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स्वाइन फ्लू की प्राइवेट जांच न करें
बरेली
Updated Sat, 28 Feb 2015 01:16 AM IST
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डेंगू की तरह अब स्वाइन फ्लू के प्रकोप के नाम पर हौव्वा खड़ा करने की पुष्टि होने के बाद जिले में सभी पंजीकृत 100 पैथोलॉजी लैबों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। उनको ताकीद की गई है कि लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई की लैब में पाजिटिव पाए जाने वाले मरीजों को स्वास्थ्य विभाग दवा देगा, अन्य किसी भी मरीज को नहीं। खुले बाजार में इस रोग की दवा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में निजी लैब या निजी प्रैक्टिशनर की स्वाइन फ्लू की पुष्टि संबंधी रिपोर्ट अवैध होगी। ऐसा करने वाले निजी लैब संचालकों एवं चिकित्सकों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई होगी। उनका रजिस्ट्रेशन निलंबित या खारिज करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।
सीएमओ डा. विजय यादव ने बताया कि बीते बुधवार को शहर के सिविल लाइंस निवासी दो लोगों को स्वाइन फ्लू का संदिग्ध मरीज मान कर लाल पैथोलॉजी ने सैंपल लेकर जांच की और उन्हें पॉजिटिव बताया। उसके बाद उन्हीं दो मरीजों का जिला अस्पताल की टीम ने भी सैंपल लेकर एसजीपीजीआई लैब भेजा। वहां से शुक्रवार की सुबह दोनों मामलों में रिपोर्ट निगेटिव आई है। मरीजों को भ्रमित कर दहशत फैलाने वाले निजी लैब और निजी चिकित्सकों के रैकेट के खिलाफ कड़ा फैसला लिया गया है। हालांकि उन्होंने या स्वास्थ्य विभाग वालों ने दूसरी किसी लैब का नाम सार्वजनिक नहीं किया है लेकिन आठ अन्य संदिग्ध मरीजों के सैंपल दूसरे निजी पैथोलॉजी लैब में भी लिए जाने की सूचना है।
सीएमओ ने सभी निजी लैब संचालकों को नोटिस जारी कर दिया है कि अगर उनके यहां कोई भी स्वाइन फ्लू का संदिग्ध मरीज सैंपल जांच कराने को आए तो उसका सैंपल वह भले ही जांचें लेकिन उसका एक सैंपल जिला अस्पताल को भी दें क्योंकि वही मान्य होगा। मरीज के बारे में ई- मेल पर नहीं बल्कि तत्काल स्वास्थ्य विभाग को हार्ड कापी में सूचित करना अनिवार्य कर दिया गया है कि ताकि मरीज का तत्काल स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में तय स्थानों पर समुचित चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ इलाज हो सके।
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इम्यूनिटी पावर रखो स्ट्रांग और दूर रहो स्वाइन फ्लू से
स्वाइन फ्लू से दूर रहना है तो अपनी दिनचर्या को ऐसी बनाइए कि आपको रोग छू न सकें। साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाकर रखिए। जिला अस्पताल के आयुष विंग में भी मरीजाें की संख्या बढ़ गई है। यहां आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी और योग के चिकित्सकों से लोग सलाह मशविरा ले रहे हैं। पहले जहां 20 से 30 मरीज रोजाना आ रहे थे, वहीं अब इनकी संख्या 80 पहुंच गई है। आयुर्वेद और योग में सबसे अधिक मरीज आ रहे हैं। योगा डॉक्टर अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि अगर हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता जरा भी कमजोर हुई तो रोग जकड़ेंगे, इसमें से एक स्वाइन फ्लू भी है। इसलिए अधिक से अधिक पानी पीकर विकार को नष्ट करें और फल और सब्जी का सेवन अधिक करें। उन्होंने कहा कि षष्ठ क्रम करने के साथ काढे़ का प्रयोग करें। इसमें नीम, गिलोय और आंवला को शामिल कर सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. इंद्रेश गुप्ता ने बताया कि हल्का और सुपाच्य भोजन करें और बाहर की वस्तुआें को बिल्कुल न कह दें।
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सीएमओ डा. विजय यादव ने बताया कि बीते बुधवार को शहर के सिविल लाइंस निवासी दो लोगों को स्वाइन फ्लू का संदिग्ध मरीज मान कर लाल पैथोलॉजी ने सैंपल लेकर जांच की और उन्हें पॉजिटिव बताया। उसके बाद उन्हीं दो मरीजों का जिला अस्पताल की टीम ने भी सैंपल लेकर एसजीपीजीआई लैब भेजा। वहां से शुक्रवार की सुबह दोनों मामलों में रिपोर्ट निगेटिव आई है। मरीजों को भ्रमित कर दहशत फैलाने वाले निजी लैब और निजी चिकित्सकों के रैकेट के खिलाफ कड़ा फैसला लिया गया है। हालांकि उन्होंने या स्वास्थ्य विभाग वालों ने दूसरी किसी लैब का नाम सार्वजनिक नहीं किया है लेकिन आठ अन्य संदिग्ध मरीजों के सैंपल दूसरे निजी पैथोलॉजी लैब में भी लिए जाने की सूचना है।
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स्वाइन फ्लू से दूर रहना है तो अपनी दिनचर्या को ऐसी बनाइए कि आपको रोग छू न सकें। साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाकर रखिए। जिला अस्पताल के आयुष विंग में भी मरीजाें की संख्या बढ़ गई है। यहां आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी और योग के चिकित्सकों से लोग सलाह मशविरा ले रहे हैं। पहले जहां 20 से 30 मरीज रोजाना आ रहे थे, वहीं अब इनकी संख्या 80 पहुंच गई है। आयुर्वेद और योग में सबसे अधिक मरीज आ रहे हैं। योगा डॉक्टर अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि अगर हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता जरा भी कमजोर हुई तो रोग जकड़ेंगे, इसमें से एक स्वाइन फ्लू भी है। इसलिए अधिक से अधिक पानी पीकर विकार को नष्ट करें और फल और सब्जी का सेवन अधिक करें। उन्होंने कहा कि षष्ठ क्रम करने के साथ काढे़ का प्रयोग करें। इसमें नीम, गिलोय और आंवला को शामिल कर सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. इंद्रेश गुप्ता ने बताया कि हल्का और सुपाच्य भोजन करें और बाहर की वस्तुआें को बिल्कुल न कह दें।