के गुस्से से बने दबाव के बाद सोमवार को ही कार्रवाई कर दी गई। पुलिस और प्रशासन की टीम ने पीआरडी जवान बख्तावर का मकान लगभग पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। बख्तावर को लेकर एक पक्ष के लोगों में खासा रोष था। बताया गया कि पीआरडी में होने की वजह से उसकी थाने में अच्छी पकड़ थी। गांव में छोटा-मोटा विवाद होने पर वह अपने हिसाब से कार्रवाई कराता था।
खासकर एक समुदाय के लोगों को फंसाने में उसकी खास रुचि रहती थी। पुलिस भी उसी की बात को प्राथमिकता देती थी। इसीलिए ताजिया निकालने के दौरान गलत रास्ते पर उसे ले जाने की शिकायत के बाद भी पुलिस ने कुछ नहीं किया। उल्टे शिकायतकर्ताओं को ही डपटकर भगा दिया था। एसएसपी ने प्रारंभिक जांच के बाद बख्तावर के करीबी सिपाही नफीस अहमद को निलंबित कर दरोगा समेत चार को लाइन हाजिर कर दिया था।
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इनके घरों में हुई तोड़फोड़
धनेटा शीशगढ़ रोड पर बने इरशाद एवं आरिफ का जीना बुनियाद अतिक्रमण के रूप में चिह्नित किए गए थे। वहीं, विवाद का साजिशकर्ता बख्तावर, बाबू, हसन अली, कादर अली, हनीफ, हसीन और रियासत के घरों का कुछ हिस्सा ग्राम पंचायत ने अपनी भूमि पर पाया। यहां ग्राम पंचायत टीम की ओर से लाल निशान लगाए गए थे। सभी दस मकानों को संकरी गलियों में बुलडोजर चलाकर तोड़ा गया। एसडीएम तृप्ति गुप्ता ने बताया कि कुल 15 मकान चिह्नित किए गए हैं। रास्ते में मलबा गिरने से बुलडोजर को आगे ले जाने में दिक्कत हो रही थी। अब मलबा हटवाकर बाकी अतिक्रमण भी ढहाया जाएगा।
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इन थानों की पुलिस पहुंची
सुबह ही शाही, शीशगढ़, देवरनिया, शेरगढ़, भोजीपुरा, फतेहगंज पश्चिमी, मीरगंज, बिथरी चैनपुर, भुता थानों की पुलिस गौसगंज पहुंच गई। दो गाड़ियों में भरकर पीएसी के जवान भी मौके पर पहुंच गए थे।
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विधायक और एसपी ने दिया भरोसा
तेजपाल की मौत के बाद गांव में आक्रोश को देखते हुए मीरगंज विधायक डाॅ. डीसी वर्मा व एसपी दक्षिणी मानुष पारीक ने आरोपियों के खिलाफ और कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। कहा कि आरोपियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। आप लोग अंत्येष्टि करें। आरोपियों की रिश्तेदारियों में दबिश देकर गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। सोमवार को भी कुछ लोग पकड़े गए।
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गौसगंज हिंसा में घायल तेजपाल की मौत से एक समुदाय के लोग काफी गुस्से में थे। लोगों के दिलों का गुबार भांपकर अधिकारी सुबह ही गांव में पहुंच गए थे। तोड़फोड़ के लिहाज से बुलडोजर भी मंगा लिया गया था। पहले योजना थी कि अंतिम संस्कार के बाद या मंगलवार को तोड़फोड़ शुरू की जाए, पर ग्रामीणों के गुस्से से बने दबाव के बाद सोमवार को ही कार्रवाई कर दी गई। पुलिस और प्रशासन की टीम ने पीआरडी जवान बख्तावर का मकान लगभग पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। बख्तावर को लेकर एक पक्ष के लोगों में खासा रोष था। बताया गया कि पीआरडी में होने की वजह से उसकी थाने में अच्छी पकड़ थी। गांव में छोटा-मोटा विवाद होने पर वह अपने हिसाब से कार्रवाई कराता था।
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खासकर एक समुदाय के लोगों को फंसाने में उसकी खास रुचि रहती थी। पुलिस भी उसी की बात को प्राथमिकता देती थी। इसीलिए ताजिया निकालने के दौरान गलत रास्ते पर उसे ले जाने की शिकायत के बाद भी पुलिस ने कुछ नहीं किया। उल्टे शिकायतकर्ताओं को ही डपटकर भगा दिया था। एसएसपी ने प्रारंभिक जांच के बाद बख्तावर के करीबी सिपाही नफीस अहमद को निलंबित कर दरोगा समेत चार को लाइन हाजिर कर दिया था।
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इनके घरों में हुई तोड़फोड़
धनेटा शीशगढ़ रोड पर बने इरशाद एवं आरिफ का जीना बुनियाद अतिक्रमण के रूप में चिह्नित किए गए थे। वहीं, विवाद का साजिशकर्ता बख्तावर, बाबू, हसन अली, कादर अली, हनीफ, हसीन और रियासत के घरों का कुछ हिस्सा ग्राम पंचायत ने अपनी भूमि पर पाया। यहां ग्राम पंचायत टीम की ओर से लाल निशान लगाए गए थे। सभी दस मकानों को संकरी गलियों में बुलडोजर चलाकर तोड़ा गया। एसडीएम तृप्ति गुप्ता ने बताया कि कुल 15 मकान चिह्नित किए गए हैं। रास्ते में मलबा गिरने से बुलडोजर को आगे ले जाने में दिक्कत हो रही थी। अब मलबा हटवाकर बाकी अतिक्रमण भी ढहाया जाएगा।
इन थानों की पुलिस पहुंची
सुबह ही शाही, शीशगढ़, देवरनिया, शेरगढ़, भोजीपुरा, फतेहगंज पश्चिमी, मीरगंज, बिथरी चैनपुर, भुता थानों की पुलिस गौसगंज पहुंच गई। दो गाड़ियों में भरकर पीएसी के जवान भी मौके पर पहुंच गए थे।
विधायक और एसपी ने दिया भरोसा
तेजपाल की मौत के बाद गांव में आक्रोश को देखते हुए मीरगंज विधायक डाॅ. डीसी वर्मा व एसपी दक्षिणी मानुष पारीक ने आरोपियों के खिलाफ और कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। कहा कि आरोपियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। आप लोग अंत्येष्टि करें। आरोपियों की रिश्तेदारियों में दबिश देकर गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। सोमवार को भी कुछ लोग पकड़े गए।