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ऐसे भी दुनियां में आते हैं बच्चे
बरेली
Updated Fri, 30 Jan 2015 12:52 AM IST
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गुवाहाटी एक्सप्रेस में बृहस्पतिवार को एक महिला ने कई घंटे तड़पने के बाद बच्चे को जन्म दिया। ट्रेन में कोई सुविधाएं तो थी नहीं, कोच में मौजूद महिलाओं ने प्रसव कराया। यहां जंक्शन पर उसे ट्रेन से उतारा गया। एक नर्स भी आयी और फिर प्रसूता को उसका एक टेंपो में बैठा कर घर ले गया।
मीरानपुर कटरा (शाहजहांपुर) इलाके के बाजपुर कुमरखा गांव निवासी दिलीप कुमार दिल्ली में मजदूरी करता है। बृहस्पतिवार को वह पत्नी रागिनी के साथ गुवाहाटी एक्सप्रेस में दिल्ली से शाहजहांपुर जा रहा था। दिलीप जनरल बोगी और रागिनी महिला कोच में बैठी थी। हापुड़ के पास रागिनी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उसे तड़पते देख कोच में मौजूद अन्य महिला यात्रियों ने टीटीई को बताया। मुरादाबाद स्टेशन गुजर गया कोई मदद नहीं मिली। ट्रेन रामपुर से भी आगे बढ़ गई तो कोच में मौजूद महिलाओं की मदद से रागिनी ने बेटे को जन्म दिया। दोपहर करीब डेढ़ बजे ट्रेन बरेली जंक्शन पहुंची तो यात्रियों की मदद से दिलीप ने पत्नी को एक नंबर प्लेटफार्म पर उतारकर नीचे लिटा दिया। डिप्टी एसएस की सूचना पर रेलवे अस्पताल से नर्स प्रसूता को देखने पहुंची जरूर मगर किसी ने एंबुलेंस नहीं बुलाई। दिलीप पत्नी को किराए के टेंपो में लेकर अपने गांव चला गया।
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मीरानपुर कटरा (शाहजहांपुर) इलाके के बाजपुर कुमरखा गांव निवासी दिलीप कुमार दिल्ली में मजदूरी करता है। बृहस्पतिवार को वह पत्नी रागिनी के साथ गुवाहाटी एक्सप्रेस में दिल्ली से शाहजहांपुर जा रहा था। दिलीप जनरल बोगी और रागिनी महिला कोच में बैठी थी। हापुड़ के पास रागिनी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उसे तड़पते देख कोच में मौजूद अन्य महिला यात्रियों ने टीटीई को बताया। मुरादाबाद स्टेशन गुजर गया कोई मदद नहीं मिली। ट्रेन रामपुर से भी आगे बढ़ गई तो कोच में मौजूद महिलाओं की मदद से रागिनी ने बेटे को जन्म दिया। दोपहर करीब डेढ़ बजे ट्रेन बरेली जंक्शन पहुंची तो यात्रियों की मदद से दिलीप ने पत्नी को एक नंबर प्लेटफार्म पर उतारकर नीचे लिटा दिया। डिप्टी एसएस की सूचना पर रेलवे अस्पताल से नर्स प्रसूता को देखने पहुंची जरूर मगर किसी ने एंबुलेंस नहीं बुलाई। दिलीप पत्नी को किराए के टेंपो में लेकर अपने गांव चला गया।
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