Online Attendance: ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में सड़क पर उतरे सैकड़ों शिक्षक, पुलिस से हुई नोकझोंक
ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में सोमवार को जनपदीय शिक्षक एवं संविदा शिक्षक संघर्ष समन्वयक समिति के बैनर तले सभी संघ से जुड़े कर्मचारी जीआईसी खेल मैदान में एकत्रित हुए। यहां काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।
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शाहजहांपुर में विभिन्न संगठनों से जुड़े शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सोमवार को सड़क पर उतर आए। पहले खिरनीबाग जीआईसी मैदान पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया, फिर कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो शिक्षक नेताओं से नोकझोंक भी हुई।
परिषदीय विद्यालयों में उपयोग होने वाले 12 रजिस्टरों के डिजिटलाइजेशन करने के साथ ही शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की हाजिरी भी ऑनलाइन लगाने के निर्देश दिए हैं। शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक संघ इस व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। सोमवार को जनपदीय शिक्षक एवं संविदा शिक्षक संघर्ष समन्वयक समिति के बैनर तले सभी संघ से जुड़े कर्मचारी बड़ी संख्या में जीआईसी खेल मैदान पर एकत्रित हुए।
यहां काली पट्टी बांधकर महानिदेशक शिक्षा बेसिक, उनकी ओर से जारी ऑनलाइन हाजिरी व रजिस्टरों के डिजिटलाइजेशन आदेश के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ऋषिकांत पांडेय ने कहा कि अभी केवल काली पट्टी बांधी है। इसके माध्यम से शासन व प्रशासन को संदेश दिया गया है कि शिक्षकों का उत्पीड़न किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष मंगरे लाल ने कहा कि बारिश के मौसम में अपने घर से दूरदराज के इलाकों तक जाने के दौरान शिक्षकों के साथ हादसे हो रहे हैं। बावजूद ऑनलाइन हाजिरी जैसे आदेश लागू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह शिक्षकों के प्रति अधिकारियों की दमनकारी नीति को दर्शाता है।
पुलिस ने किया रोकने का प्रयास
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार शर्मा, उत्तर प्रदेश शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष रत्नाकर दीक्षित, अशासकीय शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष यदुवीर सिंह आदि ने भी अपने विचार रखे। इसके बाद सभी पैदल ही कलक्ट्रेट की कूच कर गए। रास्ते में कई जगह पुलिस ने उन्हें रोका तो शिक्षक नेताओं-पुलिस अधिकारियों के बीच झड़प और धक्कामुक्की भी हो गई। इसके बावजूद शिक्षक कलक्ट्रेट पहुंच गए और एसडीएम ज्ञानेंद्र नाथ को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने शिक्षकों के ज्ञापन को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया तब सभी वापस आए।
हाफ डे लीव और प्रतिकर अवकाश का विकल्प दिया जाए। राज्य कर्मचारियों की तरह 30 ईएल मिलें। बीएसए को ऑनलाइन उपस्थिति में शिथिलता बरतने और पंजिकाओं के डिजिटलाइजेशन के लिए सर्वर क्रैश होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएं। ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था अन्य विभागों की तरह लागू हो। कहा कि इन समस्याओं का समाधान होने के बाद ही आदेशों का पालन किया जाएगा।
15 जुलाई तक होगा काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन व बहिष्कार
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि 14 जुलाई तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 15 जुलाई को दोगुनी ताकत से फिर इकट्ठा होकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। बोले कि 15 जुलाई तक सभी शिक्षक, शिक्षा मित्र व अनुदेशक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे। ऑनलाइन उपस्थिति का पूर्ण बहिष्कार जारी रखेंगे।
ये लोग रहे मौजूद
विशिष्ट बीटीसी संघ के जिलाध्यक्ष राजकमल आर्य, एससी-एसटी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अजय वर्मा, अनुसूचित जाति शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन जिलाध्यक्ष अमर सिंह, यूटा जिलाध्यक्ष विनीत गंगवार, कौमी उर्दू शिक्षक कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष नफीस खान, उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल अनुदेशक संघ जिलाध्यक्ष रवि वर्मा, टीएससीटी जिलाध्यक्ष सतीश सिंह आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।