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ऐसा स्पीड ब्रेकर.. लौट रहे थे घर, पहुंच गए अस्पताल
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आवास विकास रोड पर बैंक ऑफ बड़ौदा के बराबर वाली सड़क पर उंचे बने स्पीड ब्रेकर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
रामपुर बाग में आठ इंच ऊंचे स्पीड ब्रेकर पर उछलकर गिरी स्कूटी, महिला के कंधे की हड्डी टूटी
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बगैर उचित ढलान दिए बना दिए स्पीड ब्रेकर, पेंट भी नहीं कराया
लोगों के मुताबिक रोज होते हैं हादसे मगर नहीं सुनते निगम अफसर
बरेली। शहर के लोग सड़कों पर चलते वक्त अजीबोगरीब हालात का सामना कर रहे हैं। कहीं बेतहाशा गड्ढों की वजह से चलना मुश्किल है तो कहीं स्पीड ब्रेकर इतने ऊंचे बना दिए गए हैं जिनकी वजह से दुर्घटनाएं हो रही हैं। रामपुर बाग में बनाए गए ऐसे ही स्पीड ब्रेकर की वजह से स्कूटी से गिरी महिला के कंधे की हड्डी टूट गई। आसपास के लोगों के मुताबिक हाल ही में बनाए इस स्पीड ब्रेकर पर नगर निगम ने पेंट भी नहीं कराया जिसकी वजह से रात में दोपहिया वाहन लेकर गुजरते समय अक्सर लोग दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं।
विकास भवन के सामने बैंक ऑफ बड़ौदा के पास से रामपुर बाग के अंदर जा रहे रास्ते पर नगर निगम ने कुछ समय पहले ही दो स्पीड ब्रेकर बनाए हैं। दोनों स्पीड ब्रेकर की ऊंचाई करीब आठ इंच है। उन पर स्लोप न दिए जाने की वजह से सड़क पर गुजरते वक्त तेज ठोकर लगने जैसा एहसास होता है। इन स्पीड ब्रेकरों पर पेंट भी नहीं किया गया है जिस कारण रात में उन्हें दूर से देख पाना मुश्किल होता है। रविवार को पत्नी मीरा के साथ श्यामगंज की ओर आ रहे श्याम की स्कूटी का इन्हीं स्पीड ब्रेकर पर कूदने की वजह से संतुलन बिगड़ा तो मीरा नीचे जा गिरीं और उनके कंधे की हड्डी टूट गई।
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घर लौट रहे पति-पत्नी को अस्पताल जाना पड़ा। आसपास के लोगों ने बताया कि नगर निगम कर्मचारियों ने यहां ईंट लगाकर स्पीड ब्रेकर बना दिए हैं। आए दिन कोई न कोई यहां गिरकर घायल हो जाता है। वाहनों की ठोकर लगने से स्पीड ब्रेकर क्षतिग्रस्त होकर और ज्यादा खतरनाक हो चुके हैं। लोगों ने बताया कि इस बारे में नगर निगम के अफसरों से भी शिकायत की गई है लेकिन फिर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया। रफ्तार में गुजरते वक्त किसी दिन यहां बड़ा हादसा भी हो सकता है।
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स्पीड ब्रेकर की ऊंचाई ज्यादा है तो उसे ठीक कराकर मानक के अनुरूप दोबारा बनवाया जाएगा। - भूपेश कुमार सिंह, मुख्य अभियंता नगर निगम
ये हैं स्पीड ब्रेकर बनाने के मानक
लोक निर्माण विभाग से जुड़े एक अभियंता के मुताबिक स्पीड ब्रेकर की अधिकतम ऊंचाई 4 इंच होनी चाहिए। ब्रेकर के दोनों ओर 2-2 मीटर का स्लोप दिया जाए ताकि वाहन स्लो होकर बगैर झटका खाए निकल जाए। 6 से 8 इंच तक ऊंचाई वाले और बगैर स्लोप के ब्रेकर नहीं बनाए जाने चाहिए। स्पीड ब्रेकर के पहले चेतावनी चिंह् लगे होने चाहिए। साथ ही ब्रेकर में सफेद या पीला पेंट व रेडियम होना चाहिए। जिससे दिन या रात में ब्रेकर दूर से ही वाहन चालकों को नजर आ जाए और वह किसी भी घटना से बचे रहें।
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बगैर उचित ढलान दिए बना दिए स्पीड ब्रेकर, पेंट भी नहीं कराया
लोगों के मुताबिक रोज होते हैं हादसे मगर नहीं सुनते निगम अफसर बरेली। शहर के लोग सड़कों पर चलते वक्त अजीबोगरीब हालात का सामना कर रहे हैं। कहीं बेतहाशा गड्ढों की वजह से चलना मुश्किल है तो कहीं स्पीड ब्रेकर इतने ऊंचे बना दिए गए हैं जिनकी वजह से दुर्घटनाएं हो रही हैं। रामपुर बाग में बनाए गए ऐसे ही स्पीड ब्रेकर की वजह से स्कूटी से गिरी महिला के कंधे की हड्डी टूट गई। आसपास के लोगों के मुताबिक हाल ही में बनाए इस स्पीड ब्रेकर पर नगर निगम ने पेंट भी नहीं कराया जिसकी वजह से रात में दोपहिया वाहन लेकर गुजरते समय अक्सर लोग दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं।
विकास भवन के सामने बैंक ऑफ बड़ौदा के पास से रामपुर बाग के अंदर जा रहे रास्ते पर नगर निगम ने कुछ समय पहले ही दो स्पीड ब्रेकर बनाए हैं। दोनों स्पीड ब्रेकर की ऊंचाई करीब आठ इंच है। उन पर स्लोप न दिए जाने की वजह से सड़क पर गुजरते वक्त तेज ठोकर लगने जैसा एहसास होता है। इन स्पीड ब्रेकरों पर पेंट भी नहीं किया गया है जिस कारण रात में उन्हें दूर से देख पाना मुश्किल होता है। रविवार को पत्नी मीरा के साथ श्यामगंज की ओर आ रहे श्याम की स्कूटी का इन्हीं स्पीड ब्रेकर पर कूदने की वजह से संतुलन बिगड़ा तो मीरा नीचे जा गिरीं और उनके कंधे की हड्डी टूट गई।
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घर लौट रहे पति-पत्नी को अस्पताल जाना पड़ा। आसपास के लोगों ने बताया कि नगर निगम कर्मचारियों ने यहां ईंट लगाकर स्पीड ब्रेकर बना दिए हैं। आए दिन कोई न कोई यहां गिरकर घायल हो जाता है। वाहनों की ठोकर लगने से स्पीड ब्रेकर क्षतिग्रस्त होकर और ज्यादा खतरनाक हो चुके हैं। लोगों ने बताया कि इस बारे में नगर निगम के अफसरों से भी शिकायत की गई है लेकिन फिर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया। रफ्तार में गुजरते वक्त किसी दिन यहां बड़ा हादसा भी हो सकता है।
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स्पीड ब्रेकर की ऊंचाई ज्यादा है तो उसे ठीक कराकर मानक के अनुरूप दोबारा बनवाया जाएगा। - भूपेश कुमार सिंह, मुख्य अभियंता नगर निगम