{"_id":"68acd3edd557c510650ff959","slug":"teachers-and-officers-showed-their-strength-in-civil-services-sports-trials-bareilly-news-c-4-vns1074-711511-2025-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: सिविल सर्विसेज खेल ट्रायल में शिक्षकों और अधिकारियों ने दिखाया दम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: सिविल सर्विसेज खेल ट्रायल में शिक्षकों और अधिकारियों ने दिखाया दम
विज्ञापन
बरेली। स्पोर्ट्स स्टेडियम में सोमवार को प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सिविल सर्विसेज मंडलीय चयन ट्रायल आयोजित हुआ। इसमें शिक्षकों, अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। 40 वर्ष की उम्र पार कर चुके इन खिलाड़ियों का उत्साह युवा खिलाड़ियों के जज्बे को टक्कर दे रहा था।
एथलेटिक्स से खेल की दुनिया में कदम रखने वाली जीजीआईसी की प्रवक्ता अर्चना राजपूत ने बताया कि वह पहले भी तीन बार सिविल सर्विसेज नेशनल प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी हैं। व्यस्तता के बावजूद उन्होंने फिटनेस बनाए रखी। ट्रायल के बाद उन्होंने कहा कि मैदान पर लौटना बेहद खास रहा। वह चेन्नई में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी कर रही हैं।
जीजीआईसी में अर्थशास्त्र की प्रवक्ता नमृता पालीवाल पहली बार इस ट्रायल में उतरीं और बैडमिंटन में हाथ आजमाया। बताया कि वह योग और जुंबा क्लासेज से अपनी ऊर्जा और सक्रियता बनाए रखती हैं। समाज कल्याण विभाग में अधीक्षक पद पर कार्यरत कौशलेंद्र सिंह पूर्व में भारोत्तोलन खिलाड़ी रह चुके हैं और प्रदेश स्तर पर स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। लंबे अंतराल के बाद जब उन्होंने मैदान पर वापसी की तो उनका उत्साह स्पष्ट नजर आया। उनका मानना है कि खेलों से व्यक्ति में अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वास्थ्य के प्रति गंभीरता आती है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
एथलेटिक्स से खेल की दुनिया में कदम रखने वाली जीजीआईसी की प्रवक्ता अर्चना राजपूत ने बताया कि वह पहले भी तीन बार सिविल सर्विसेज नेशनल प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी हैं। व्यस्तता के बावजूद उन्होंने फिटनेस बनाए रखी। ट्रायल के बाद उन्होंने कहा कि मैदान पर लौटना बेहद खास रहा। वह चेन्नई में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी कर रही हैं।
विज्ञापन
जीजीआईसी में अर्थशास्त्र की प्रवक्ता नमृता पालीवाल पहली बार इस ट्रायल में उतरीं और बैडमिंटन में हाथ आजमाया। बताया कि वह योग और जुंबा क्लासेज से अपनी ऊर्जा और सक्रियता बनाए रखती हैं। समाज कल्याण विभाग में अधीक्षक पद पर कार्यरत कौशलेंद्र सिंह पूर्व में भारोत्तोलन खिलाड़ी रह चुके हैं और प्रदेश स्तर पर स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। लंबे अंतराल के बाद जब उन्होंने मैदान पर वापसी की तो उनका उत्साह स्पष्ट नजर आया। उनका मानना है कि खेलों से व्यक्ति में अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वास्थ्य के प्रति गंभीरता आती है। संवाद
विज्ञापन