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दो हजार में बना देते थे कोई भी प्रमाणपत्र, शिक्षक गिरफ्तार

Mon, 18 Mar 2019 12:06 AM IST
vivek shukla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली Published by: vivek shukla Updated Mon, 18 Mar 2019 12:06 AM IST
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teacher make fake certificate in Bareilly
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

सुभाषनगर के मढ़ीनाथ स्थित राजकुमारी इंटर कॉलेज से फर्जी मार्कशीट, जन्म, मृत्यु प्रमाणपत्र और आधार कार्ड बनाने का धंधा चलता था। वहां के एक शिक्षक को प्रिंटर, लैपटॉप समेत गिरफ्तार कर सुभाषनगर पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया।

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इंटर कॉलेज के मालिक प्रधानाचार्य और रुहेलखंड विवि के एक शिक्षक को भी आरोपी बनाया गया है। दोनों अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने अपना आदमी भेजकर इनसे एक ऐसे व्यक्ति की आठवीं की मार्कशीट बनवाई, जो कई साल पहले मर चुका है। फेल छात्रों को पास की मार्कशीट महज पंद्रह सौ से दो हजार रुपये में दे दी जाती थी। 
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एसएसपी मुनिराज जी ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि पकड़े  गए भोजीपुरा के गांव वीरपुर मकरुका निवासी अमित उर्फ ख्यालीराम राठौर के पास से नौ रबड़ की मोहरें, चार फर्जी टीसी, 11 फर्जी मार्कशीट, एक मृत्यु प्रमाणपत्र, लैपटॉप, प्रिंटर आदि सामान बरामद किया गया है। इंटर कॉलेज का मालिक/प्रधानाचार्य बाबूराम गंगवार और गणेशनगर की गली नंबर तीन निवासी रविंद्र प्रताप सिंह भाग गए।

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पुलिस ने मृतक की मार्कशीट बनवाकर फांसा

रविंद्र प्रताप रुहेलखंड विवि में शिक्षक बताया जा रहा है। इन लोगों ने पूरा नेटवर्क संचालित कर रखा था, जो किसी भी तरह के शैक्षिक व अन्य फर्जी प्रमाणपत्र बनवा देते थे। पुलिस को कई दिन से गैंग के बारे में सूचना मिल रही थी। पूरी प्लानिंग के साथ अमित को जालसाजी करते पकड़ा गया। उसके दोनों साथी भी अपराध में बराबर के हकदार हैं। इन्हें जल्दी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 

इंस्पेक्टर सुभाषनगर हरीश चंद्र जोशी ने बताया कि वह कई दिन से गैंग को सबूत समेत गिरफ्तार करने में लगे थे। उन्होंने अपने पुलिसकर्मी को सादा कपड़ों में मढ़ीनाथ के महेश नाम के व्यक्ति का रिश्तेदार बताकर उसकी आठवीं कक्षा का रिजल्ट बनवाने अमित के पास भेजा था। अमित ने पंद्रह सौ में सौदा किया और अच्छे नंबर से पास का रिजल्ट बनाकर दे दिया। यह जानने की कोशिश भी नहीं की कि महेश की कई साल पहले मृत्यु हो चुकी है। सबूत हाथ आने के बाद उसे पकड़ लिया गया। उन्होंने घटनाक्रम की वीडियो भी बनवाई।

कितने पास कराए, कितनों की नौकरी लगाई, अब जांच होगी
एसपी सिटी अभिनंदन सिंह के मुताबिक ये लोग यूपी बोर्ड से लेकर विश्वविद्यालय और  अन्य प्रकार की मार्कशीट अधिकतम दो हजार रुपये में तैयार कर देते थे। विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्र से लेकर आधार कार्ड तक बनाने का दावा करते थे। प्रदेश और भारत सरकार के होलोग्राम तक इन लोगों ने बनवा रखे थे। इनके प्रमाणपत्रों से कितने लोगों ने फायदा लिया, कितनों की नौकरी लगी या अन्य तरीके का लाभ उठाया, ये जांच की जाएगी। कुछ और भी लोग दोषी पाए गए तो उन पर भी कार्रवाई होगी।

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