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मंडी के अंदर टैक्स और बाहर वाले सबसे मुक्त.. स्टाफ परेशान

Thu, 11 Jun 2020 01:50 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2020 01:50 AM IST
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Tax and taxis inside the market are the most exempt. Staff upset
बरेली की गल्ला मंडी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

बाहर कारोबार करने पर लाइसेंस भी जरूरी नहीं
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अधिसूचना जारी, मंडी परिषद ने पांच जून से लागू
व्यापारी बोले- कारोबार बढ़ेगा और किसानों को होगा फायदा

बरेली। मंडी से बाहर करने वाले किसान और व्यापारियों के लिए अब मंडी शुल्क नहीं देना होगा। केंद्र सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत मंडी परिषद ने सभी मंडी अफसरों से कहा है कि इस पर तुरंत कार्ययोजना बनाकर टिप्पणी भी दें। कारोबारियों ने इस पर खुशी जताई है। उनका कहना है कि इससे कारोबार और ज्यादा होगा। हालांकि मंडी स्टाफ इस व्यवस्था से परेशान दिख रहे हैं।
मंडी परिषद अधिनियम में अधिसूचित जिंस खाद्यान्न, सब्जी-फल आदि कारोबार करना आसान कर दिया है। इसके तहत मंडी टैक्स नहीं लगेगा और लाइसेंस की भी कोई जरूरत नहीं होगी। मंडी परिषद ने नई व्यवस्था पांच जून से लागू करने के निर्देश दिए हैं साथ ही सभी अधिकारियों से इस पर टिप्पणियां भी मांगी है। माना जा रहा है कि नई व्यवस्था से करोड़ों रुपये का राजस्व भी प्रभावित होगा। हालांकि इस पर अभी अलग से नियम और अधिनियम राज्य सरकार बना सकती है। नई व्यवस्था देश भर में लागू होने से करोड़ों किसान और व्यापारियों को फायदा होगा। इस संबंध में मंडी उप निदेशक प्रशासन शिवमंगल सिंह चंदेल ने विभागीय समीक्षा कर प्रभावित होने वाले संभावित राजस्व का आंकलन किया। बरेली मंडल में दो सौ करोड़ रुपये हर वर्ष मंडी टैक्स आता है। प्रदेश भर में इसका आंकड़ा दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है। नई व्यवस्था लागू होने से राजस्व वसूली प्रभावित होगी इसलिए विभाग में कवायद भी शुरू हो गई है।
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लाइसेंस भी जरूरी नहीं
नई व्यवस्था में मंडी लाइसेंस जरूरी नहीं होगा। इसके बदले में ई-पंजीकरण कराने की योजना है। मंडी परिषद अफसर इस पर अभी अध्ययन कर रहे हैं। मंडी निदेशक जेपी सिंह ने सभी मंडलीय अफसरों और मंडी सचिव से आख्या भी मांगी है।
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भारत सरकार से अधिसूचना जारी हो गई है। जो पांच जून से प्रभावी है। मंडी सचिवों को निर्देशित कर दिया गया है। इसके तहत मंडी स्थलों से बाहर कारोबार पर मंडी शुल्क व्यवस्था नहीं होगी। लाइसेंस भी जरूरी नहीं है। अभी विस्तृत आदेश भी आना है। - शिव मंगल सिंह चंदेल, उपनिदेशक प्रशासन

सरकार ने कारोबार और किसान हित में फैसला लिया है इससे कामकाज करना आसान होगा। मंडी परिषद का अंकुश भी नहीं होगा इसलिए किसानों को भी उपज का फायदा होगा। - राजू खंडेलवाल, खाद्यान कारोबारी

गल्ला कारोबार हित में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मंडी से बाहर करोड़ों रुपये प्रतिदिन काम होता है। इसका फायदा छोटे-बड़े व्यापारियों को होना तय है। लाइसेंस के नाम पर अव्यवस्था पर अंकुश लगेगा। - मुख्त्यार मंसूरी, गल्ला व्यापारी

45 फल-सब्जी पहले से ही टैक्स फ्री हो गई हैं। मंडी स्थल से बाहर काम करना भी टैक्स फ्री हो गया है। तो मंडी परिसर में काम करने वालों से 2.5 प्रतिशत मंडी शुल्क वसूल करने का कोई औचित्य नहीं है। किसान और कारोबार हित में इसे कम किया जाए। - शुजारहमान, अध्यक्ष थोक मंडी एसोसिएशन

फैसले का स्वागत

उद्योग व्यापार मंडल ने बैठक कर मंडी से बाहर कारोबार टैक्स फ्री करने का स्वागत किया है। राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह पुरानी मांग थी। दुर्गेश खटवानी, संजीव चांदना, गुलशन सब्बरवाल आदि ने विचार व्यक्त किए। व्यापारी कल्याण बोर्ड सदस्य पवन अरोरा, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष ऋतुराज बास, व्यापारी नेता अवधेश अग्रवाल आदि ने कहा है कि इससे कारोबारी और किसान को फायदा होगा।
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