{"_id":"59f0f95a4f1c1bd9798b8541","slug":"tanker-driver-saved-life","type":"story","status":"publish","title_hn":"टैंकर चालक ने जान देकर बचा लीं सैकड़ों जिंदगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टैंकर चालक ने जान देकर बचा लीं सैकड़ों जिंदगी
बरेली
Updated Thu, 26 Oct 2017 02:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गौसगंज रेलवे फाटक पर शायद मौत ही आईओसी के टैंकर चालक सोहनलाल का इंतजार कर रही थी। वर्ना जिस तरह दूर से ट्रेन आते देख क्लीनर शैलेंद्र ने टैंकर से छलांग लगाकर कूद गया था, उसी तरह सोहनलाल भी कूदकर जान बचा सकते थे लेकिन उन्होंने अपनी जान देकर राज्यरानी में सवार सैकड़ों मुसाफिरों की जान बचा ली। वह मरते दम तक टैंकर को रेलवे क्रॉसिंग से निकालने की कोशिश करते रहे।
दुर्घटना के चश्मदीद टैंकर के क्लीनर शैलेंद्र ने बताया कि वह उस्ताद सोहनलाल के साथ टैंकर में बैठा था। गौसगंज फाटक खुला हुआ था। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि ट्रेन आने वाली है। सोहनलाल ने टैंकर आगे बढ़ा दिया। उनके आगे भी एक पेट्रोल टैंकर था जिसके आगे एक दूध का टैंकर भी चल रहा था। रेलवे फाटक खुला होने के कारण दूध का टैंकर आगे बढ़ने के बाद रेलवेे लाइन के पास खड़ा हो गया। उसके पास और भी कई टैंकर खडे़ थे। उनका टैंकर रेलवे लाइन पार कर ही रहा था,इसी बीच पीतांबरपुर की तरफ से ट्रेन आती दिखाई दी। इस पर रेलवे फाटक पर तैनात यामीन ने दूध के टैंकर के ड्राइवर से आगे बढ़ने को कहा। वह भी सोहनलाल के कहते ही अपने टैंकर से कूदकर आगे खडे़ दूध के टैंकर को बढ़वाने की कोशिश करने लगा। वह सोहनलाल से भी कूद जाने के लिए कहता रहा लेकिन वह टैंकर को क्रॉसिंग से निकालने का प्रयास करते रहे। सोहनलाल ने उससे कहा कि टैंकर में पेट्रोल और डीजल दोनों हैं, रेलवे लाइन पर छोड़ा तो ट्रेन में आग लग जाएगी। ट्रेन में सफर करने वालों की किस्मत अच्छी थी। हादसे के दौरान चिंगारियां भी निकलीं, लेकिन उनकी जान महफूज रही।
फोटो---
परिवार में मचा कोहराम
टैंकर चालक सोहनलाल गुप्ता की मौत से उनके परिवार मेें कोहराम मचा हुआ है। 199 गणेशनगर, सुभाषनगर में रहने वाले सोहनलाल की पत्नी किरन गुप्ता का बुरा हाल है। तीन बेटियों में मंजू और अंजू की सोहनलाल ने शादी कर दी थी। छोटी बेटी आरती के अलावा बेटा अजय गुप्ता और संजय गुप्ता हैं। सोहनलाल के रिश्तेदार धर्मपाल गुप्ता ने बताया कि वह बेहद अच्छे स्वभाव के थे। अंतिम समय तक लोगों की जान बचाने में लगे रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
दुर्घटना के चश्मदीद टैंकर के क्लीनर शैलेंद्र ने बताया कि वह उस्ताद सोहनलाल के साथ टैंकर में बैठा था। गौसगंज फाटक खुला हुआ था। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि ट्रेन आने वाली है। सोहनलाल ने टैंकर आगे बढ़ा दिया। उनके आगे भी एक पेट्रोल टैंकर था जिसके आगे एक दूध का टैंकर भी चल रहा था। रेलवे फाटक खुला होने के कारण दूध का टैंकर आगे बढ़ने के बाद रेलवेे लाइन के पास खड़ा हो गया। उसके पास और भी कई टैंकर खडे़ थे। उनका टैंकर रेलवे लाइन पार कर ही रहा था,इसी बीच पीतांबरपुर की तरफ से ट्रेन आती दिखाई दी। इस पर रेलवे फाटक पर तैनात यामीन ने दूध के टैंकर के ड्राइवर से आगे बढ़ने को कहा। वह भी सोहनलाल के कहते ही अपने टैंकर से कूदकर आगे खडे़ दूध के टैंकर को बढ़वाने की कोशिश करने लगा। वह सोहनलाल से भी कूद जाने के लिए कहता रहा लेकिन वह टैंकर को क्रॉसिंग से निकालने का प्रयास करते रहे। सोहनलाल ने उससे कहा कि टैंकर में पेट्रोल और डीजल दोनों हैं, रेलवे लाइन पर छोड़ा तो ट्रेन में आग लग जाएगी। ट्रेन में सफर करने वालों की किस्मत अच्छी थी। हादसे के दौरान चिंगारियां भी निकलीं, लेकिन उनकी जान महफूज रही।
विज्ञापन
फोटो---
परिवार में मचा कोहराम
टैंकर चालक सोहनलाल गुप्ता की मौत से उनके परिवार मेें कोहराम मचा हुआ है। 199 गणेशनगर, सुभाषनगर में रहने वाले सोहनलाल की पत्नी किरन गुप्ता का बुरा हाल है। तीन बेटियों में मंजू और अंजू की सोहनलाल ने शादी कर दी थी। छोटी बेटी आरती के अलावा बेटा अजय गुप्ता और संजय गुप्ता हैं। सोहनलाल के रिश्तेदार धर्मपाल गुप्ता ने बताया कि वह बेहद अच्छे स्वभाव के थे। अंतिम समय तक लोगों की जान बचाने में लगे रहे।
विज्ञापन