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Bareilly News: किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म करने वाले को दस साल की कैद
Thu, 06 Jun 2024 05:38 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 06 Jun 2024 05:38 AM IST
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बरेली। नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म करने वाले मुकेश को अपर सत्र न्यायाधीश कुमार मयंक ने दस साल कारावास की सजा सुनाई है।
शीशगढ़ क्षेत्र के रहने वाली ग्रामीण ने 31 अगस्त 2013 में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि थाना क्षेत्र के ही बल्ली गांव निवासी मुकेश उर्फ फकीरी उसके गांव में आइसक्रीम का ठेला लगाता था। 26 अगस्त 2013 की रात को मुकेश उसकी 13 साल की पुत्री को बहला-फुसला कर ले गया। जब उसने छानबीन की तो पता चला कि मुकेश बिहारीपुर में अपने मौसा के यहां किशोरी को ले गया। यहां से बहेड़ी के खुटिया गांव में रहने वाले अपने बहनोई के यहां ले गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर किशोरी की तलाश कर दी। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर उसका मेडिकल कराया इसके साथ ही अदालत में बयान कराए। अदालत में बयान के दौरान किशोरी ने कहा कि उसके साथ मुकेश ने दुष्कर्म नहीं किया न ही बहला-फुसलाकर ले गया। वह स्वेच्छा से गई थी। इसके बाद अदालत में बहस के दौरान किशोरी ने कहा कि मुकेश उसे जबरदस्ती बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। पीलीभीत शिव मंदिर में ले जाकर जबरदस्ती शादी की और उसे पत्नी के रूप में रखता रहा। मुकेश ने उसे 12-14 दिन अपने मौसा के यहां दुष्कर्म किया। साथ ही उसे डराया धमकाया था कि अगर न्यायालय में उसके पक्ष में बयान दे। वरना उसके परिवार को जान से मार देगा। इसी कारण उसने अदालत में 164 के बयानों में मुकेश के पक्ष में बयान दिए थे।
मुकेश की तरफ से अदालत में मामले को झूठा बताया गया। विशेष लोक अभियोजक सुभव कुमार मिश्रा ने अदालत में सात गवाह पेश किए। बताया कि नाबालिग पीड़िता ने अदालत में मुख्य गवाही में अपने बयानों में बहला-फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म की बात कही है। इससे पूर्व उसने डर के कारण मुकेश के पक्ष में बयान दिए थे। अदालत ने मुकेश को दस साल कैद की सजा के साथ 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
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शीशगढ़ क्षेत्र के रहने वाली ग्रामीण ने 31 अगस्त 2013 में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि थाना क्षेत्र के ही बल्ली गांव निवासी मुकेश उर्फ फकीरी उसके गांव में आइसक्रीम का ठेला लगाता था। 26 अगस्त 2013 की रात को मुकेश उसकी 13 साल की पुत्री को बहला-फुसला कर ले गया। जब उसने छानबीन की तो पता चला कि मुकेश बिहारीपुर में अपने मौसा के यहां किशोरी को ले गया। यहां से बहेड़ी के खुटिया गांव में रहने वाले अपने बहनोई के यहां ले गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर किशोरी की तलाश कर दी। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर उसका मेडिकल कराया इसके साथ ही अदालत में बयान कराए। अदालत में बयान के दौरान किशोरी ने कहा कि उसके साथ मुकेश ने दुष्कर्म नहीं किया न ही बहला-फुसलाकर ले गया। वह स्वेच्छा से गई थी। इसके बाद अदालत में बहस के दौरान किशोरी ने कहा कि मुकेश उसे जबरदस्ती बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। पीलीभीत शिव मंदिर में ले जाकर जबरदस्ती शादी की और उसे पत्नी के रूप में रखता रहा। मुकेश ने उसे 12-14 दिन अपने मौसा के यहां दुष्कर्म किया। साथ ही उसे डराया धमकाया था कि अगर न्यायालय में उसके पक्ष में बयान दे। वरना उसके परिवार को जान से मार देगा। इसी कारण उसने अदालत में 164 के बयानों में मुकेश के पक्ष में बयान दिए थे।
मुकेश की तरफ से अदालत में मामले को झूठा बताया गया। विशेष लोक अभियोजक सुभव कुमार मिश्रा ने अदालत में सात गवाह पेश किए। बताया कि नाबालिग पीड़िता ने अदालत में मुख्य गवाही में अपने बयानों में बहला-फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म की बात कही है। इससे पूर्व उसने डर के कारण मुकेश के पक्ष में बयान दिए थे। अदालत ने मुकेश को दस साल कैद की सजा के साथ 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
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