{"_id":"574dec224f1c1b0a46108f3e","slug":"telgo-wait-three-years-for-the-trip","type":"story","status":"publish","title_hn":"टेल्गो में यात्रा के लिए तीन साल इंतजार करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टेल्गो में यात्रा के लिए तीन साल इंतजार करें
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 01 Jun 2016 01:25 AM IST
विज्ञापन
टेल्गो ट्रेन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुहेलखंड के लोगों को टेल्गो में यात्रा करने के लिए अभी तीन साल और इंतजार करना होगा। मौजूदा ट्रैक व्यस्त और हाईस्पीड टेल्गो ट्रेन में दिल्ली से बरेली होते हुए लखनऊ की यात्रा के लायक ही नहीं हैं। 115 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने के प्रयास किए जाएं तो भी इस ट्रैक पर ट्रेन अधिक होने के कारण रफ्तार नहीं पकड़ पाएगी। मौजूदा ट्रेनें फुल स्पीड में चलें तो भी आगे चल रहीं ट्रेनों के कारण उनकी स्पीड भी कम करनी पड़ती हैं। अकेले बरेली से मुरादाबाद के बीच इस ट्रैक पर रोजाना 200 से लेकर 220 तक यात्री और माल गाड़ियां दौड़ रहीं हैं, जो कि निर्धारित क्षमता से 25 फ ीसदी से अधिक हैं।
रेल मंत्रालय ने स्पेन की टेल्गो ट्रेन को ट्रायल के लिए बरेली - मुरादाबाद के बीच का ट्रैक चुना है। इस ट्रैक पर यह ट्रेन चल रही है लेकिन प्लेटफार्म खाली न होने के कारण 20 किलोमीटर पहले दलपतपुर से ही यह ट्रेन लौटाई जा रही है। रेलवे के अधिकारियों ने माल गाड़ियों के लिए लुधियाना से कोलकाता को ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कोरिडोर और लुधियाना से गांधीनगर तक के लिए वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कोरिडर का निर्माण शुरू करा दिया है। इनको पूरा कराने का लक्ष्य दिसंबर 2018 निर्धारित किया है। इन दोनों फ्रेट कोरिडोर का निर्माण पूरा होने पर 80 फीसदी माल गाड़ियों को इन दोनों ट्रेकों पर 100 से 120 की स्पीड पर संचालित किया जाएगा। हालांकि इन ट्रैकों की क्षमता 200 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इसके लिए 50 से 100 किलोमीटर के बीच हब बनेंगे। जहां पर माल की लोडिंग और अन लोडिंग प्रस्तावित की गई है । उसी के बाद बरेली सहित अधिकांश ट्रैक माल गाड़ियों से फ्री हो जाएंगे और उन पर यात्री ट्रेन ही संचालित होंगी।ये दोनों फ्रेट कोरिडोर उन प्रमुख शहरों से होकर गुजरेंगे, जहां से व्यापारियों और उद्यमियों के माल की लोडिंग और अन लोडिंग होती है। अधिकांश कारोबार इन शहरों से होकर है। आयात और निर्यात के लिए बंदरगाह इन फ्रेट कोरिडोर के लिए बेहतर होंगे।
लुघियाना से कोलकता तक का फ्रेटकोरिडोर दिसंबर 2018 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बनने के बाद अधिकांश माल गाड़ी इसी से चलेगी और उनकी रफ्तार भी बढ़ेगी।
- डीएस चंपिया, प्रोजेक्ट मैनेजर
इस समय दिल्ली से मुरादाबाद होकर बरेली और लखनऊ ट्रैक ओवर लोडेड है। प्रतिदिन 200 से लेकर 220 ट्रेन संचालित हो रहीं हैं। जबकि सामान्य तौर पर 120 से लेकर 150 ट्रेन ही संचालित होनी चाहिए।
विज्ञापन
- प्रमोद कुमार, डीआरएम मुरादाबाद
आज 50 से 60 की स्पीड पर ही चलेगी टेल्गो
टेल्गो ट्रेन का ट्रायल तीसरे दिन शुरू से लेकर आखिर तक 115 की स्पीड से रहा। स्पेन की हाई स्पीड ये ट्रेन 115 की स्पीड से दो बार दलपतपुर तक गई और वहां सेे वापस लौटी। उसके बाद इसे इज्जतनगर स्थित वर्कशाप में रखा गया। इस रफ्तार में ट्रेन का दलपतपुर से बरेली का आखिरी राउंड 47 मिनट का रहा, इससे पहले 55 मिनट का समय दलपतपुर से बरेली और बरेली से दलपतपुर के बीच लिया। बुधवार को यह ट्रेन बिना हाइड्रोलिक सिस्टम के 50 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से चलेगी।
आरडीएसओ और टेल्गो की टीम के साथ हाईस्पीड इस ट्रेन का ट्रायल रविवार से शुरू हुआ। पहले दिन ट्रेेन एक घंटा 17 मिनट में बरेली से मुरादाबाद पहुंची । दूसरे दिन ट्रेन की रफ्तार बढ़ी और एक घंटे में दूरी पूरी की। सोमवार को मुरादाबाद में प्लेटफार्म खाली न मिलने के कारण ट्रेन को बरेली से दलपतपुर के बीच चलाया गया। ट्रेन ने दो फेरे लगाए। तीसरा फेरा परसाखेड़ा तक रहा। मंगलवार को 115 की स्पीड में ट्रेन को बरेली से दलपतपुर लाया गया। इसके बाद उसे रनथ्रू बरेली तक चलाया।
आरडीएसओ की टीम टेल्गो ट्रेन को रफ्तार के साथ ही सुरक्षा के मानकों को कसौटी पर भी परख रही है। ट्रेन को 115 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाने के साथ उससे घुमाव और पटरी के ज्वाइंट पर लगने वाले झटकों के प्रेशर का सेंसर से परीक्षण हो रहा है। टीम में शामिल अधिकारियों के अनुसार ट्रेन में 115 किमी की रफ्तार पूरी करने के साथ ही लगातार उसी स्पीड पर चलाया गया। इस दौरान ट्रेन घुमाव और ज्वाइंट पर झटके महसूस नहीं हुए। टीम के अनुसार झटके नहीं लगना ही उनके ट्रायल की सफलता है।
ट्रेन की स्पीड
स्थान समय
बरेली से दलपतपुर को रवानगी 8.55
दलपतपुर 9.55
दलपतपुर से बरेली को रवानगी 10.40
बरेली जंक्शन 11.30
बरेली से दलपतपुर को रवानगी 12.15
दलपतपुर 01.05
दलपतपुर से बरेली रवानगी 01.40
बरेली जंक्शन 14.27
--------------------------------------------------
विज्ञापन
रेल मंत्रालय ने स्पेन की टेल्गो ट्रेन को ट्रायल के लिए बरेली - मुरादाबाद के बीच का ट्रैक चुना है। इस ट्रैक पर यह ट्रेन चल रही है लेकिन प्लेटफार्म खाली न होने के कारण 20 किलोमीटर पहले दलपतपुर से ही यह ट्रेन लौटाई जा रही है। रेलवे के अधिकारियों ने माल गाड़ियों के लिए लुधियाना से कोलकाता को ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कोरिडोर और लुधियाना से गांधीनगर तक के लिए वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कोरिडर का निर्माण शुरू करा दिया है। इनको पूरा कराने का लक्ष्य दिसंबर 2018 निर्धारित किया है। इन दोनों फ्रेट कोरिडोर का निर्माण पूरा होने पर 80 फीसदी माल गाड़ियों को इन दोनों ट्रेकों पर 100 से 120 की स्पीड पर संचालित किया जाएगा। हालांकि इन ट्रैकों की क्षमता 200 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इसके लिए 50 से 100 किलोमीटर के बीच हब बनेंगे। जहां पर माल की लोडिंग और अन लोडिंग प्रस्तावित की गई है । उसी के बाद बरेली सहित अधिकांश ट्रैक माल गाड़ियों से फ्री हो जाएंगे और उन पर यात्री ट्रेन ही संचालित होंगी।ये दोनों फ्रेट कोरिडोर उन प्रमुख शहरों से होकर गुजरेंगे, जहां से व्यापारियों और उद्यमियों के माल की लोडिंग और अन लोडिंग होती है। अधिकांश कारोबार इन शहरों से होकर है। आयात और निर्यात के लिए बंदरगाह इन फ्रेट कोरिडोर के लिए बेहतर होंगे।
विज्ञापन
लुघियाना से कोलकता तक का फ्रेटकोरिडोर दिसंबर 2018 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बनने के बाद अधिकांश माल गाड़ी इसी से चलेगी और उनकी रफ्तार भी बढ़ेगी।
- डीएस चंपिया, प्रोजेक्ट मैनेजर
इस समय दिल्ली से मुरादाबाद होकर बरेली और लखनऊ ट्रैक ओवर लोडेड है। प्रतिदिन 200 से लेकर 220 ट्रेन संचालित हो रहीं हैं। जबकि सामान्य तौर पर 120 से लेकर 150 ट्रेन ही संचालित होनी चाहिए।
विज्ञापन
- प्रमोद कुमार, डीआरएम मुरादाबाद
आज 50 से 60 की स्पीड पर ही चलेगी टेल्गो
टेल्गो ट्रेन का ट्रायल तीसरे दिन शुरू से लेकर आखिर तक 115 की स्पीड से रहा। स्पेन की हाई स्पीड ये ट्रेन 115 की स्पीड से दो बार दलपतपुर तक गई और वहां सेे वापस लौटी। उसके बाद इसे इज्जतनगर स्थित वर्कशाप में रखा गया। इस रफ्तार में ट्रेन का दलपतपुर से बरेली का आखिरी राउंड 47 मिनट का रहा, इससे पहले 55 मिनट का समय दलपतपुर से बरेली और बरेली से दलपतपुर के बीच लिया। बुधवार को यह ट्रेन बिना हाइड्रोलिक सिस्टम के 50 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से चलेगी।
आरडीएसओ और टेल्गो की टीम के साथ हाईस्पीड इस ट्रेन का ट्रायल रविवार से शुरू हुआ। पहले दिन ट्रेेन एक घंटा 17 मिनट में बरेली से मुरादाबाद पहुंची । दूसरे दिन ट्रेन की रफ्तार बढ़ी और एक घंटे में दूरी पूरी की। सोमवार को मुरादाबाद में प्लेटफार्म खाली न मिलने के कारण ट्रेन को बरेली से दलपतपुर के बीच चलाया गया। ट्रेन ने दो फेरे लगाए। तीसरा फेरा परसाखेड़ा तक रहा। मंगलवार को 115 की स्पीड में ट्रेन को बरेली से दलपतपुर लाया गया। इसके बाद उसे रनथ्रू बरेली तक चलाया।
आरडीएसओ की टीम टेल्गो ट्रेन को रफ्तार के साथ ही सुरक्षा के मानकों को कसौटी पर भी परख रही है। ट्रेन को 115 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाने के साथ उससे घुमाव और पटरी के ज्वाइंट पर लगने वाले झटकों के प्रेशर का सेंसर से परीक्षण हो रहा है। टीम में शामिल अधिकारियों के अनुसार ट्रेन में 115 किमी की रफ्तार पूरी करने के साथ ही लगातार उसी स्पीड पर चलाया गया। इस दौरान ट्रेन घुमाव और ज्वाइंट पर झटके महसूस नहीं हुए। टीम के अनुसार झटके नहीं लगना ही उनके ट्रायल की सफलता है।
ट्रेन की स्पीड
स्थान समय
बरेली से दलपतपुर को रवानगी 8.55
दलपतपुर 9.55
दलपतपुर से बरेली को रवानगी 10.40
बरेली जंक्शन 11.30
बरेली से दलपतपुर को रवानगी 12.15
दलपतपुर 01.05
दलपतपुर से बरेली रवानगी 01.40
बरेली जंक्शन 14.27
--------------------------------------------------